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Rohtak News: राहगीरों की डगर पर बदइंतजामी के ढेर, दम तोड़ गई व्यवस्था

Sun, 19 Apr 2026 03:05 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 03:05 AM IST
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Heaps of mismanagement on the path of pedestrians, the system has collapsed
फोटो 03. रोहतक की मदीना मंडी भर जाने के बाद सड़क पर डाला गया गेहूं। संवाद

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महम (रोहतक)। मदीना में दो एकड़ में बनी मंडी में जगह न मिलने पर किसानों को मजबूरन सड़क पर खुले में गेहूं डालना पड़ा जिससे सड़क वन-वे हो गई है। वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
पिछले साल मंडी में डेढ़ लाख क्विंटल गेहूं बिक्री के लिए आया था। तब भी सरीखे यही हालात बने थे।इस बार उससे भी ज्यादा गेहूं आने की उम्मीद है। इसके लिए कम से कम दस एकड़ जमीन की जरूरत है। इसके बावजूद प्रशासन ने पिछली बार बने बदइंतजामों से कोई सबक नहीं लिया।
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किसानों को दूर की मंडियों में गेहूं लेकर न जाना पड़े, इसके लिए मदीना में प्रशासन ने खरीद केंद्र बनाया है। खरीद केंद्रों में जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही के चलते गेहूं की बेकद्री हो रही है।
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खरीद केंद्र के लिए पर्याप्त जगह न होने की वजह से आढ़तियों की ओर से गेहूं सड़कों, खेतों और खाली प्लाॅटों में खुले में उतारना पड़ रहा है। अगर बारिश आ जाए तो किसानों की छह माह की कमाई मिट्टी में मिलने से नहीं रोकी जा सकती।
मदीना कोरसान की सरपंच अनीशा संदीप दांगी ने बताया कि सरकार से इस बारे में कई दिनों से बातचीत चलने के बाद पंचायत मंडी के साथ लगती दो से तीन एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। अगर समय इसका खाका तैयार हो चुका है। अब गेहूं डालने के लिए पांच एकड़ जमीन हो जाएगी।
मंडी में 70 प्रतिशत किसानों का गेहूं आ चुका है। अगर अफसर पिछली बार के अव्यवस्था से सबक लेकर समय पर जाग जाते तो किसानों को यूं सड़कों पर गेहूं डालने की नौबत ही न आती।
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सड़क पर डालने से गेहूं में मिल रहे कंकड़-पत्थर
किसान जयभगवान, रमेश दांगी, विनोद दांगी का कहना है कि सड़क व खाली प्लाॅटों में गेहूं डालने से उसमें कंकड़-पत्थर और रेत आदि मिल जाता है। इस कारण वह खाने लायक नहीं रह जाएगा। यह एक गंभीर विषय है।

वर्जन
मंडी की जमीन कम पड़ने लगी है। पंचायत मंडी के साथ लगती तीन एकड़ जमीन देने के लिए तैयार है।
- अनीशा संदीप दांगी, सरपंच, मदीना कोरसान
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मदीना मंडी में मदीना, अजायब, गिरावड़ व भराण के किसान गेहूं लेकर पहुंचते हैं। मशीनी युग में गेहूं की आवक एक साथ होने लगी है इसलिए जगह कम पड़ रही है। पंचायत से 33 साल के पट्टे पर जमीन देने की बातचीत चल रही है। अगले साल जमीन मिलने की उम्मीद है।
- दीपक लोहचब, सचिव, मार्केट कमेटी
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फोटो 03,04 मदीना में मंडी भर जाने के बाद सड़क पर डाला गया गेहूं। संवाद
05 अनीशा संदीप दांगी सरपंच मदीना कोरसान
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