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स्वभाव और प्रवृत्ति से मनुष्य करता है अपना निर्माण : ओपी शास्त्री
Mon, 04 Aug 2025 12:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 04 Aug 2025 12:52 AM IST
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02..गोहाना रोड स्थित दयानंदमठ में मासिक वैदिक सत्संग के दौरान संबोधित करते मुख्य वक्ता वैदिक
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रोहतक। गोहाना अड्डा स्थित दयानंद मठ में आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा की ओर से महीने के पहले सप्ताह में होने वाले मासिक वैदिक सत्संग का शुभारंभ रविवार को सुबह 9 बजे हवन से किया गया। हवन के ब्रह्मा आचार्य संतराम रहे।
मुख्य वक्ता ओमप्रकाश शास्त्री, पानीपत ने मनुष्य के उत्तम जीवन के प्रमुख उद्देश्य पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने स्वभाव व प्रवृत्ति से अपना निर्माण करता है। मंच संचालक व वेद प्रचार मंडल के सदस्य सुभाष सांगवान ने कहा कि हमें महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन व कार्यों के बारे में अवश्य विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद कई कष्ट सह कर यह वैदिक धर्म दिया है। इससे हम अपने जीवन को उन्नत व श्रेष्ठ बना सकते हैं। मुख्य वक्ता ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि हम सबका सौभाग्य है कि हम इस आर्यवर्त देश में जन्म लिए हैं।
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उन्होंने कहा कि दुनिया के कई महापुरुषों में महर्षि दयानंद सरस्वती सर्वोपरि हैं। इस मौके पर आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के मुख्य अधिष्ठाता रमेश आर्य, आचार्य संतराम, हवासिंह राठी, रामकिशन बाल्याण, दयावती आर्या, सतीश कुंडू मौजूद रहे।
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मुख्य वक्ता ओमप्रकाश शास्त्री, पानीपत ने मनुष्य के उत्तम जीवन के प्रमुख उद्देश्य पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने स्वभाव व प्रवृत्ति से अपना निर्माण करता है। मंच संचालक व वेद प्रचार मंडल के सदस्य सुभाष सांगवान ने कहा कि हमें महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन व कार्यों के बारे में अवश्य विचार करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद कई कष्ट सह कर यह वैदिक धर्म दिया है। इससे हम अपने जीवन को उन्नत व श्रेष्ठ बना सकते हैं। मुख्य वक्ता ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि हम सबका सौभाग्य है कि हम इस आर्यवर्त देश में जन्म लिए हैं।
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उन्होंने कहा कि दुनिया के कई महापुरुषों में महर्षि दयानंद सरस्वती सर्वोपरि हैं। इस मौके पर आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के मुख्य अधिष्ठाता रमेश आर्य, आचार्य संतराम, हवासिंह राठी, रामकिशन बाल्याण, दयावती आर्या, सतीश कुंडू मौजूद रहे।