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बिना आतिशबाजी छाया स्मॉग, एक्यूआई 431

Tue, 10 Nov 2020 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 10 Nov 2020 01:15 AM IST
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Firework shadow smog, AQI 431
Firework shadow smog, AQI 431 - फोटो : RohtakCity
बिना आतिशबाजी के ही शहर में स्मॉग छाया हुआ है। वाहनों के धुएं, निर्माण कार्य, क्रशर व पराली जलाने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। प्रदूषण के चलते सोमवार को एक्यूआई 431 दर्ज किया गया। दिन भर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। पीएम 2.5 जिले में 575.5 माइक्रोग्राम पर मीटर क्यूब के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। सर्द हो रहे मौसम में प्रदूषण आंसू निकाल रहा है। हर दिन प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है। दिवाली पर आतिशबाजी से पहले ही हवा दम घोंटने लगी है। यही नहीं, हवा में मौजूद बारीक धूल-कण यानी पीएम 2.5 भी पिछले करीब 16 घंटों में ही ढाई गुणा बढ़ गया। सोमवार सुबह सवा आठ बजे यह 589.4 तो सवा नौ बजे यह 575 माइक्रोग्राम पर मीटर क्यूब पहुंच गया। पीएम 2.5 शाम साढ़े पांच 575.5 माइक्रोग्राम पर मीटर क्यबू दर्ज किया गया। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद खतरनाक है।
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परिवहन व डीजल वाहन बड़ी वजह
प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर एक्सपर्ट ने परिवहन व डीजल वाहनों के अंधाधुंध प्रयोग को बड़ी वजह करार देते हुए शासन-प्रशासन से इन पर खासकर इन दिनों में रोक लगाने की अपील की। एक्सपर्ट ने स्पष्ट किया कि हवा में सूक्ष्म धूल कण यानी पीएम 2.5, पीएम 10 व कार्बन मोनोक्साइड सबसे अधिक डीजल वाहनों व परिवहन से फैलता है। यही हवा में मौजूद नमी के साथ मिलकर स्मॉग बनाते हैं। प्रदूषण की दूसरी वजह शहरीकरण बताई गई है। एक्सपर्ट ने इन दिनों निर्माण कार्यों को बंद करने का पक्ष लिया है।
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ईंट भट्ठों पर भी लगाई जाए रोक
सर्द होते मौसम में दो महीने अक्तूबर व नवंबर में हवा की गति धीमी होती है। यही नहीं, हवा में नमी भी मौजूद होती है। इस कारण धूल कण वायुमंडल में नीचे ही तैरते रहते हैं। इस मौसम में ईंट भट्ठे चलना भी प्रदूषण की वजह है। इन पर फिल्टर का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट का कहना है कि इन दिनों ईंट भट्ठों को बंद कर देना बेहतर है।
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इलेक्ट्रिक वाहनों की जरूरत
प्रदूषण पर अंकुश लगाना होगा। यही समय की मांग है। पीएम 2.5 की बड़ी वजह डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन चलाने की जरूरत है। साइकिल को आवागमन के लिए अपनाना बेहतर कदम होगा। कोविड ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने का उदाहरण भी दिया है। लॉकडाउन में हवा की शुद्धता उत्तम थी। यही नहीं गंगा में भी डॉल्फिन नजर आई।
सड़कों पर हो रहा पानी का छिड़काव
प्रशासन ने प्रदूषण को देखते हुुए शहर की मुख्य सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू किया है। दमकल विभाग की गाड़ी सोमवार को विभिन्न सड़कों पर पानी की का छिड़काव नजर आई। शीला बाईपास निर्माण कार्य के चलते यहां बार-बार पानी का छिड़काव करना पड़ रहा है।
पर्यावरण तेजी से प्रदूषित हो रहा है। परिवहन के साधन, डीजल वाहनों व शहरीकरण इसकी बड़ी वजह है। पीएम 2.5 का 575.5 माइक्रोग्राम पर मीटर क्यूब रहा। यही नहीं पीएम 10 भी दस गुणा अधिक रहा। सोमवार को कार्बन मोनोक्साइड भी 1.09 रहा। ये तीनों ही खतरनाक स्तर पर हैं।

-प्रो. राजेश धनखड़, पर्यावरण विज्ञान, एमडीयू।
जिले में पराली जलाने के चार मामले सामने आए हैं। कृषि विभाग ने नौ एकड़ भूमि पर जलाई पराली के लिए 12,500 रुपये जुर्माना किया है। इसमें बोहर, कान्ही, मदीना कोरसान, फरमाना बादशाहपुर शामिल है।
-डॉ. रोहताश सिंह, कृषि उपनिदेशक।
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