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Rohtak News: भिवानी में होने वाले महापड़ाव में हिस्सा लेंगी मिड-डे मील वर्कर्स
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14...रोहतक में भिवानी के तीन दिवसीय जोनल महापड़ाव की तैयारियों को लेकर बैठक करतीं मिड-डे मील वर
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। भिवानी में होने वाले तीन दिवसीय जोनल पड़ाव को लेकर जिले की मिड-डे मील वर्कर्स हिस्सा लेंगी। मिड-डे मील वर्कर्स ने केंद्र सरकार के परियोजना कर्मियों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने के खिलाफ 7 दिसंबर के महापड़ाव की तैयारी को लेकर वीरवार को बैठक की।
मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा (सीटू) की जिला प्रधान बबीता ने कहा कि वर्ष 2025 में आईसीडीएस ने 50 वर्ष, एमडीएम योजना ने 30 वर्ष और एनएचएम ने 20 वर्ष पूरे किए हैं। 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन के बाद स्कीम वर्कर्स को नियमित करने, न्यूनतम वेतन व सामाजिक सुरक्षा की अनुशंसा किए हुए एक दशक से अधिक समय बीत चुका है।
इस बीच सर्वोच्च न्यायालय ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रेच्युटी देने का आदेश दिया है। सरकार ने मार्च 2025 की शुरुआत में आशा वर्कर्स के निश्चित वेतन में वृद्धि की घोषणा की थी लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।
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कोषाध्यक्ष प्रकाशचंद्र ने कहा कि डिजिटलीकरण के नाम पर सरकार योजनाओं के हकदारों को समाप्त करने में लगी है। बजट कटौती और वेतन का भुगतान न होना आम बात हो गई है। इन योजनाओं में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवंटन भी लंबे समय से नहीं बढ़ाया गया है। बैठक में जिला सचिव रीना, राजबाला, सरला, सुनीता, भारती, कमलेश, विमला व शीला आदि मौजूद रही।
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रोहतक। भिवानी में होने वाले तीन दिवसीय जोनल पड़ाव को लेकर जिले की मिड-डे मील वर्कर्स हिस्सा लेंगी। मिड-डे मील वर्कर्स ने केंद्र सरकार के परियोजना कर्मियों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने के खिलाफ 7 दिसंबर के महापड़ाव की तैयारी को लेकर वीरवार को बैठक की।
मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा (सीटू) की जिला प्रधान बबीता ने कहा कि वर्ष 2025 में आईसीडीएस ने 50 वर्ष, एमडीएम योजना ने 30 वर्ष और एनएचएम ने 20 वर्ष पूरे किए हैं। 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन के बाद स्कीम वर्कर्स को नियमित करने, न्यूनतम वेतन व सामाजिक सुरक्षा की अनुशंसा किए हुए एक दशक से अधिक समय बीत चुका है।
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इस बीच सर्वोच्च न्यायालय ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रेच्युटी देने का आदेश दिया है। सरकार ने मार्च 2025 की शुरुआत में आशा वर्कर्स के निश्चित वेतन में वृद्धि की घोषणा की थी लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।
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कोषाध्यक्ष प्रकाशचंद्र ने कहा कि डिजिटलीकरण के नाम पर सरकार योजनाओं के हकदारों को समाप्त करने में लगी है। बजट कटौती और वेतन का भुगतान न होना आम बात हो गई है। इन योजनाओं में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवंटन भी लंबे समय से नहीं बढ़ाया गया है। बैठक में जिला सचिव रीना, राजबाला, सरला, सुनीता, भारती, कमलेश, विमला व शीला आदि मौजूद रही।