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चिकित्सीय प्रमाणपत्र के लिए भटक रहे बाबा बर्फानी के भक्त
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स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनाने आए श्रद्धालुओं से बहस करती स्वास्थ्य कर्मचारी। अमर उजाला
- फोटो : RohtakCity
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रोहतक। बाबा बर्फानी के भक्तों को अमरनाथ यात्रा से पहले ही कष्ट मिलने लगे हैं। सिविल अस्पताल में चिकित्सीय प्रमाण पत्र बनवाने में उन्हें घंटों इंतजार के बाद धक्के खाने पड़ रहे हैं।
श्रद्धालुओं का आरोप है कि बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए 23 जून को कपाट खुलेंगे। इससे पहले श्रद्धालुओं को अपना चिकित्सा प्रमाण पत्र बनवाना है। गांधी कैंप निवासी विनय ने कहा कि सोमवार को अस्पताल गए तो हमें मंगलवार को सुबह आठ बजे बुलाया गया। मंगलवार सुबह अस्पताल पहुंचे तो दोपहर 12 बजे बाद आने को कहा। धूप में दोपहर को दोबारा गए तो पहले आपात विभाग भेज दिया। वहां से 21 नंबर कमरे में भेज दिया। यहां से जांच कराने के लिए कहा गया। जांच कराने पहुंचे तो जांच नहीं हुई। शुगर जांच के लिए एक स्टाफ नर्स से तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बावजूद उसने जांच नहीं की। डीपार्क निवासी अमन ने कहा कि अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काफी परेशानी हो रही है। शुगर जांच के लिए लोग घंटों इंतजार के बाद बैरंग घर लौट आए। बीपी भी बड़ी मुश्किल से जांचा। श्रद्धालुओं को लचर व्यवस्था के चलते परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वर्जन:
अस्पताल में श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था की गई है। ओपीडी में विभिन्न विशेषज्ञ जांच के लिए उपस्थित हैं। किसी को भी दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। कोई शिकायत मिली तो सुनवाई की जाएगी।
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- डॉ. रमेश चंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल।
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श्रद्धालुओं का आरोप है कि बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए 23 जून को कपाट खुलेंगे। इससे पहले श्रद्धालुओं को अपना चिकित्सा प्रमाण पत्र बनवाना है। गांधी कैंप निवासी विनय ने कहा कि सोमवार को अस्पताल गए तो हमें मंगलवार को सुबह आठ बजे बुलाया गया। मंगलवार सुबह अस्पताल पहुंचे तो दोपहर 12 बजे बाद आने को कहा। धूप में दोपहर को दोबारा गए तो पहले आपात विभाग भेज दिया। वहां से 21 नंबर कमरे में भेज दिया। यहां से जांच कराने के लिए कहा गया। जांच कराने पहुंचे तो जांच नहीं हुई। शुगर जांच के लिए एक स्टाफ नर्स से तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बावजूद उसने जांच नहीं की। डीपार्क निवासी अमन ने कहा कि अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काफी परेशानी हो रही है। शुगर जांच के लिए लोग घंटों इंतजार के बाद बैरंग घर लौट आए। बीपी भी बड़ी मुश्किल से जांचा। श्रद्धालुओं को लचर व्यवस्था के चलते परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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अस्पताल में श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था की गई है। ओपीडी में विभिन्न विशेषज्ञ जांच के लिए उपस्थित हैं। किसी को भी दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। कोई शिकायत मिली तो सुनवाई की जाएगी।
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- डॉ. रमेश चंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल।