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Rohtak News: एमडीयू करेगा 248 कॉलेजों के निरीक्षण को ऑनलाइन, बढ़ेगी पारदर्शिता
Tue, 21 Jul 2026 05:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 21 Jul 2026 05:52 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) अपने 11 जिलों के 248 संबद्ध कॉलेजों के निरीक्षण को ऑनलाइन करेगा। यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर इसके लिए एक ऑनलाइन कॉलेज इंस्पेक्शन पोर्टल विकसित करेगा। यह कदम पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और नकद लेन-देन समाप्त करने के लिए उठाया गया है।
पोर्टल पर निरीक्षण के आवेदन, दस्तावेज अपलोड, फीस जमा करने और रिपोर्ट सहित सभी प्रक्रियाएं होंगी। इससे कॉलेजों के निरीक्षण की निगरानी आसान होगी। प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन कमेटी मौजूदा मैनुअल व्यवस्था की समीक्षा कर डिजिटल रणनीति बनाएगी।
बैठक में ऑनलाइन आवेदन, प्रोफार्मा, दस्तावेज सत्यापन और समिति गठन पर चर्चा होगी। पोर्टल की कार्यात्मक आवश्यकताओं को अंतिम रूप देने के बाद विकास कार्य शुरू होगा। निरीक्षण से जुड़े सभी शुल्क ऑनलाइन जमा होंगे। इससे नकद भुगतान की व्यवस्था खत्म होगी।
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निरीक्षण के दौरान जियो-टैग्ड फोटो और अन्य डिजिटल साक्ष्य अपलोड किए जाएंगे। इससे निरीक्षण की वास्तविकता की पुष्टि आसान होगी और जवाबदेही बढ़ेगी।
विवि कंप्यूटर सेंटर बनाएगा पोर्टल
पोर्टल का विकास किसी बाहरी एजेंसी के बजाय यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर स्वयं करेगा। कंप्यूटर सेंटर के निदेशक प्रो. युधवीर सिंह इस समिति की अध्यक्षता करेंगे। समिति में कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल के डीन प्रो. राजेश पूनिया भी सदस्य हैं। विकास नागी, डॉ. कुलदीप सिंह और समुंदर सिंह भी समिति के सदस्य हैं। यह समिति पोर्टल के डिजाइन और निरीक्षण प्रक्रिया के डिजिटल फ्लो को अंतिम रूप देगी।
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) अपने 11 जिलों के 248 संबद्ध कॉलेजों के निरीक्षण को ऑनलाइन करेगा। यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर इसके लिए एक ऑनलाइन कॉलेज इंस्पेक्शन पोर्टल विकसित करेगा। यह कदम पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और नकद लेन-देन समाप्त करने के लिए उठाया गया है।
पोर्टल पर निरीक्षण के आवेदन, दस्तावेज अपलोड, फीस जमा करने और रिपोर्ट सहित सभी प्रक्रियाएं होंगी। इससे कॉलेजों के निरीक्षण की निगरानी आसान होगी। प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन कमेटी मौजूदा मैनुअल व्यवस्था की समीक्षा कर डिजिटल रणनीति बनाएगी।
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बैठक में ऑनलाइन आवेदन, प्रोफार्मा, दस्तावेज सत्यापन और समिति गठन पर चर्चा होगी। पोर्टल की कार्यात्मक आवश्यकताओं को अंतिम रूप देने के बाद विकास कार्य शुरू होगा। निरीक्षण से जुड़े सभी शुल्क ऑनलाइन जमा होंगे। इससे नकद भुगतान की व्यवस्था खत्म होगी।
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निरीक्षण के दौरान जियो-टैग्ड फोटो और अन्य डिजिटल साक्ष्य अपलोड किए जाएंगे। इससे निरीक्षण की वास्तविकता की पुष्टि आसान होगी और जवाबदेही बढ़ेगी।
विवि कंप्यूटर सेंटर बनाएगा पोर्टल
पोर्टल का विकास किसी बाहरी एजेंसी के बजाय यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर स्वयं करेगा। कंप्यूटर सेंटर के निदेशक प्रो. युधवीर सिंह इस समिति की अध्यक्षता करेंगे। समिति में कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल के डीन प्रो. राजेश पूनिया भी सदस्य हैं। विकास नागी, डॉ. कुलदीप सिंह और समुंदर सिंह भी समिति के सदस्य हैं। यह समिति पोर्टल के डिजाइन और निरीक्षण प्रक्रिया के डिजिटल फ्लो को अंतिम रूप देगी।