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Rohtak News: जिले में बढ़ा डेंगू का ग्राफ, आठ में से सात केस शहर में मिले
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10सीटीके04..उप स्वास्थ्य केंद्र नांदल में लार्वा विरोध गतिविधि के तहत महिला का ब्लड सेंपल लेते
रोहतक। जिले में डेंगू और मलेरिया का ग्राफ बढ़ रहा है। पिछले 10 दिन में पांच डेंगू के मरीजों की पुष्टि हुई है। जिलास्तर पर डेंगू की बात की जाए तो अब तक कुल 8 केस मिल चुके हैं। वहीं मलेरिया के भी दो केस सामने आए हैं। शहर में डेंगू के ज्यादा केस सामने आए हैं। डेंगू और मलेरिया के केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।
बारिश के मौसम में मच्छरजनित बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। इस मौसम में मादा एडीज के अलावा मादा एनाफिलीज भी सक्रिय हो जाते हैं। जिले में हर दूसरे दिन डेंगू और मलेरिया के केस सामने आ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने फील्ड में अपनी टीमें उतारकर मच्छरजनित बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के साथ ही लार्वा विरोधी गतिविधि भी शुरू कर दी है।
शहर में मिले सात केस
मच्छरजनित रोग जिले में पांव पसारने लगे हैं। यही वजह है कि सितंबर में अब तक पांच केस सामने आ चुके हैं। ऐसे में यह ग्राफ बढ़ रहा है। डेंगू और मलेरिया से तीन पीड़ित अस्पताल में उपचाराधीन हैं। ओपीडी में भी पांच केसों को उपचार दिया गया है। डेंगू के आठ में से सात केस शहरी व एक ग्रामीण क्षेत्र से हैं, इनमें छह पुरुष व दो महिलाएं हैं।
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जिले में यहां मिले डेंगू-मलेरिया के केस
डेंगू केस महम शहर, देव कॉलोनी, प्रीत विहार, खरकड़ा, विजय नगर, सूर्य नगर, शौरा कोठी व पीजीआईएमएस में मिले हैं। जबकि मलेरिया केस गढ़ी बलम व सांपला में मिले हैं।
विभाग ने 5720 को दिया नोटिस
स्वास्थ्य विभाग ने लार्वा विराेधी गतिविधि व जागरूकता अभियान के तहत घरों में जल स्रोतों की जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को भी विभिन्न इलाकों में जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 84 जगह लार्वा मिला। इन्हें नोटिस जारी कर 72 घंटे में दोबारा लार्वा मिलने पर चालान किए जाने की चेतावनी दी है। सफाई रखने व लार्वा न पनपने देने की भी जानकारी दी गई है। विभाग अब तक 5720 लोगों को नोटिस जारी कर चुका है। पिछले वर्ष अब तक 6509 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। विभाग लोगों को मच्छर जनित रोगों से बचाव की भी जानकारी दे रहा है।
बरसाती मौसम में मच्छर पनपने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में साफ सफाई रखना जरूरी है। घरों में कूलर, गमले समेत अन्य जगहों पर जमा पानी में लार्वा पैदा होता है। इसी से मच्छर बनते हैं। इसलिए लार्वा को पनपने से रोकना हाेगा। जनता इस काम में विभाग का सहयाेग करे। विभाग की टीमें लार्वा विरोधी गतिविधियों के साथ लोगों को जागरूक बनाने का प्रयास कर रही है।
-डाॅ. रमेशचंद्र, सिविल सर्जन।
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बारिश के मौसम में मच्छरजनित बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। इस मौसम में मादा एडीज के अलावा मादा एनाफिलीज भी सक्रिय हो जाते हैं। जिले में हर दूसरे दिन डेंगू और मलेरिया के केस सामने आ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने फील्ड में अपनी टीमें उतारकर मच्छरजनित बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के साथ ही लार्वा विरोधी गतिविधि भी शुरू कर दी है।
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शहर में मिले सात केस
मच्छरजनित रोग जिले में पांव पसारने लगे हैं। यही वजह है कि सितंबर में अब तक पांच केस सामने आ चुके हैं। ऐसे में यह ग्राफ बढ़ रहा है। डेंगू और मलेरिया से तीन पीड़ित अस्पताल में उपचाराधीन हैं। ओपीडी में भी पांच केसों को उपचार दिया गया है। डेंगू के आठ में से सात केस शहरी व एक ग्रामीण क्षेत्र से हैं, इनमें छह पुरुष व दो महिलाएं हैं।
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जिले में यहां मिले डेंगू-मलेरिया के केस
डेंगू केस महम शहर, देव कॉलोनी, प्रीत विहार, खरकड़ा, विजय नगर, सूर्य नगर, शौरा कोठी व पीजीआईएमएस में मिले हैं। जबकि मलेरिया केस गढ़ी बलम व सांपला में मिले हैं।
विभाग ने 5720 को दिया नोटिस
स्वास्थ्य विभाग ने लार्वा विराेधी गतिविधि व जागरूकता अभियान के तहत घरों में जल स्रोतों की जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को भी विभिन्न इलाकों में जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 84 जगह लार्वा मिला। इन्हें नोटिस जारी कर 72 घंटे में दोबारा लार्वा मिलने पर चालान किए जाने की चेतावनी दी है। सफाई रखने व लार्वा न पनपने देने की भी जानकारी दी गई है। विभाग अब तक 5720 लोगों को नोटिस जारी कर चुका है। पिछले वर्ष अब तक 6509 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। विभाग लोगों को मच्छर जनित रोगों से बचाव की भी जानकारी दे रहा है।
बरसाती मौसम में मच्छर पनपने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में साफ सफाई रखना जरूरी है। घरों में कूलर, गमले समेत अन्य जगहों पर जमा पानी में लार्वा पैदा होता है। इसी से मच्छर बनते हैं। इसलिए लार्वा को पनपने से रोकना हाेगा। जनता इस काम में विभाग का सहयाेग करे। विभाग की टीमें लार्वा विरोधी गतिविधियों के साथ लोगों को जागरूक बनाने का प्रयास कर रही है।
-डाॅ. रमेशचंद्र, सिविल सर्जन।

10सीटीके04..उप स्वास्थ्य केंद्र नांदल में लार्वा विरोध गतिविधि के तहत महिला का ब्लड सेंपल लेते