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Rohtak News: अधिकतम एक्यूआई <bha>@</bha>446, जनरेटर, धुआं-धुआं हो रहे ग्रैप 3 के नियम
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रोहतक।
वायु जहरीली हो रही है। सांसों पर संकट गहराता जा रहा है। प्रदूषण के चलते आंखों में जलन व सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है।
मौसम में बदलाव के चलते नमी व धूल कणों ने स्मॉग का रूप ले लिया है। इसके चलते एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) भी 400 पार पहुंच गया है। शनिवार काे अधिकतम एक्यूआई 446 रहा। औसत एक्यूआई 200 दर्ज किया गयाद्ध पराली जलाए जाने व आतिशबाजी के अलावा जनरेटरों, जलते कचरे व वाहनों के धुआं के कारण स्थिति बनी है। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रदूषण फैलाने वालों पर नकेल नहीं कस पा रहा है।
मानव जीवन व धरती के लिए प्रदूषण बड़ा खतरा बनता जा रहा है। यह वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों व आमजन के लिए चिंता का विषय है। जहरीली होती प्राणवायु हमें दबे पांव बीमार बना रही है। इसके शुरुआती दुष्प्रभावों के चलते आंखों में जलन व सांस में तकलीफ के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पीजीआई पल्मोनरी एंड क्रिटिकल विभाग में 30 से 35 सांस की तकलीफ वाले मरीज रोजाना आ रहे हैं। यही नहीं, रोजाना तीन से पांच केस भर्ती करने की जरूरत वाले आ रहे हैं। नेत्र रोग विभाग में भी ओपीडी 350 से बढ़कर 400 पार पहुंच गई है। इसमें करीब 30 प्रतिशत मरीज आंखों में जलन, खारिश व लाल होने की शिकायत वाले होते हैं।
200 से ऊपर एक्यूआई हानिकारक
स्वास्थ्य की दृष्टि से 200 से ऊपर एक्यूआई हानिकारक है। यह पिछले तीन चार दिनों से 300 से 500 के बीच बना हुआ है। यह गंभीर स्थिति स्वास्थ्य चिंताओं को बढ़ा रही है।
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स्मॉग ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी
सर्दी के मौसम में नमी बढ़ने लगी है। इस कारण अगल सुबह या देर रात कोहरा छाने लगता है। इस मौसम में प्रदूषण के कारण हवा में उड़ते धूल कण नमी से मिलकर स्मॉग का निर्माण करते हैं। नमी से भरी हुए धूल कण कोहरे की चादर की तरह जमीन की स्तर पर लंबे समय तक बने रहते हैं। ये तेज हवा या बारिश के बाद ही छंटते हैं। इस मौसम में आंखों में जलन व सांस रोगियों की बढ़ी संख्या बढ़ गई है।
डॉ. ध्रुव चौधरी, अध्यक्ष, पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर, पीजीआईएमएस।
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धड़ल्ले से हो रहा भवन निर्माण कार्य, कार्रवाई शून्य
ग्रैप तीन लागू होेन के बाद भी भवन निर्माण कार्य धड़ल्ले चल रहे हैं। शहर के सुखपुरा चौक, दिल्ली रोड, फ्रेंड्स कॉलोनी, मॉडल टाउन समेत अनेक कॉलोनियों में निर्माण कार्य जारी है। निगम अधिकरियों का दावा है कि नोटिस दिए जा रहे हैं। सड़कों पर 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहन प्रतिबंध के बावजूद बेरोकटोक दौड़ रहे हैं। यातायात पुलिस ने शुक्रवार को एनजीटी के नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए दो वाहन इंपाउंड किए हैं। कृषि विभाग ने पराली जलाने के चार मामलों में सख्ती बरतते हुए एफआईआर दर्ज कराई हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आठ लोगों को जनरेटर चलाने के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब तक सीलिंग की कार्रवाई नहीं हुई है।
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प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों व अधिकारियों को हिदायत दे दी गई है। पुराने वाहनों को इंपाउंड करने के साथ निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है। पराली जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। ग्रैप तीन के नियमों का पालन नहीं करने वालों उद्योगपतियों को जनरेटर चलाने पर नोटिस दिया गया है।
धीरेंद्र खड़गटा, उपायुक्त।
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वायु जहरीली हो रही है। सांसों पर संकट गहराता जा रहा है। प्रदूषण के चलते आंखों में जलन व सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है।
मौसम में बदलाव के चलते नमी व धूल कणों ने स्मॉग का रूप ले लिया है। इसके चलते एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) भी 400 पार पहुंच गया है। शनिवार काे अधिकतम एक्यूआई 446 रहा। औसत एक्यूआई 200 दर्ज किया गयाद्ध पराली जलाए जाने व आतिशबाजी के अलावा जनरेटरों, जलते कचरे व वाहनों के धुआं के कारण स्थिति बनी है। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रदूषण फैलाने वालों पर नकेल नहीं कस पा रहा है।
मानव जीवन व धरती के लिए प्रदूषण बड़ा खतरा बनता जा रहा है। यह वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों व आमजन के लिए चिंता का विषय है। जहरीली होती प्राणवायु हमें दबे पांव बीमार बना रही है। इसके शुरुआती दुष्प्रभावों के चलते आंखों में जलन व सांस में तकलीफ के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पीजीआई पल्मोनरी एंड क्रिटिकल विभाग में 30 से 35 सांस की तकलीफ वाले मरीज रोजाना आ रहे हैं। यही नहीं, रोजाना तीन से पांच केस भर्ती करने की जरूरत वाले आ रहे हैं। नेत्र रोग विभाग में भी ओपीडी 350 से बढ़कर 400 पार पहुंच गई है। इसमें करीब 30 प्रतिशत मरीज आंखों में जलन, खारिश व लाल होने की शिकायत वाले होते हैं।
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200 से ऊपर एक्यूआई हानिकारक
स्वास्थ्य की दृष्टि से 200 से ऊपर एक्यूआई हानिकारक है। यह पिछले तीन चार दिनों से 300 से 500 के बीच बना हुआ है। यह गंभीर स्थिति स्वास्थ्य चिंताओं को बढ़ा रही है।
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स्मॉग ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी
सर्दी के मौसम में नमी बढ़ने लगी है। इस कारण अगल सुबह या देर रात कोहरा छाने लगता है। इस मौसम में प्रदूषण के कारण हवा में उड़ते धूल कण नमी से मिलकर स्मॉग का निर्माण करते हैं। नमी से भरी हुए धूल कण कोहरे की चादर की तरह जमीन की स्तर पर लंबे समय तक बने रहते हैं। ये तेज हवा या बारिश के बाद ही छंटते हैं। इस मौसम में आंखों में जलन व सांस रोगियों की बढ़ी संख्या बढ़ गई है।
डॉ. ध्रुव चौधरी, अध्यक्ष, पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर, पीजीआईएमएस।
धड़ल्ले से हो रहा भवन निर्माण कार्य, कार्रवाई शून्य
ग्रैप तीन लागू होेन के बाद भी भवन निर्माण कार्य धड़ल्ले चल रहे हैं। शहर के सुखपुरा चौक, दिल्ली रोड, फ्रेंड्स कॉलोनी, मॉडल टाउन समेत अनेक कॉलोनियों में निर्माण कार्य जारी है। निगम अधिकरियों का दावा है कि नोटिस दिए जा रहे हैं। सड़कों पर 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहन प्रतिबंध के बावजूद बेरोकटोक दौड़ रहे हैं। यातायात पुलिस ने शुक्रवार को एनजीटी के नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए दो वाहन इंपाउंड किए हैं। कृषि विभाग ने पराली जलाने के चार मामलों में सख्ती बरतते हुए एफआईआर दर्ज कराई हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आठ लोगों को जनरेटर चलाने के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब तक सीलिंग की कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों व अधिकारियों को हिदायत दे दी गई है। पुराने वाहनों को इंपाउंड करने के साथ निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है। पराली जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। ग्रैप तीन के नियमों का पालन नहीं करने वालों उद्योगपतियों को जनरेटर चलाने पर नोटिस दिया गया है।
धीरेंद्र खड़गटा, उपायुक्त।