अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस: हरियाणा में ताऊ नहीं, ताई हैं धाकड़...पुरुषों से अधिक जीती हैं; औसतन आयु भी ज्यादा
राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2019-2021 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की जीवन आयु अधिक होती है। हालांकि हरियाणा राज्य में यह जीवन आयु औसत देशभर से कहीं अधिक है।
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कहावत है, - 'जोबन लुगाई का बीस या तीस, और बेल चले नाै साल, मर्द और घोड़ा कदे न हो बूढ़ा, अगर मिले खुराक...। ये हरियाणवी कहावत कही तो पुरुषों के लिए जाती है, लेकिन असल में महिलाओं पर सटीक बैठती है। वजह, हरियाणा में पुरुषों की औसत जीवन आयु 69.8 और महिलाओं की 73 वर्ष है। इस हिसाब से हरियाणा की महिलाएं पुरुषों के मुकाबले तीन वर्ष अधिक जीती हैं। हरियाणा में चल रहे विधानसभा चुनावों मेंं निर्वाचन विभाग ने जो आंकड़े पेश किए हैं, उनमें भी 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिला मतदाताओंं की संख्या पुरुषों के मुकाबले अधिक हैं।
राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2019-2021 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की जीवन आयु अधिक होती है। हालांकि हरियाणा राज्य में यह जीवन आयु औसत देशभर से कहीं अधिक है। देश की बात करें तो भारत में पुरुषों की औसत जीवन आयु 58 वर्ष और महिलाओं की 58.3 वर्ष है।
हरियाणा की महिलाओं की लंबी उम्र का राज कुछ कुदरती है, तो कुछ मेडिकल कारक हैं, जो पुरुषों के मुकाबले उन्हें अधिक उम्रवान बनाते हैं। पीजीआईएमएस रोहतक के डाॅक्टर रमेश वर्मा बताते हैं स्वास्थ्य, जीवन शैली, व्यावसायिक रिस्क और मानसिक तनाव समेत कई ऐसे कारक हैं जो महिलाओं को पुरुषों से अधिक मजबूती प्रदान करते हैं। मेडिकल कंडीशन में इन्हें चार कारकों में विभाजित किया गया है।
हरियाणा की महिलाओं की लंबी उम्र का राज
1.स्वास्थ्य व्यवहार :- इसमें स्वास्थ्य से जुड़े वे सारे कारक होते हैं, जिनसे किसी व्यक्ति की आयु का निर्धारण होता है। जैसे पुरुष धूम्रपान करते हैं, शराब पीते हैं, उनका खान-पान भी संतुलित नहीं रहता है, जबकि महिलाएं हर प्रकार के नशे से दूर रहती हैं। इसलिए ये कारक महिलाओं की उम्र पर असर नहीं डालते।
2.जैविक कारक:- इसमें हृदय रोग, इम्यून सिस्टम, एक्स-एक्स क्रोमोसोम (गुणसूत्र) आता है। मसलन, महिलाओं में ईश्वरीय गुण यानी एक्स-एक्स क्रोमोसाेम के कारण पुरुषों के मुकाबले हृदय रोगों का खतरा कम रहता है। महिलाओं के शरीर में इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। उनमें रोगों से लड़ने की क्षमता पुरुषों के मुकाबले अधिक होती है।
3.व्यावसायिक जोखिम:- पुरुष अधिक काम करते हैं। वे ज्यादातर घर से बाहर रहते हैं। घर से बाहर रहने के कारण हादसे भी उनकी आयु प्रभावित करते हैं। ये हादसे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं के अलावा बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले घटनाओं के रूप में भी होते हैं।
4.स्वास्थ्य देखभाल:- ज्यादातर पुरुष ही नाैकरी या व्यापार करते हैं, जबकि कामकाजी महिलाओं की संख्या बेहद सीमित है। लिहाजा महिलाओं को वे निर्णय नहीं लेने पड़ते, जो पुरुष लेते हैं। इससे पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को मानसिकत तनाव कम होता है। रिस्क बिहेवियर कैपिसिटी कम होने से उनका शरीर पुरुषों के मुकाबले अधिक स्वस्थ्य रहता है।
हर साल 1 अक्तूबर को मनाया जाता है वृद्धजन दिवस
दुनिया में वृद्ध लोगों के सम्मान में हर साल 1 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 14 दिसंबर, 1990 को यह दिन मनाने का प्रस्ताव पारित किया था। इस साल अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का थीम है 'गरिमा के साथ बुढ़ापा' दुनिया भर में वृद्ध व्यक्तियों के लिए देखभाल और सहायता प्रणालियों को मजबूत करने का महत्व।
अधिकारी के अनुसार
ईश्वरीय गुण और मानवजनित कारकों के कारण महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक स्वस्थ्य रहती हैं। यही कारण है कि हरियाणा और देश में महिलाओं की जीवन आयु पुरुषों से अधिक होती है। बुजुर्गों की अच्छी देखभाल के लिए स्पेशल वार्ड, स्पेशल ओपीडी और स्पेशल देखभाल होनी चाहिए। -डाॅ.रमेश वर्मा, प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन, पीजीआईएमएस रोहतक।
सरकारी आंकड़ों से जानें हरियाणा में पुरुष महिला वोटरों का अंतर
श्रेणी (उम्र) पुरुष महिलाएं
60 से 69 1062836 1091045
70 से 79 499409 556426
80 से 89 152112 189074
90 से 99 36541 64400
100 से 109 3160 5354
110 से 119 107 168
120 से अधिक 16 16
स्रोत : ईसीआई