{"_id":"68113dfdbcf489e5300e346b","slug":"genetics-department-of-mdu-gives-professor-vice-chancellor-rohtak-news-c-17-roh1020-643376-2025-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: एमडीयू के जेनेटिक्स विभाग ने दिए प्रोफेसर, कुलपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: एमडीयू के जेनेटिक्स विभाग ने दिए प्रोफेसर, कुलपति
Wed, 30 Apr 2025 02:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 30 Apr 2025 02:30 AM IST
विज्ञापन
29सीटीके14-प्रो. संतोष तिवारी। स्रोत:एमडीयू
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के जेनेटिक्स विभाग की स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है। इस विभाग ने न केवल उत्कृष्ट वैज्ञानिक और प्रोफेसर दिए हैं, बल्कि विभिन्न शोध क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विभाग के पूर्व छात्र डॉ. संतोष वर्तमान में आईसीएआर में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, डॉ. गिरीश कुमार न्यूयॉर्क में जिनोमिक्स के क्षेत्र में लैब मैनेजर के रूप में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रो. जेपी यादव आज मीरपुर विश्वविद्यालय रेवाड़ी के कुलपति के रूप में नेतृत्व कर रहे हैं। प्रो. पंकज त्यागी उसी विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग के अध्यक्ष हैं। जेनेटिक्स विभाग में विभिन्न आधुनिक विषयों पर शिक्षण और शोध कार्य किया जा रहा है। इनमें मैरेमेन जेनेटिक्स, प्लांट जेनेटिक्स, माइक्रोबिल जेनेटिक्स और मलेरिया जेनेटिक्स प्रमुख हैं।
विभाग अध्यक्ष प्रो. संतोष तिवारी ने बताया कि एनईपी 2020 के अनुसार, बीएससी जेनेटिक्स, एमएससी जेनेटिक्स, पीएचडी जेनेटिक्स, पीयामी इन जेनेटिक्स और वैल्यू एडेड कोर्स, अमेरिकन हेल्थ के कोर्स के लिए बैच उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि विभाग को लगभग 3 करोड़ रुपये का अनुदान विभिन्न व्यक्तिगत परियोजनाओं के तहत प्राप्त हुआ है।
विज्ञापन
यह अनुदान 2010 से 2024 तक अलग-अलग समय पर मिला है, जिसका उपयोग विभाग की प्रयोगशालाओं के उपकरणों को उन्नत करने, छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करने और महत्वपूर्ण शोध कार्यों को आगे बढ़ाने में किया गया है। विभाग के शिक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, जिससे वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में विभाग की पहचान मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग में कुल पांच संकाय सदस्य कार्यरत हैं, जिनमें उनके साथ प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ (डीन फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंस), डॉ. रितु यादव, डॉ. नीलम सहरावत और डॉ. मुकेश तंवर शामिल हैं।
विज्ञापन
विभाग के पूर्व छात्र डॉ. संतोष वर्तमान में आईसीएआर में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, डॉ. गिरीश कुमार न्यूयॉर्क में जिनोमिक्स के क्षेत्र में लैब मैनेजर के रूप में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रो. जेपी यादव आज मीरपुर विश्वविद्यालय रेवाड़ी के कुलपति के रूप में नेतृत्व कर रहे हैं। प्रो. पंकज त्यागी उसी विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग के अध्यक्ष हैं। जेनेटिक्स विभाग में विभिन्न आधुनिक विषयों पर शिक्षण और शोध कार्य किया जा रहा है। इनमें मैरेमेन जेनेटिक्स, प्लांट जेनेटिक्स, माइक्रोबिल जेनेटिक्स और मलेरिया जेनेटिक्स प्रमुख हैं।
विज्ञापन
विभाग अध्यक्ष प्रो. संतोष तिवारी ने बताया कि एनईपी 2020 के अनुसार, बीएससी जेनेटिक्स, एमएससी जेनेटिक्स, पीएचडी जेनेटिक्स, पीयामी इन जेनेटिक्स और वैल्यू एडेड कोर्स, अमेरिकन हेल्थ के कोर्स के लिए बैच उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि विभाग को लगभग 3 करोड़ रुपये का अनुदान विभिन्न व्यक्तिगत परियोजनाओं के तहत प्राप्त हुआ है।
विज्ञापन
यह अनुदान 2010 से 2024 तक अलग-अलग समय पर मिला है, जिसका उपयोग विभाग की प्रयोगशालाओं के उपकरणों को उन्नत करने, छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करने और महत्वपूर्ण शोध कार्यों को आगे बढ़ाने में किया गया है। विभाग के शिक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, जिससे वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में विभाग की पहचान मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग में कुल पांच संकाय सदस्य कार्यरत हैं, जिनमें उनके साथ प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ (डीन फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंस), डॉ. रितु यादव, डॉ. नीलम सहरावत और डॉ. मुकेश तंवर शामिल हैं।

29सीटीके14-प्रो. संतोष तिवारी। स्रोत:एमडीयू