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आमजन की मदद के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
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रोहतक। कोरोना महामारी के संक्रमण से पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए देर से ही सही, स्वास्थ्य विभाग ने अपना हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। कोरोना संबंधी किसी जानकारी के लिए लैंडलाइन नंबर 01262-281031 पर कॉल की जा सकती है। इसके अलावा मोबाइल नंबर 7027816559 व 9416447071 पर भी सूचना प्राप्त की जा सकती है। शुक्रवार शाम को सिविल सर्जन कार्यालय में हेल्प लाइन नंबर पर लोगों की समस्याएं सुनने के लिए फोन सिस्टम लगाया गया। यही नहीं विभाग ने शहर में कुछ जगह फ्लैक्स भी लगाए हैं। इनके जरिए लोगों को जागरूक बनने का संदेश दिया गया है।
महामारी पर नियंत्रण के लिए सीएमओ डॉ. अनिल बिरला व उनकी टीम व्यस्त है। पीजीआईएमएस से अलग स्तर पर व्यवस्था बनाने में जुटी टीम ने वैक्सीनेशन के साथ लोगों को जागरूक बनाने पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सीएमओ ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में बैठक लेकर कुछ टीमों को जिम्मेदारी देते हुए उन्हें फील्ड में रवाना किया। यही नहीं, शहर में कुछ जगहों पर फ्लैक्स लगवाए गए हैं। इन पर कोरोना टीकाकरण दिवस, स्थान, सुविधा व कोविड-19 नियम अंकित हैं। इसके साथ ही जिले में पीजीआई व सिविल अस्पताल के अलावा 11 निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज की व्यवस्था बनाई गई है। यहां मरीजों को उपचार की सभी सुविधाएं मुहैया होंगी। इसके साथ ही डॉ. दिनेश मलिक को फैसीलिटी इंचार्ज नियुक्त कर दिया है। इन्हें कोविड के नोडल अधिकारी की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी भी तरह की जानकारी के लिए आम आदमी उनसे संपर्क कर सकता है।
कोविड से निपटने के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। जिले में पीजीआई व सिविल अस्पताल के अलावा 11 निजी अस्पतालों में भी मरीजों के लिए बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया गया है। शुक्रवार शाम को ही इसे लगा दिया गया है। शनिवार से इस पर कॉल कर लोग कोरोना संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। फिलहाल रात के समय किसी हेल्पलाइन की व्यवस्था नहीं है। मरीज सीधे पीजीआई या सिविल अस्पताल में जा सकता है।
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-डॉ. दिनेश मलिक, नोडल ऑफिसर कोविड।
लक्षण नजर आते ही खुद को करें क्वारंटीन
डिप्टी सिविल सर्जन एवं कोविड जिला नोडल अधिकारी डॉ. राजीव सभरवाल ने बताया कि महामारी काफी फैल चुकी है। मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में लोग खुद भी अपनी जिम्मेदारी समझें। बगैर काम घर से बाहर न निकलें। महामारी के लक्षण नजर आते ही, खुद को क्वारंटीन करें। किसी जांच का इंतजार करने से बेहतर खुद को क्वारंटीन करना है। इससे महामारी को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। साथ में समय रहते संक्रमित का इलाज शुरू हो पाएगा।
अच्छी आदत से कम हो सकता है 95 प्रतिशत खतरा
हम मास्क लगाकर, हाथ धोकर, सोशल डिस्टेंसिंग अपनाकर महामारी का खतरा 95 प्रतिशत कम कर सकते हैं। यह आदत हमें अपने जीवन में ढालनी होगी। घर से तभी निकलें, जब जरूरी है। बगैर किसी काम या छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार बाहर निकलने से बचें। घर से निकलने तक सुनिश्चित कर लें कि अपने क्या काम करने हैं। उन्हें एक बार में ही निपटाकर लौटें।
-डॉ. वरुण अरोड़ा, कम्यूनिटी मेडिसन, पीजीआईएमएस।
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महामारी पर नियंत्रण के लिए सीएमओ डॉ. अनिल बिरला व उनकी टीम व्यस्त है। पीजीआईएमएस से अलग स्तर पर व्यवस्था बनाने में जुटी टीम ने वैक्सीनेशन के साथ लोगों को जागरूक बनाने पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सीएमओ ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में बैठक लेकर कुछ टीमों को जिम्मेदारी देते हुए उन्हें फील्ड में रवाना किया। यही नहीं, शहर में कुछ जगहों पर फ्लैक्स लगवाए गए हैं। इन पर कोरोना टीकाकरण दिवस, स्थान, सुविधा व कोविड-19 नियम अंकित हैं। इसके साथ ही जिले में पीजीआई व सिविल अस्पताल के अलावा 11 निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज की व्यवस्था बनाई गई है। यहां मरीजों को उपचार की सभी सुविधाएं मुहैया होंगी। इसके साथ ही डॉ. दिनेश मलिक को फैसीलिटी इंचार्ज नियुक्त कर दिया है। इन्हें कोविड के नोडल अधिकारी की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी भी तरह की जानकारी के लिए आम आदमी उनसे संपर्क कर सकता है।
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कोविड से निपटने के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। जिले में पीजीआई व सिविल अस्पताल के अलावा 11 निजी अस्पतालों में भी मरीजों के लिए बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया गया है। शुक्रवार शाम को ही इसे लगा दिया गया है। शनिवार से इस पर कॉल कर लोग कोरोना संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। फिलहाल रात के समय किसी हेल्पलाइन की व्यवस्था नहीं है। मरीज सीधे पीजीआई या सिविल अस्पताल में जा सकता है।
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-डॉ. दिनेश मलिक, नोडल ऑफिसर कोविड।
लक्षण नजर आते ही खुद को करें क्वारंटीन
डिप्टी सिविल सर्जन एवं कोविड जिला नोडल अधिकारी डॉ. राजीव सभरवाल ने बताया कि महामारी काफी फैल चुकी है। मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में लोग खुद भी अपनी जिम्मेदारी समझें। बगैर काम घर से बाहर न निकलें। महामारी के लक्षण नजर आते ही, खुद को क्वारंटीन करें। किसी जांच का इंतजार करने से बेहतर खुद को क्वारंटीन करना है। इससे महामारी को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। साथ में समय रहते संक्रमित का इलाज शुरू हो पाएगा।
अच्छी आदत से कम हो सकता है 95 प्रतिशत खतरा
हम मास्क लगाकर, हाथ धोकर, सोशल डिस्टेंसिंग अपनाकर महामारी का खतरा 95 प्रतिशत कम कर सकते हैं। यह आदत हमें अपने जीवन में ढालनी होगी। घर से तभी निकलें, जब जरूरी है। बगैर किसी काम या छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार बाहर निकलने से बचें। घर से निकलने तक सुनिश्चित कर लें कि अपने क्या काम करने हैं। उन्हें एक बार में ही निपटाकर लौटें।
-डॉ. वरुण अरोड़ा, कम्यूनिटी मेडिसन, पीजीआईएमएस।