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Rohtak News: पूर्व एडीजीपी का गनमैन अदालत में पेश, पुलिस ने नहीं दर्ज की चार्जशीट
Tue, 03 Feb 2026 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 03 Feb 2026 12:17 AM IST
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रोहतक। शराब ठेकेदार से मंथली मांगने के मामले में सोमवार को पूर्व एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन रहे आरोपी हवलदार सुशील कुमार एएसजे कपिल राठी की अदालत में पेश हुआ। पुलिस की ओर से चार्जशीट दाखिल नहीं करने पर केस में आगे की सुनवाई नहीं हो सकी। सुशील कुमार अदालत में हाजिरी लगाकर लौट गया। अब मामले में अदालत ने 8 मई की अगली सुनवाई की तिथि दी है।
शराब कारोबारी प्रवीण बंसल ने छह अक्तूबर 2025 को अर्बन एस्टेट थाने में गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 308 (3) के तहत मंथली मांगने और नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने का मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि सुशील कुमार ने धौंस दिखाकर ढाई लाख रुपये प्रतिमाह मंथली मांगी थी।
सबूत के तौर पर शराब ठेकेदार ने पुलिस एक-एक वीडियो और ऑडियो सौंपा था। पुलिस ने जांच कर अगले दिन आरोपी गनमैन को गिरफ्तार कर लिया था। सात अक्तूबर को ही एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने चंडीगढ़ में आत्महत्या कर ली थी। विभाग ने मंथली प्रकरण की जांच डीएसपी गुलाब सिंह की अध्यक्षता में एसआईटी को सौंपी थी।
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एसआईटी ने जांच के दौरान सुशील कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा-7 भी जोड़ी थी। नियमों के तहत दो माह के अंदर आरोपी के खिलाफ पुलिस को चार्जशीट दाखिल करनी थी लेकिन छह दिसंबर तक एसआईटी ऐसा नहीं कर सकी। ऐसे में सात दिसंबर को सुशील कुमार को जमानत मिल गई थी।
उस समय एसआईटी ने अदालत में कहा था कि पुलिस की जांच अधूरी है इसलिए चार्जशीट दाखिल करने में समय लग रहा है। अब सोमवार को अदालत में मामले को लेकर सुनवाई थी लेकिन पुलिस कोई चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी।
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शराब कारोबारी प्रवीण बंसल ने छह अक्तूबर 2025 को अर्बन एस्टेट थाने में गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 308 (3) के तहत मंथली मांगने और नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने का मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि सुशील कुमार ने धौंस दिखाकर ढाई लाख रुपये प्रतिमाह मंथली मांगी थी।
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सबूत के तौर पर शराब ठेकेदार ने पुलिस एक-एक वीडियो और ऑडियो सौंपा था। पुलिस ने जांच कर अगले दिन आरोपी गनमैन को गिरफ्तार कर लिया था। सात अक्तूबर को ही एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने चंडीगढ़ में आत्महत्या कर ली थी। विभाग ने मंथली प्रकरण की जांच डीएसपी गुलाब सिंह की अध्यक्षता में एसआईटी को सौंपी थी।
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एसआईटी ने जांच के दौरान सुशील कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा-7 भी जोड़ी थी। नियमों के तहत दो माह के अंदर आरोपी के खिलाफ पुलिस को चार्जशीट दाखिल करनी थी लेकिन छह दिसंबर तक एसआईटी ऐसा नहीं कर सकी। ऐसे में सात दिसंबर को सुशील कुमार को जमानत मिल गई थी।
उस समय एसआईटी ने अदालत में कहा था कि पुलिस की जांच अधूरी है इसलिए चार्जशीट दाखिल करने में समय लग रहा है। अब सोमवार को अदालत में मामले को लेकर सुनवाई थी लेकिन पुलिस कोई चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी।