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मंदिर में बिना मास्क पहुंचे श्रद्धालु, सोशल डिस्टेंसिंग टूटने पर पुलिस ने बंद कराए कपाट
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शीतला माता मंदिर का बंद मुख्य गेट।
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। शारदीय नवरात्र के पहले दिन प्राचीन शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुट गई। कोरोना संक्रमण के खतरे को लेकर यहां न कोई श्रद्धालु मास्क लगाए था और न सोशल डिस्टेंसिंग की कोई व्यवस्था की गई। सैनिटाइजर और संक्रमण से बचाव के कोई साधन नहीं थे। ऐसे में पुलिस ने कोराना संक्रमण की गाइड लाइन को पूरा करने तक मंदिर के कपाट बंद करा दिए हैं। महंत को कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी साधन मुहैया कराने पर ही दर्शन कराने को कहा गया है।
नवरात्र में प्राचीन शीतला माता मंदिर मार्च माह से भक्तों के लिए बंद है। मंदिर कमेटी की आपसी विवाद और प्रशासन की बेरुखी के कारण इस बार कोई व्यवस्था नहीं की गई। मंदिर कमेटी भक्तों की भीड़ को सोशल डिस्टेंसिंग करवाने में असहज रही। शनिवार को नवरात्र के पहले दिन मंदिर में भारी भीड़ पहुंच गई। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। चौकी इंचार्ज ने सोशल डिस्टेंसिंग, भक्तों के मास्क व सैनिटाइज करवाने के लिए मंदिर कमेटी से कहा। लेकिन कोई इंतजाम नहीं होने तक मंदिर के कपाट बंद करा दिए गए ताकि भीड़ जुटने से संक्रमण का खतरा न हो जाए। मुख्य गेट बंद होने पर भक्त पीछे तालाब वाले गेट की ओर से मंदिर परिसर में प्रवेश कर रहे हैं। महंत थानेश्वरदास के परिजन भी आपस में एक-दूसरे की शिकायत बाजी कर रहे हैं, जिससे समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है।
ये है मंदिर की मान्यता
प्राचीन मंदिर 400 साल से अधिक है। 84 गांवों की ईष्ट मां शीतला माता के दर्शनों को लोग यहां आते हैं। मंदिर की मान्यता के अनुुसार नवरात्र में भक्त यहां आते हैं और एक रात्रि विश्राम कर अगले दिन मां के दर्शन कर वापस जाते हैं। जबकि कोरोना संक्रमणकाल में इसके लिए अनुमति नहीं दी गई है।
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बोले महंत--
यदि भक्त मास्क लगा कर और स्वयं को सैनिटाइज करके एक-एक करके आते हैं तो दर्शन हो सकते हैं। लेकिन वह भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी नहीं ले सकते। इस संबंध में प्रशासन ही कोई निर्णय ले सकता है। मंदिर में सुबह-शाम आरती हो रही है और नवरात्र पर मंदिर को सजाया गया है।
- थानेश्वरदास, महंत।
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मंदिर में कोरोना महामारी से बचाव को जारी की गई किसी गाइड लाइन का पालन नहीं हो रहा था। श्रद्धालु बिना मास्क के पहुंच रहे। भीड़ में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। सैनिटाइजर की कोई व्यवस्था नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन मंदिर कमेटी नहीं करा पा रही है। यह सब व्यवस्थाएं कराने की हिदायत दी गई है। जब तक गाइड लाइन का पालन नहीं होता भीड़ न जुटाने को कहा गया है। नवरात्र के लिए मंदिर कमेटी ने किसी प्रकार की कोई परमीशन भी प्रशासन से नहीं ली है। जोकि गलत है। -राकेश सैनी, थाना प्रभारी सिटी रोहतक।
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नवरात्र में प्राचीन शीतला माता मंदिर मार्च माह से भक्तों के लिए बंद है। मंदिर कमेटी की आपसी विवाद और प्रशासन की बेरुखी के कारण इस बार कोई व्यवस्था नहीं की गई। मंदिर कमेटी भक्तों की भीड़ को सोशल डिस्टेंसिंग करवाने में असहज रही। शनिवार को नवरात्र के पहले दिन मंदिर में भारी भीड़ पहुंच गई। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। चौकी इंचार्ज ने सोशल डिस्टेंसिंग, भक्तों के मास्क व सैनिटाइज करवाने के लिए मंदिर कमेटी से कहा। लेकिन कोई इंतजाम नहीं होने तक मंदिर के कपाट बंद करा दिए गए ताकि भीड़ जुटने से संक्रमण का खतरा न हो जाए। मुख्य गेट बंद होने पर भक्त पीछे तालाब वाले गेट की ओर से मंदिर परिसर में प्रवेश कर रहे हैं। महंत थानेश्वरदास के परिजन भी आपस में एक-दूसरे की शिकायत बाजी कर रहे हैं, जिससे समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है।
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ये है मंदिर की मान्यता
प्राचीन मंदिर 400 साल से अधिक है। 84 गांवों की ईष्ट मां शीतला माता के दर्शनों को लोग यहां आते हैं। मंदिर की मान्यता के अनुुसार नवरात्र में भक्त यहां आते हैं और एक रात्रि विश्राम कर अगले दिन मां के दर्शन कर वापस जाते हैं। जबकि कोरोना संक्रमणकाल में इसके लिए अनुमति नहीं दी गई है।
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बोले महंत--
यदि भक्त मास्क लगा कर और स्वयं को सैनिटाइज करके एक-एक करके आते हैं तो दर्शन हो सकते हैं। लेकिन वह भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी नहीं ले सकते। इस संबंध में प्रशासन ही कोई निर्णय ले सकता है। मंदिर में सुबह-शाम आरती हो रही है और नवरात्र पर मंदिर को सजाया गया है।
- थानेश्वरदास, महंत।
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मंदिर में कोरोना महामारी से बचाव को जारी की गई किसी गाइड लाइन का पालन नहीं हो रहा था। श्रद्धालु बिना मास्क के पहुंच रहे। भीड़ में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। सैनिटाइजर की कोई व्यवस्था नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन मंदिर कमेटी नहीं करा पा रही है। यह सब व्यवस्थाएं कराने की हिदायत दी गई है। जब तक गाइड लाइन का पालन नहीं होता भीड़ न जुटाने को कहा गया है। नवरात्र के लिए मंदिर कमेटी ने किसी प्रकार की कोई परमीशन भी प्रशासन से नहीं ली है। जोकि गलत है। -राकेश सैनी, थाना प्रभारी सिटी रोहतक।

शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन शीतला माता मंदिर में बच्चों सहित दर्शन पूजन करने बिना मास्क पहुंचे श?- फोटो : RohtakCity

शीतला माता की मूर्ति।- फोटो : RohtakCity