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ईस्माइला में मिला लंपी चर्मरोग संदिग्ध बछड़ा, हड़कंप
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ईस्माइला गांव में लंपी चर्मरोग का संदिग्ध गो वंश मिलने के बाद पशुपालक व अन्य । अमर उजाला
रोहतक। जिले के गांव ईस्माइला नौ बी में करीब तीन साल का बछड़ा लंपी चर्मरोग संदिग्ध बताया जा रहा है। हालांकि, जांच रिपोर्ट के आधार पर इसकी पुष्टि होना बाकी है। फिलहाल एहतियात के तौर पर संक्रमित बछड़े को अन्य पशुओं से अलग कर दिया गया है।
पशुपालक अशोक ने बताया कि यह बछड़ा कई दिन पहले घर से बाहर चारागाह में चरने के लिए गया था। करीब एक सप्ताह पहले घर लौटा तो इसकी त्वचा पर मोटे-मोटे निशान मिले। स्थानीय पशु चिकित्सक को बछड़े के बीमार होने की सूचना दी। चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार उसे अन्य पशुओं से दूर रखा जा रहा है। पशु पालक व उनके पड़ोसी कीटनाशकों का स्वयं ही छिड़काव कर रहे हैं। प्रशासन की तरफ से किया गया दावा अभी तक धरातल पर नजर नहीं आ रहा।
गांव के निवर्तमान सरपंच लीला ने बताया कि गांव में करीब 300 गोवंश मौजूद हैं। ग्रामीण अपने स्तर पर पशुओं का ध्यान रख रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बछड़े के संक्रमित होने का कारण क्या रहा। क्योंकि जिले में अभी तक अन्य कोई मामला सामने नहीं आया है।
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डेयरी एवं पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. सूर्या खटकड़ ने बताया कि पशुपालक घबराएं नहीं। पशु चिकित्सकों के दिशा निर्देशों का पालन कर पशु की देखभाल करें व इलाज करवाएं।
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पशुपालक अशोक ने बताया कि यह बछड़ा कई दिन पहले घर से बाहर चारागाह में चरने के लिए गया था। करीब एक सप्ताह पहले घर लौटा तो इसकी त्वचा पर मोटे-मोटे निशान मिले। स्थानीय पशु चिकित्सक को बछड़े के बीमार होने की सूचना दी। चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार उसे अन्य पशुओं से दूर रखा जा रहा है। पशु पालक व उनके पड़ोसी कीटनाशकों का स्वयं ही छिड़काव कर रहे हैं। प्रशासन की तरफ से किया गया दावा अभी तक धरातल पर नजर नहीं आ रहा।
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गांव के निवर्तमान सरपंच लीला ने बताया कि गांव में करीब 300 गोवंश मौजूद हैं। ग्रामीण अपने स्तर पर पशुओं का ध्यान रख रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बछड़े के संक्रमित होने का कारण क्या रहा। क्योंकि जिले में अभी तक अन्य कोई मामला सामने नहीं आया है।
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डेयरी एवं पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. सूर्या खटकड़ ने बताया कि पशुपालक घबराएं नहीं। पशु चिकित्सकों के दिशा निर्देशों का पालन कर पशु की देखभाल करें व इलाज करवाएं।