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Rohtak News: एमफिल साइकियाट्रिक सोशल वर्क के विद्यार्थियों ने दिया धरना

Tue, 03 Jun 2025 02:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Tue, 03 Jun 2025 02:42 AM IST
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MPhil Psychiatric Social Work students staged a sit-in protest
रोहतक। एमफिल साइकियाट्रिक सोशल वर्क के विद्यार्थियों ने सोमवार को संस्थान में हो रहे अन्याय और प्रशासन की लगातार उपेक्षा के विरोध में एक शांतिपूर्ण सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने अपनी छह प्रमुख मांगों को रखते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
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छात्रों ने कहा कि यदि अब भी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वह सामूहिक रूप से कोर्स छोड़ने पर विवश होंगे। साथ ही, वे राज्य मानवाधिकार आयोग, यूजीसी और न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। छात्रों ने कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जाए और समयबद्ध समाधान किया जाए, ताकि वे अपनी पढ़ाई शांति और सम्मान के साथ पूरी कर सकें।
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छात्रों की मुख्य मांगें

छात्रों पर बिना पूर्व सूचना या रिमाइंडर के मनमाना फाइन लगाया गया है, जिसे वे अन्यायपूर्ण मानते हैं और तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं। भविष्य में किसी भी प्रकार की शुल्क, फाइन या अन्य शैक्षणिक या प्रशासनिक जानकारी केवल आधिकारिक नोटिस या ई-मेल के माध्यम से देने की मांग की गई है।
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छात्रों ने आरोप लगाया कि कई बार मांगने के बावजूद संस्थान उनके मूल प्रपत्र वापस नहीं कर रहा, जबकि यूजीसी और उच्च न्यायालय के आदेश स्पष्ट रूप से इसके विरुद्ध हैं। एक छात्र पर एसी उपयोग को लेकर झूठा आरोप लगाया गया, जबकि संस्थान के 2024 के दस्तावेज स्वयं स्वीकार करते हैं कि छात्र ने एसी का प्रयोग नहीं किया था।
इस आरोप के चलते छात्र को मानसिक तनाव झेलना पड़ा। प्रशासनिक विवादों के कारण पढ़ाई प्रभावित हुई है, छात्रों ने एक माह का अतिरिक्त समय मांगा है ताकि वे शैक्षणिक कार्य जैसे केस रिपोर्ट और फाइल आदि समय से पूर्ण कर सकें।


प्रशासन पर गंभीर आरोप

छात्रों ने आरोप लगाया है कि वे पिछले एक महीने से लगातार विभागाध्यक्ष, डीन, डायरेक्टर और कुलपति तक अपनी शिकायतें लिखित में दे रहे हैं, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके विपरीत, उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जा रहा है, दबाव डाला जा रहा है और झूठे आरोपों के जरिए उन्हें चुप कराने की कोशिश हो रही है।
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