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किसानों ने दो घंटे प्रदर्शन कर आठ मिनट तक बजाए वाहनों के हॉर्न
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डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध में किसान संगठनों ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। वीरवार की सुबह 10 बजे से 12 बजे तक धरने और नारेबाजी के बाद उन्होंने आठ मिनट तक अपने वाहनों के हॉर्न बजाकर रोष जताया।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान अपने ट्रैक्टर, दोपहिया और चार पहिया वाहन लेकर सुबह 10 बजे लघु सचिवालय पहुंचे, कुछ लोगों ने खाली सिलिंडर भी ले रखे थे। प्रदर्शन में जनवादी महिला समिति की सदस्याएं भी शामिल हुईं। पहले संगठनों ने तय किया था कि सोनीपत स्टैंड से आंबेडकर चौक तक की एक तरफ की सड़क बंद की जाएगी। लेकिन लोगों की परेशानी को देखते हुए धरना फुटपाथ पर दिया गया, उसके साथ ही वाहन लगाए गए, आवाजाही में ज्यादा रुकावट नहीं आई। किसान सभा के सचिव सुमित दलाल और भाकियू (चढूनी) के जिला प्रधान राजू मकड़ौली ने कहा कि मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के चलते पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें बेतहाशा बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने चहेते अंबानी और अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा कर रही है। 2014 में गैस की कीमतें दोगुनी कर दी गई थीं, पेट्रोल व डीजल के दाम रोज बढ़ रहे हैं। जबकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम हैं। इसका असर परिवहन पर पड़ रहा है, जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए हैं। इनकी वजह से खेती की लागत बढ़ रही है, उसके अनुरूप एमएसपी बढ़ा नहीं है, किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस मौके पर चढूनी ग्रुप से ओम प्रकाश खिड़वाली, संदीप सिसरौली, बलवान हुड्डा, पप्पू, जितेंद्र सांघी, किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, जिला प्रधान प्रीत सिंह, सूबेदार सुंदर, अशोक राठी, महिला समिति की अनीता, राजकुमारी, जगमति सांगवान, मोनिका, सीटीयू के कमलेश लालही, भाकियू (अंबावता) के अनिल नांदल, राम किशन, एसएफआई से प्रवीण, प्रशांत, नौजवान सभा के संदीप सिंह भी मौजूद रहे।
महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
आईएमटी चौक के पास चल रहे महिलाओं के पिंक धरने में भी संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने गीता अहलवात की अगुवाई में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। गौरतलब है कि यह धरना कई दिनों से किसान आंदोलन के समर्थन में चल रहा है।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान अपने ट्रैक्टर, दोपहिया और चार पहिया वाहन लेकर सुबह 10 बजे लघु सचिवालय पहुंचे, कुछ लोगों ने खाली सिलिंडर भी ले रखे थे। प्रदर्शन में जनवादी महिला समिति की सदस्याएं भी शामिल हुईं। पहले संगठनों ने तय किया था कि सोनीपत स्टैंड से आंबेडकर चौक तक की एक तरफ की सड़क बंद की जाएगी। लेकिन लोगों की परेशानी को देखते हुए धरना फुटपाथ पर दिया गया, उसके साथ ही वाहन लगाए गए, आवाजाही में ज्यादा रुकावट नहीं आई। किसान सभा के सचिव सुमित दलाल और भाकियू (चढूनी) के जिला प्रधान राजू मकड़ौली ने कहा कि मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के चलते पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें बेतहाशा बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने चहेते अंबानी और अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा कर रही है। 2014 में गैस की कीमतें दोगुनी कर दी गई थीं, पेट्रोल व डीजल के दाम रोज बढ़ रहे हैं। जबकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम हैं। इसका असर परिवहन पर पड़ रहा है, जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए हैं। इनकी वजह से खेती की लागत बढ़ रही है, उसके अनुरूप एमएसपी बढ़ा नहीं है, किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस मौके पर चढूनी ग्रुप से ओम प्रकाश खिड़वाली, संदीप सिसरौली, बलवान हुड्डा, पप्पू, जितेंद्र सांघी, किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, जिला प्रधान प्रीत सिंह, सूबेदार सुंदर, अशोक राठी, महिला समिति की अनीता, राजकुमारी, जगमति सांगवान, मोनिका, सीटीयू के कमलेश लालही, भाकियू (अंबावता) के अनिल नांदल, राम किशन, एसएफआई से प्रवीण, प्रशांत, नौजवान सभा के संदीप सिंह भी मौजूद रहे।
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महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
आईएमटी चौक के पास चल रहे महिलाओं के पिंक धरने में भी संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने गीता अहलवात की अगुवाई में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। गौरतलब है कि यह धरना कई दिनों से किसान आंदोलन के समर्थन में चल रहा है।
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