{"_id":"68925e29e27c436f38079c6a","slug":"four-feet-of-grass-in-the-archery-ground-how-can-we-hope-for-a-medal-rohtak-news-c-17-roh1020-703838-2025-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: तीरंदाजी मैदान में चार फीट घास, कैसे लगाएं मेडल की आस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: तीरंदाजी मैदान में चार फीट घास, कैसे लगाएं मेडल की आस
विज्ञापन
राजीव गांधी स्टेडियम में उगी घास के बीच अभ्यास के दौरान निशाना लगाता तीरंदाज खिलाड़ी। संवाद
- फोटो : samvad
रोहतक। एक ओर जहां राज्यस्तरीय महाकुंभ आयोजित कर प्रतिभावान खिलाड़ियों को तलाशने का प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर राजीव गांधी खेल मैदान में खिलाड़ी चार फीट घास के बीच अभ्यास करने को मजबूर हैं। यहां अभ्यास के लिए लगभग 15 खिलाड़ी आते हैं। इनमें पैरा, नेशनल व राज्य स्तरीय तीरंदाजी विजेता भी शामिल हैं।
खिलाड़ियों ने बताया कि प्रशासन ने हाल में हुए महाकुंभ में केवल उन्हीं मैदानों की सफाई करवाई जहां प्रतियोगिताएं होनी थीं। अन्य मैदानों की तरफ ध्यान भी नहीं दिया गया। मैदान में लंबी घास में कई बार सांप भी निकले हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को जान का भी खतरा रहता है। बारिश के मौसम में पनपने वाले मच्छरों से बीमारियां फैलने का डर भी बना रहता है।
सीनियर तीरंदाज खिलाड़ी जयदीप ने बताया कि 4 फीट घास के बीच अभ्यास करने को मजबूर हैं। प्रतियोगिता को देखते हुए खिलाड़ियों ने अपने खर्चे पर घास कटवाने की ठानी तो ट्रैक्टर वाले ने 8000 रुपये खर्चा बताया। जब खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए साफ मैदान नहीं मिलेंगे तो वे पदक जीतकर कैसे जिले का नाम रोशन करेंगे।
विज्ञापन
-- -- -- -
फोटो: 30
कई महीनों से मैदान की सफाई की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया है। मैदान में कई फीट घास उग चुकी है। इसमें ही अभ्यास करना पड़ता है। -टीना, तीरंदाज खिलाड़ी
-- -
फोटो:31
मैदान में उगी घास से कई बार सांप भी निकल आए हैं। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। -दीपांशी, तीरंदाज खिलाड़ी
-- -
फोटो:32
चार तीरंदाज खिलाड़ियों का अगले चरण के महाकुंभ के लिए चयन हुआ है। इन्हें घास वाले मैदान में अभ्यास करना पड़ रहा है। पिछले महाकुंभ में केवल दूसरी तरफ के मैदानों की सफाई करवाई गई। वहां स्पर्धा होनी थी। -तुषार, तीरंदाज खिलाड़ी
-- -- -- -
फोटो:33
राज्यस्तर पर तीरंदाजी कर चुका हूं। मैदान की हालत इतनी खराब है कि यहां अभ्यास करना मुश्किल है। दूसरे चरण का महाकुंभ होने वाला है। अभ्यास के लिए साफ-सुथरे मैदान तक नहीं है। -इशांत, तीरंदाज खिलाड़ी
-- --
फोटो:34
कई महीने से मैदान में बुरा हाल है। बड़ी-बड़ी घास में मच्छरों से बीमारियों के फैलने का खतरा तक बना रहता है। -शांति, खिलाड़ी की दादी
-- -- --
बारिश के मौसम से राहत मिलने के बाद राजीव गांधी परिसर के सभी खेल मैदानों की सफाई की जाएगी। फिलहाल, कर्मचारी खेल महाकुंभ में व्यस्त थे। अब स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में जुट जाएंगे। जल्द ही ऑर्चरी मैदान की सफाई करवाई जाएगी। -अनूप सिंह, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी
-- -- -- --
इन तीरंदाज खिलाड़ियों का दूसरे महाकुंभ के लिए हुआ है चयन
क्रिश, दीपक, टीना, दीपांशी का अगले चरण में होने वाले महाकुंभ के लिए चयन हुआ है। मैदान की खस्ता हालत के कारण अभ्यास करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों में एक नेशनल कांस्य पदक विजेता निखिल पाहवा भी हैं।
विज्ञापन
खिलाड़ियों ने बताया कि प्रशासन ने हाल में हुए महाकुंभ में केवल उन्हीं मैदानों की सफाई करवाई जहां प्रतियोगिताएं होनी थीं। अन्य मैदानों की तरफ ध्यान भी नहीं दिया गया। मैदान में लंबी घास में कई बार सांप भी निकले हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को जान का भी खतरा रहता है। बारिश के मौसम में पनपने वाले मच्छरों से बीमारियां फैलने का डर भी बना रहता है।
विज्ञापन
सीनियर तीरंदाज खिलाड़ी जयदीप ने बताया कि 4 फीट घास के बीच अभ्यास करने को मजबूर हैं। प्रतियोगिता को देखते हुए खिलाड़ियों ने अपने खर्चे पर घास कटवाने की ठानी तो ट्रैक्टर वाले ने 8000 रुपये खर्चा बताया। जब खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए साफ मैदान नहीं मिलेंगे तो वे पदक जीतकर कैसे जिले का नाम रोशन करेंगे।
विज्ञापन
फोटो: 30
कई महीनों से मैदान की सफाई की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया है। मैदान में कई फीट घास उग चुकी है। इसमें ही अभ्यास करना पड़ता है। -टीना, तीरंदाज खिलाड़ी
फोटो:31
मैदान में उगी घास से कई बार सांप भी निकल आए हैं। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। -दीपांशी, तीरंदाज खिलाड़ी
फोटो:32
चार तीरंदाज खिलाड़ियों का अगले चरण के महाकुंभ के लिए चयन हुआ है। इन्हें घास वाले मैदान में अभ्यास करना पड़ रहा है। पिछले महाकुंभ में केवल दूसरी तरफ के मैदानों की सफाई करवाई गई। वहां स्पर्धा होनी थी। -तुषार, तीरंदाज खिलाड़ी
फोटो:33
राज्यस्तर पर तीरंदाजी कर चुका हूं। मैदान की हालत इतनी खराब है कि यहां अभ्यास करना मुश्किल है। दूसरे चरण का महाकुंभ होने वाला है। अभ्यास के लिए साफ-सुथरे मैदान तक नहीं है। -इशांत, तीरंदाज खिलाड़ी
फोटो:34
कई महीने से मैदान में बुरा हाल है। बड़ी-बड़ी घास में मच्छरों से बीमारियों के फैलने का खतरा तक बना रहता है। -शांति, खिलाड़ी की दादी
बारिश के मौसम से राहत मिलने के बाद राजीव गांधी परिसर के सभी खेल मैदानों की सफाई की जाएगी। फिलहाल, कर्मचारी खेल महाकुंभ में व्यस्त थे। अब स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में जुट जाएंगे। जल्द ही ऑर्चरी मैदान की सफाई करवाई जाएगी। -अनूप सिंह, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी
इन तीरंदाज खिलाड़ियों का दूसरे महाकुंभ के लिए हुआ है चयन
क्रिश, दीपक, टीना, दीपांशी का अगले चरण में होने वाले महाकुंभ के लिए चयन हुआ है। मैदान की खस्ता हालत के कारण अभ्यास करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों में एक नेशनल कांस्य पदक विजेता निखिल पाहवा भी हैं।

राजीव गांधी स्टेडियम में उगी घास के बीच अभ्यास के दौरान निशाना लगाता तीरंदाज खिलाड़ी। संवाद- फोटो : samvad

राजीव गांधी स्टेडियम में उगी घास के बीच अभ्यास के दौरान निशाना लगाता तीरंदाज खिलाड़ी। संवाद- फोटो : samvad

राजीव गांधी स्टेडियम में उगी घास के बीच अभ्यास के दौरान निशाना लगाता तीरंदाज खिलाड़ी। संवाद- फोटो : samvad

राजीव गांधी स्टेडियम में उगी घास के बीच अभ्यास के दौरान निशाना लगाता तीरंदाज खिलाड़ी। संवाद- फोटो : samvad

राजीव गांधी स्टेडियम में उगी घास के बीच अभ्यास के दौरान निशाना लगाता तीरंदाज खिलाड़ी। संवाद- फोटो : samvad

राजीव गांधी स्टेडियम में उगी घास के बीच अभ्यास के दौरान निशाना लगाता तीरंदाज खिलाड़ी। संवाद- फोटो : samvad