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Rohtak News: किसान मजदूर संगठन ने दिल्ली महापंचायत में पहुंचने का किया आह्वान
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30jjrp04 झज्जर । ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के सदस्य जनसंपर्क अभियान चलाते हुए ।स्त्रोत आ
झज्जर। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 23 सितंबर को होने वाली किसान मजदूर अखिल भारतीय महापंचायत को लेकर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने शहर में जनसंपर्क अभियान चलाया। अभियान के तहत लोगों को बताया कि महापंचायत में किसान और मजदूरों के हितों को उठाया जाएगा।
कमेटी सदस्य ओमबीर ने बताया कि आवश्यक वस्तुओं के संपूर्ण व्यापार को सरकार द्वारा अपने हाथ में लेने, एमएसपी को कानूनी गारंटी देने, बिजली बिल संशोधन 2023 को रद्द करने, सभी किसान व भूमिहीन गरीबों को कर्ज मुक्त करने, गरीबों को सालभर काम देने की मांग की जाएगी। इसके अतिरिक्त बुढ़ापा पेंशन 10 हजार रुपये प्रतिमाह, किसानों को खाद, बीज, कीटनाशी व कृषि औजार सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाने और बर्बाद हुई फसलों का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांगों को पूरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
महापंचायत में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि किसान-मजदूर परेशान हैं। किसान के लिए खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। इन्हीं समस्याओं को लेकर 23 सितंबर को महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। कमेटी सदस्य सतपाल सिंह सभ्रवाल ने कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में देने की तैयारी कर रही है और स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। बिजली को प्राइवेट कंपनियों के हवाले कर दिया गया तो बिजली आम लोगों पर महंगाई की मार हो जाएगी और गरीब लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी।
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कमेटी सदस्य ओमबीर ने बताया कि आवश्यक वस्तुओं के संपूर्ण व्यापार को सरकार द्वारा अपने हाथ में लेने, एमएसपी को कानूनी गारंटी देने, बिजली बिल संशोधन 2023 को रद्द करने, सभी किसान व भूमिहीन गरीबों को कर्ज मुक्त करने, गरीबों को सालभर काम देने की मांग की जाएगी। इसके अतिरिक्त बुढ़ापा पेंशन 10 हजार रुपये प्रतिमाह, किसानों को खाद, बीज, कीटनाशी व कृषि औजार सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाने और बर्बाद हुई फसलों का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांगों को पूरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
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महापंचायत में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि किसान-मजदूर परेशान हैं। किसान के लिए खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। इन्हीं समस्याओं को लेकर 23 सितंबर को महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। कमेटी सदस्य सतपाल सिंह सभ्रवाल ने कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में देने की तैयारी कर रही है और स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। बिजली को प्राइवेट कंपनियों के हवाले कर दिया गया तो बिजली आम लोगों पर महंगाई की मार हो जाएगी और गरीब लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी।
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