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Rohtak News: वसंत पंचमी पर रोपा होली का डांडा
Thu, 15 Feb 2024 03:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 15 Feb 2024 03:42 AM IST
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14सीटीके24..सांपला। संवाद
सांपला। इलाके में पुरानी मान्यताओं के अनुसार वसंत पंचमी को कस्बे के अलावा ग्रामीण इलाके में डांडा रोपा गया। इस दिन से होली के पर्व की शुरुआत हो जाती है। कस्बे में अन्य प्रांतों के लोग भी रहते हैं, जो देवी सरस्वती की पूजा अर्चना करते हैं। शहर में जगह-जगह मां सरस्वती की मूर्तियां बनकर तैयार हैं और इनका पूजन भी शुरू हो चुका है।
पार्षद अंकित ओहलयान का कहना है कि वसंत पंचमी के त्योहार का ग्रामीण क्षेत्रों में बेसब्री से इंतजार रहता है। इस पर्व के आते ही लोगों में होली का खुमार चढ़ने लगता है। पहले लोग पर्व के शुरू होते की परंपरागत वाद्य यंत्रों से होली के गीत गाते और नृत्य करते थे। महिलाएं भी पुरुषों के साथ गीतों पर डांस करती थीं।
वसंत पंचमी के दिन मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त माना जाता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस पर्व को शादी के लिए आने और जाने वाली पीली चिट्ठी भेजने के लिए शुभ माना जाता है। जिस स्थान पर होलिका दहन होता है, वहां पर इस दिन पूजा-अर्चना करने के बाद डांडा गाड़ दिया जाता है। इसके बाद होली का आगाज शुरू हो जाता है। बुजुर्ग पप्पू नंबरदार बताते हैं कि वसंत पंचमी का त्योहार आते ही लोगों के दिलो-दिमाग में फाग की मस्ती चढ़ जाती है। ग्रामीण एरिया में इस पर्व से ही होली की शुरुआत हो गई।
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पार्षद अंकित ओहलयान का कहना है कि वसंत पंचमी के त्योहार का ग्रामीण क्षेत्रों में बेसब्री से इंतजार रहता है। इस पर्व के आते ही लोगों में होली का खुमार चढ़ने लगता है। पहले लोग पर्व के शुरू होते की परंपरागत वाद्य यंत्रों से होली के गीत गाते और नृत्य करते थे। महिलाएं भी पुरुषों के साथ गीतों पर डांस करती थीं।
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वसंत पंचमी के दिन मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त माना जाता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस पर्व को शादी के लिए आने और जाने वाली पीली चिट्ठी भेजने के लिए शुभ माना जाता है। जिस स्थान पर होलिका दहन होता है, वहां पर इस दिन पूजा-अर्चना करने के बाद डांडा गाड़ दिया जाता है। इसके बाद होली का आगाज शुरू हो जाता है। बुजुर्ग पप्पू नंबरदार बताते हैं कि वसंत पंचमी का त्योहार आते ही लोगों के दिलो-दिमाग में फाग की मस्ती चढ़ जाती है। ग्रामीण एरिया में इस पर्व से ही होली की शुरुआत हो गई।
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