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चीफ इंजीनियर की वजह से विभाग की हुई किरकिरी, जनता को हुई परेशानी

Wed, 13 Jul 2022 01:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jul 2022 01:42 AM IST
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Due to the Chief Engineer, the department got grieved, the public got troubled
रोहतक। डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के बैनर तले जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ व जेई की हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। एसोसिएशन के राज्य प्रधान व वरिष्ठ उप प्रधान ने चीफ इंजीनियर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा, कई जिलों के एस्टीमेट पास नहीं होने से जलभराव की समस्या हुई। जेई को बहाल करने की मांग करते हुए एलान किया जल्द केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक करके चीफ इंजीनियर के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
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शहर में 30 जून को तेज बारिश होने से जबरदस्त जलभराव हुआ। डिस्पोजल समय से न चलने से तीन दिन तक कई इलाकों में पानी भरा रहा। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बाद प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा मनीष ग्रोवर ने निरीक्षण किया। मामला पंचकूला तक पहुंचा तो चीफ इंजीनियर प्रदीप पूनिया ने दो दिन तक डेरा डाला। इसके बाद गुरुनानकपुरा में सर्वाधिक जलभराव होने पर जेई अजय को निलंबित कर दिया गया। उच्चाधिकारियों के फैसला पर एसडीओ और जेई ने विरोध जताते हुए धरना शुरू कर दिया।
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सोमवार को हड़ताल करने वाले एकाएक उग्र हो गए। अधीक्षण अभियंता राजीव गुप्ता का घेराव कर दिया और एक्सईएन रोहित से धक्कामुक्की हो गई। मंगलवार को हड़ताल का आकार बड़ा हो गया, जिसमें कई जिलों के इंजीनियरों ने भाग लिया। एसोसिएशन के राज्य प्रधान राजेश रुहिल और पंचकूला से आए वरिष्ठ उप प्रधान राज पवार ने धरनास्थल पर कहा कि उनकी दो मांग है। पहली मांग निलंबित जेई की बहाली और दूसरी जिन अधिकारियों की नाकामी की वजह से विभाग की किरकिरी हुई और लोगों को परेशानी, उन्हें बर्खास्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चीफ इंजीनियर प्रदीप पूनिया के खिलाफ जांच करवाकर कार्रवाई की जाए। भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि चीफ इंजीनियर ने भिवानी, दादरी, रोहतक व जींद समेत कई जिलों के एस्टीमेट पास नहीं किए, जिसकी वजह से उक्त जिलों के लोग समस्या झेल रहे हैं। चीफ इंजीनियर को बर्खास्त करने और एस्टीमेट पास नहीं करने की जांच की जाए। यह पता लगाया जाए कि किस मंशा से चीफ इंजीनियर ने एस्टीमेट पास नहीं किया है।
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खाली प्लॉटों में भरा सीवर का पानी, दुर्गंध में सांस लेना हुआ दूभर
रोहतक। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ और जूनियर इंजीनियरों की हड़ताल की वजह से शहर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या दिन पर दिन गहराती जा रही है। परेशान लोगों की शिकायतें तो दर्ज हो रही हैं मगर उनका निदान नहीं हो रहा। जिसकी वजह से लोगों का दुर्गंध की वजह से सांस लेना दूभर हो गया है। राजीव नगर की गली-चार में सीवरेज ओवरफ्लो होने से लोगों नारकीय हालात में जीने को मजबूर हो रहे हैं। सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बहते हुए आसपास के खाली प्लांटों में एकत्रित हो रहा है। खाली प्लांटों में सीवर का पानी भरने की वजह से दुर्गंध का माहौल हो गया है और सांस लेना दूभर हो रहा है। लोगों ने बताया कि इसकी शिकायत एक जुलाई को दर्ज कराई गई थी, जिसका अभी तक निदान नहीं हुआ है। ब्यूरो
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