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Rohtak News: रसगुल्ले में बाल निकला, विक्रेता को देने होंगे 15 हजार रुपये
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रोहतक। मॉडल टाउन स्थित एक मिठाई की दुकान से खरीदे गए रसगुल्ले में इंसानी बाल मिलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष नगेंद्र सिंह कादियान ने 26 मई 2026 को दिए आदेश में मिठाई विक्रेता को मिठाई की कीमत लौटाने के साथ मानसिक प्रताड़ना और मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 15 हजार रुपये से अधिक का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता अनिल कुमार ने आयोग में दायर याचिका में बताया कि 3 मई 2025 को उनके सहयोगियों ने उनकी ओर से मॉडल टाउन स्थित एक मिष्ठान भंडार से 270 रुपये की पनीर जलेबी और रसगुल्ले खरीदे थे। रसगुल्ले खाते समय उसमें इंसानी बाल मिला।
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने दुकान संचालक को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत की थी। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने खरीद का बिल, ऑनलाइन भुगतान का रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए। मिठाई विक्रेता सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ।
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आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर माना कि रसगुल्ले में बाल पाया गया था। उपभोक्ता को खाद्य पदार्थों में स्वच्छता और गुणवत्ता की अपेक्षा करने का पूरा अधिकार है।
बाक्स
30 दिन के अंदर करना होगा भुगतान
आयोग ने मिठाई विक्रेता को 270 रुपये की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा मानसिक पीड़ा के लिए 10 हजार रुपये और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 5 हजार रुपये अदा करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करने पर विक्रेता को 100 रुपये प्रति सप्ताह अतिरिक्त राशि भी देनी होगी।
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शिकायतकर्ता अनिल कुमार ने आयोग में दायर याचिका में बताया कि 3 मई 2025 को उनके सहयोगियों ने उनकी ओर से मॉडल टाउन स्थित एक मिष्ठान भंडार से 270 रुपये की पनीर जलेबी और रसगुल्ले खरीदे थे। रसगुल्ले खाते समय उसमें इंसानी बाल मिला।
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शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने दुकान संचालक को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत की थी। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने खरीद का बिल, ऑनलाइन भुगतान का रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए। मिठाई विक्रेता सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ।
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आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर माना कि रसगुल्ले में बाल पाया गया था। उपभोक्ता को खाद्य पदार्थों में स्वच्छता और गुणवत्ता की अपेक्षा करने का पूरा अधिकार है।
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30 दिन के अंदर करना होगा भुगतान
आयोग ने मिठाई विक्रेता को 270 रुपये की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा मानसिक पीड़ा के लिए 10 हजार रुपये और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 5 हजार रुपये अदा करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करने पर विक्रेता को 100 रुपये प्रति सप्ताह अतिरिक्त राशि भी देनी होगी।