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Rohtak News: आरटीई के तहत आठवीं कक्षा तक निजी स्कूलों में निशुल्क पढ़ाई की जगी आस
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रोहतक। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए एक अच्छी खबर है। ये विद्यार्थी निजी स्कूलों में नियम 134-ए की तरह ही आरटीई के तहत भी निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस संबंध में दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन संगठन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी है। अदालत ने याचिका मंजूर कर सरकार से जवाब तलब किया है। इस केस में अगली सुनवाई 22 अक्तूबर को होगी। यह बात दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन संगठन के अध्यक्ष अधिवक्ता सत्यवीर सिंह हुड्डा ने शुक्रवार को मानसरोवर पार्क में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
संगठन अध्यक्ष ने कहा, नियम 134-ए में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में निशुल्क पढ़ाए जाने का प्रावधान था। इस नियम को समाप्त कर दिया गया। इसकी जगह आरटीई लागू किया गया है। सरकार अब तक नर्सरी से पहली कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ही आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश का शेड्यूल जारी कर रही है। जबकि, नियम नर्सरी से कक्षा आठवीं तक का है। इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका की स्वीकृति से न्याय की आस बढ़ी है। इससे प्रदेश के 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों को हर साल फायदा मिलेगा। यही नहीं, पहले की तरह ही 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए विद्यार्थी के घर से निर्धारित दूरी में सरकारी स्कूल होने पर प्रवेश की अनिवार्यता भी हटाने की गुहार लगाई है। इस केस में अदालत ने सरकार का पक्ष मांगा है। अब 22 अक्तूबर को सुनवाई होगी। इस मौके पर संगठन के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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संगठन अध्यक्ष ने कहा, नियम 134-ए में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में निशुल्क पढ़ाए जाने का प्रावधान था। इस नियम को समाप्त कर दिया गया। इसकी जगह आरटीई लागू किया गया है। सरकार अब तक नर्सरी से पहली कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ही आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश का शेड्यूल जारी कर रही है। जबकि, नियम नर्सरी से कक्षा आठवीं तक का है। इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका की स्वीकृति से न्याय की आस बढ़ी है। इससे प्रदेश के 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों को हर साल फायदा मिलेगा। यही नहीं, पहले की तरह ही 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए विद्यार्थी के घर से निर्धारित दूरी में सरकारी स्कूल होने पर प्रवेश की अनिवार्यता भी हटाने की गुहार लगाई है। इस केस में अदालत ने सरकार का पक्ष मांगा है। अब 22 अक्तूबर को सुनवाई होगी। इस मौके पर संगठन के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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