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हिमाचल के बाद हरियाणा में भी स्क्रब टायफस पर हाई अलर्ट

Thu, 01 Aug 2019 02:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 01 Aug 2019 02:57 AM IST
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high alert in haryana after himachal on scrub typhus
रोहतक। हिमाचल प्रदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग हरियाणा ने भी स्क्रब टायफस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने-अपने जिलों में संबंधित डॉक्टरों को अलर्ट करें और मरीजों की समय पर पहचान कर उपचार करने के निर्देश दें। इससे समय रहते बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। इस बीमारी के बरसात में होने का खतरा बढ़ जाता है। यह पिस्सू के काटने से फैलता है और यह घास व जानवरों में मिलता है। यदि समय पर उपचार न हो तो मरीज के लिए यह जानलेवा तक साबित हो सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग के एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे संक्रमित होने पर तेज बुखार आना शुरू हो जाता है। इसलिए इसका समय पर उपचार करवाना आवश्यक है। स्क्रब टायफस ज्वर खतरनाक जीवाणु रिकेटशिया यानी संक्रमित माइट (पिस्सू) के काटने से फैलता है। यह वायरस चमड़ी के जरिये शरीर में प्रवेश करता है। यह समस्या जुलाई से अक्तूबर महीने में अधिक होती है।
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लक्षण : बुखार के साथ जोड़ों में दर्द, कंपकंपी के साथ बुखार, अकड़न, शरीर का थका हुआ लगना, अधिक संक्रमण, गर्दन, बाजुओं के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां पड़ने के साथ पहले पेट पर फिर शरीर पर निशान पड़ जाते हैं।
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बचाव : बरसात के दिनों में घर के आसपास घास या झाड़ियां न उगने दें। खेतों में काम करते समय अपने हाथ पैरों को अच्छे से ढककर रखें। यदि 2-3 दिन से अधिक समय तक बुखार हो तो तुरंत चिकित्सक से मिलें और रक्त जांच जरूर करा लें। यह रोग एक आदमी से दूसरे को नहीं फैलता है।
स्क्रब टायफस भी डेंगू व मलेरिया की तरह वायरल बुखार है। यह पहले पहाड़ी क्षेत्रों व जंगलों में होता था। हरियाणा में भी यह तीन साल से देखने को मिल रहा है। इसकी जांच माइक्रोबायोलोजी लैब में होती है।

- डॉ. ध्रूव चौधरी, विभागाध्यक्ष पीसीसीएम, पीजीआईएमएस
स्क्रब टायफस को लेकर अलर्ट जारी हुआ है। इसके लिए सभी डॉक्टरों को निर्देश दिया जाएगा कि वह मरीज की पहचान कर तुरंत उपचार दें। इसके साथ ही निजी अस्पतालों को भी संदेश दिया जाएगा कि वह मरीज की पहचान कर उपचार करें और रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय भेजें।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन, रोहतक
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