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Rohtak News: जैन मंदिरों में मनाया भगवान महावीर का निर्वाण महोत्सव
Sat, 02 Nov 2024 03:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 02 Nov 2024 03:07 AM IST
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बहादुरगढ़। शहर के सभी जैन मंदिरों में भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम दौरान भगवान को चीनी से बने हुए लड्डू का नैवेद्य अर्पित करते हुए पूजा अर्चना की गई।
अनाजमंडी पांडूशिला प्रधान सुनील जैन, संजय जैन, अरविंद जैन, विजय जैन, नितिन जैन, विनोद जैन, अरुण जैन, नरेंद्र जैन ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर भगवान महावीर की पूजा की। प्रधान सुनील जैन ने कहा कि भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें व अंतिम तीर्थंकर हैं। महावीर स्वामी ने कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन ही स्वाति नक्षत्र में कैवल्य ज्ञान प्राप्त करके निर्वाण प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष दीपावली के दिन जैन धर्म में दीपमालिका सजाकर भगवान महावीर का निर्वाणोत्सव मनाया जाता है। भगवान महावीर के दिव्य संदेश जियो और जीने दो को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रति वर्ष कार्तिक अमावस्या को दीपक जलाए जाते हैं। इस दौरान भगवान महावीर से कृपा प्रसाद प्राप्ति हेतु लड्डूओं का नैवेद्य अर्पित किया जाता है। इसे निर्वाण लाडू कहा जाता है।
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अनाजमंडी पांडूशिला प्रधान सुनील जैन, संजय जैन, अरविंद जैन, विजय जैन, नितिन जैन, विनोद जैन, अरुण जैन, नरेंद्र जैन ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर भगवान महावीर की पूजा की। प्रधान सुनील जैन ने कहा कि भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें व अंतिम तीर्थंकर हैं। महावीर स्वामी ने कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन ही स्वाति नक्षत्र में कैवल्य ज्ञान प्राप्त करके निर्वाण प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष दीपावली के दिन जैन धर्म में दीपमालिका सजाकर भगवान महावीर का निर्वाणोत्सव मनाया जाता है। भगवान महावीर के दिव्य संदेश जियो और जीने दो को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रति वर्ष कार्तिक अमावस्या को दीपक जलाए जाते हैं। इस दौरान भगवान महावीर से कृपा प्रसाद प्राप्ति हेतु लड्डूओं का नैवेद्य अर्पित किया जाता है। इसे निर्वाण लाडू कहा जाता है।
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