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डेढ़ गुना बढ़ी बिजली की खपत, कट लगाने का सिलसिला शुरू
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गर्मी की शुरुआत में ही बिजली की खपत डेढ़ गुना से ज्यादा पहुंच गई है। बुधवार को जैसे ही 450 मेगावाट से ज्यादा बिजली खपत हुई, वैसे रही पंचकूला से लोड कम करने के लिए आपूर्ति बंद करने का संदेश आ गया। इस पर 11केवी के 364 आरडीएस (रूरल डॉमेस्टिक फीडर) फीडर की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। करीब दो घंटे में लोड कम हुआ तो बिजली सप्लाई शुरू कर दी। देर शाम भी लोड बढ़ने पर बिजली आपूर्ति बंद की गई।
गर्मी की वजह से अप्रैल में ही बिजली की खपत डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे में मई-जून में बिजली की रिकॉर्ड खपत होने का अनुमान है। वहीं, बिजली निगम के सामने आपूर्ति सुचारु रखना काफी चुनौतीपूर्ण होगा।
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि विगत वर्ष की तुलना में अप्रैल में ही बिजली की खपत डेढ़ गुना से ज्यादा पहुंच गई है, जिससे कट लगाना लाजिमी है। अधिकारियों का कहना है कि रोहतक को सुबह, दोपहर और शाम को क्रमश: 200 मेगावाट, 250 मेगावाट व 400 मेगावाट बिजली की मुख्यालय से आपूर्ति मिलती है, जो अप्रैल के शुरुआत में ही उम्मीद से ज्यादा बढ़ती जा रही है। ऐसे में पंचकूला मुख्यालय से संदेश मिलते ही मजबूरन बिजली कटौती करनी पड़ रही है। वहीं, सरकारी दफ्तरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों और घरों में कूलर और एसी धड़ाधड़ चलने लगे हैं। इससे बिजली की खपत का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को जैसे ही बिजली खपत का आंकड़ा डेढ़ गुना से ज्यादा पहुंचा, वैसे ही पंचकूला मुख्यालय से कट लगाकर लोड कम करने का संदेश आ गया। इस पर तुरंत सब स्टेशनों को 11केवी के 364 आरडीएस फीडरों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। करीब दो घंटे में लोड कम हुआ तो सप्लाई शुरू करवा दी गई। देर शाम फिर से बिजली सप्लाई डेढ़ गुना से ज्यादा पहुंची तो कटौती कर दी गई।
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बुधवार में मिली बिजली का आंकड़ा
समय मिल रही बिजली खपत
सुबह 200 मेगावाट 268 मेगावाट
दोपहर 250 मेगावाट 350 मेगावाट
शाम 400 मेगावाट 550 मेगावाट
11 दिन की बिजली खपत का आंकड़ा
पांच अप्रैल 55.34 लाख यूनिट, चार मार्च को 52.18 लाख, तीन अप्रैल को 50.41 लाख, दो अप्रैल को 52.96 लाख, एक अप्रैल को 55.98 लाख, 31 मार्च को 53.43 लाख, 30 मार्च को 54.80 लाख, 29 मार्च को 53.42 लाख, 28 मार्च को 51.47 लाख, 27 मार्च को 49.48 लाख, 26 मार्च को 52.70 लाख यूनिट।
1 दिन में ओवरलोडिंग से हुआ फाल्ट
पांच अप्रैल 11 फाल्ट, चार अप्रैल को तीन, दो अप्रैल को आठ, एक अप्रैल को सात, 31 मार्च को छह, 30 मार्च को पांच, 29 मार्च को छह, 28 मार्च को पांच, 27 मार्च को 12 और 26 मार्च को 14 फाल्ट हुए।
दिन में कृषि फीडर की आपूर्ति रहेगी बंद
गर्मी के चलते बिजली के तारों के टूटकर गिरने अथवा स्पार्किंग होने से खेतों की फसल को नुकसान नहीं हो। इसके चलते एहतियातन तय किया है कि एग्रीकल्चर फीडरों पर सुबह से शाम तक बिजली आपूर्ति नहीं होगी।
वर्जन
अप्रैल के शुरुआती दिनों में विगत वर्षों की तुलना में बिजली की 15 फीसदी से ज्यादा खपत बढ़ गई है। जैसे ही खपत का ग्राफ सर्वाधिक होता है, वैसे ही मुख्यालय से संदेश मिलते ही बिजली आपूर्ति बंद करके खपत संतुलित की जाती है। खपत एकाएक बढ़ने से फाल्ट भी हो रही है।
- एके यादव, अधीक्षण अभियंता यूएचबीवीएन
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गर्मी की वजह से अप्रैल में ही बिजली की खपत डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे में मई-जून में बिजली की रिकॉर्ड खपत होने का अनुमान है। वहीं, बिजली निगम के सामने आपूर्ति सुचारु रखना काफी चुनौतीपूर्ण होगा।
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बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि विगत वर्ष की तुलना में अप्रैल में ही बिजली की खपत डेढ़ गुना से ज्यादा पहुंच गई है, जिससे कट लगाना लाजिमी है। अधिकारियों का कहना है कि रोहतक को सुबह, दोपहर और शाम को क्रमश: 200 मेगावाट, 250 मेगावाट व 400 मेगावाट बिजली की मुख्यालय से आपूर्ति मिलती है, जो अप्रैल के शुरुआत में ही उम्मीद से ज्यादा बढ़ती जा रही है। ऐसे में पंचकूला मुख्यालय से संदेश मिलते ही मजबूरन बिजली कटौती करनी पड़ रही है। वहीं, सरकारी दफ्तरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों और घरों में कूलर और एसी धड़ाधड़ चलने लगे हैं। इससे बिजली की खपत का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को जैसे ही बिजली खपत का आंकड़ा डेढ़ गुना से ज्यादा पहुंचा, वैसे ही पंचकूला मुख्यालय से कट लगाकर लोड कम करने का संदेश आ गया। इस पर तुरंत सब स्टेशनों को 11केवी के 364 आरडीएस फीडरों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। करीब दो घंटे में लोड कम हुआ तो सप्लाई शुरू करवा दी गई। देर शाम फिर से बिजली सप्लाई डेढ़ गुना से ज्यादा पहुंची तो कटौती कर दी गई।
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बुधवार में मिली बिजली का आंकड़ा
समय मिल रही बिजली खपत
सुबह 200 मेगावाट 268 मेगावाट
दोपहर 250 मेगावाट 350 मेगावाट
शाम 400 मेगावाट 550 मेगावाट
11 दिन की बिजली खपत का आंकड़ा
पांच अप्रैल 55.34 लाख यूनिट, चार मार्च को 52.18 लाख, तीन अप्रैल को 50.41 लाख, दो अप्रैल को 52.96 लाख, एक अप्रैल को 55.98 लाख, 31 मार्च को 53.43 लाख, 30 मार्च को 54.80 लाख, 29 मार्च को 53.42 लाख, 28 मार्च को 51.47 लाख, 27 मार्च को 49.48 लाख, 26 मार्च को 52.70 लाख यूनिट।
1 दिन में ओवरलोडिंग से हुआ फाल्ट
पांच अप्रैल 11 फाल्ट, चार अप्रैल को तीन, दो अप्रैल को आठ, एक अप्रैल को सात, 31 मार्च को छह, 30 मार्च को पांच, 29 मार्च को छह, 28 मार्च को पांच, 27 मार्च को 12 और 26 मार्च को 14 फाल्ट हुए।
दिन में कृषि फीडर की आपूर्ति रहेगी बंद
गर्मी के चलते बिजली के तारों के टूटकर गिरने अथवा स्पार्किंग होने से खेतों की फसल को नुकसान नहीं हो। इसके चलते एहतियातन तय किया है कि एग्रीकल्चर फीडरों पर सुबह से शाम तक बिजली आपूर्ति नहीं होगी।
वर्जन
अप्रैल के शुरुआती दिनों में विगत वर्षों की तुलना में बिजली की 15 फीसदी से ज्यादा खपत बढ़ गई है। जैसे ही खपत का ग्राफ सर्वाधिक होता है, वैसे ही मुख्यालय से संदेश मिलते ही बिजली आपूर्ति बंद करके खपत संतुलित की जाती है। खपत एकाएक बढ़ने से फाल्ट भी हो रही है।
- एके यादव, अधीक्षण अभियंता यूएचबीवीएन