{"_id":"66f7067aa775770a230294a4","slug":"mdu-family-danced-to-ghazals-rohtak-news-c-17-roh1020-514090-2024-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: गजलों पर झूमा एमडीयू परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: गजलों पर झूमा एमडीयू परिवार
विज्ञापन
27सीटीके20..एमडीयू के राधाकृष्णन सभागार में आयोजित शाम-ए-गजल में प्रस्तुति देते गायक-कलाकार अनि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय परिवार बीती शाम सुरीली तानों से गुलजार हो गया। राधाकृष्णन सभागार में आयोजित शाम-ए-गजल में गायक-कलाकार अनिल सोनी व डाॅ. मुकेश वर्मा ने बेहतरीन गजल प्रस्तुति दी।
छात्र कल्याण कार्यालय के तत्वावधान में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. वेद प्रकाश बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्ष डाॅ. शरणजीत कौर बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में उपस्थित रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने की।
इस सुरीली संध्या का आगाज अनिल सोनी ने गजल- अपने आंखों के समंदर में से की। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र व प्रतिष्ठित गायक अनिल सोनी ने, तुम्हारे शहर का मौसम सुहाना है, हमको किसके गम ने मारा, हंगामा है क्यों बरपा, कल चौदहवीं की रात थी, गजल सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को आत्म विभोर कर दिया।
विज्ञापन
डाॅ. मुकेश वर्मा ने गजल- सफर में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो से अपनी गजल प्रस्तुति की शुरुआत की। इसके बाद, शायरी की है मैंने तिजारत नहीं, प्यार का पहला खत लिखने में, नए घड़े के पानी से सरीखे गजल सुनाकर उपस्थित जन को मंत्रमुग्ध किया। संगीतमय कार्यक्रम का समापन अनिल सोनी की गजल सरकती जाए है रुख से नकाब.. से हुआ।
कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा व प्रो. दिव्या मल्हान ने भी सुंदर गीत सुनाकर कार्यक्रम में संगीतमय योगदान दिया। मुख्य अतिथि डाॅ. वेद प्रकाश ने इस अवसर पर साहित्य-संगीत के जीवन में महत्व को रेखांकित किया। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह मुख्य अतिथि का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रत्येक सप्ताह किया जाएगा। कार्यक्रम में मंच संचालन संगीत विभाग के डाॅ. सौरभ वर्मा ने किया।
इस मौके पर कुलसचिव की पत्नी अरुणा तनेजा विशेष रूप से उपस्थित रही। कार्यक्रम संयोजन डीन, स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा ने किया। मंचीय व्यवस्था संबंधित दायित्व निर्वहन सहायक निदेशक युवा कल्याण डाॅ. प्रताप राठी ने किया। विश्वविद्यालय के शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मी, शोधार्थी, विद्यार्थी कार्यक्रम में शामिल हुए।
विज्ञापन
छात्र कल्याण कार्यालय के तत्वावधान में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. वेद प्रकाश बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्ष डाॅ. शरणजीत कौर बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में उपस्थित रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने की।
विज्ञापन
इस सुरीली संध्या का आगाज अनिल सोनी ने गजल- अपने आंखों के समंदर में से की। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र व प्रतिष्ठित गायक अनिल सोनी ने, तुम्हारे शहर का मौसम सुहाना है, हमको किसके गम ने मारा, हंगामा है क्यों बरपा, कल चौदहवीं की रात थी, गजल सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को आत्म विभोर कर दिया।
विज्ञापन
डाॅ. मुकेश वर्मा ने गजल- सफर में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो से अपनी गजल प्रस्तुति की शुरुआत की। इसके बाद, शायरी की है मैंने तिजारत नहीं, प्यार का पहला खत लिखने में, नए घड़े के पानी से सरीखे गजल सुनाकर उपस्थित जन को मंत्रमुग्ध किया। संगीतमय कार्यक्रम का समापन अनिल सोनी की गजल सरकती जाए है रुख से नकाब.. से हुआ।
कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा व प्रो. दिव्या मल्हान ने भी सुंदर गीत सुनाकर कार्यक्रम में संगीतमय योगदान दिया। मुख्य अतिथि डाॅ. वेद प्रकाश ने इस अवसर पर साहित्य-संगीत के जीवन में महत्व को रेखांकित किया। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह मुख्य अतिथि का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रत्येक सप्ताह किया जाएगा। कार्यक्रम में मंच संचालन संगीत विभाग के डाॅ. सौरभ वर्मा ने किया।
इस मौके पर कुलसचिव की पत्नी अरुणा तनेजा विशेष रूप से उपस्थित रही। कार्यक्रम संयोजन डीन, स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा ने किया। मंचीय व्यवस्था संबंधित दायित्व निर्वहन सहायक निदेशक युवा कल्याण डाॅ. प्रताप राठी ने किया। विश्वविद्यालय के शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मी, शोधार्थी, विद्यार्थी कार्यक्रम में शामिल हुए।