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विरेंद्र सिंह पर राजद्रोह: सैकड़ों लोगों के बयान दर्ज, रिमांड खत्म, आज पेश करेगी पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 27 Mar 2016 02:21 AM IST
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राजद्रोह के आरोपी विरेंद्र सिंह को पेशी के लिए ले जाती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
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राजद्रोह के आरोपी प्रोफेसर विरेंद्र सिंह का 8 दिनों का रिमांड पूरा होने पर उन्हें रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। राजद्रोह के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने सैकड़ों लोगों के बयान दर्ज किए हैं। ये सभी वे लोग हैं, जिन्होंने उपद्रव के दौरान विरेंद्र सिंह से मोबाइल पर बात की थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान जो अलग-अलग लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं, ये बयान ही जांच का अहम हिस्सा होंगे।
डीएसपी पवन कुमार ने जांच का हिस्सा होने का हवाला देकर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। कहा ये भी जा रहा है कि पुलिस फिर से विरेंद्र का रिमांड मांग सकती है। इसी पेशी के दौरान विरेंद्र के नार्को टेस्ट कराने संबंधी याचिका पर भी सुनवाई हो सकती है। बता दें कि एसआईटी मामले में पूर्व सीएम हुड्डा के पीए गांव सिद्घीपुर लोहा (झज्जर) निवासी परमेंद्र वत्स और कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष जयदीप धनखड़ सहित कई लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।
विरेंद्र को कोर्ट में पेश करने के दौरान जांच पड़ताल के मुख्य बिंदुओं का जिक्र किया जाएगा। अभी जांच के किसी भी हिस्से को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
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डीएसपी पवन कुमार एसआईटी इंचार्ज।
ये है मामला
आरोप है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर विरेंद्र ने जाट आरक्षण आंदोलन को भड़काया। उनका एक विवादित ऑडियो टेप सामने आया था, जिसमें वे आंदोलन को दूसरी जगह भी शुरू करने की बात कह रहे हैं। इस टेप के आधार पर भिवानी के रिटायर्ड कैप्टन पवन कुमार ने प्रोफेसर विरेंद्र सिंह और दलाल खाप के प्रवक्ता कैप्टन मानसिंह के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था।
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डीएसपी पवन कुमार ने जांच का हिस्सा होने का हवाला देकर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। कहा ये भी जा रहा है कि पुलिस फिर से विरेंद्र का रिमांड मांग सकती है। इसी पेशी के दौरान विरेंद्र के नार्को टेस्ट कराने संबंधी याचिका पर भी सुनवाई हो सकती है। बता दें कि एसआईटी मामले में पूर्व सीएम हुड्डा के पीए गांव सिद्घीपुर लोहा (झज्जर) निवासी परमेंद्र वत्स और कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष जयदीप धनखड़ सहित कई लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।
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विरेंद्र को कोर्ट में पेश करने के दौरान जांच पड़ताल के मुख्य बिंदुओं का जिक्र किया जाएगा। अभी जांच के किसी भी हिस्से को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
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डीएसपी पवन कुमार एसआईटी इंचार्ज।
ये है मामला
आरोप है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर विरेंद्र ने जाट आरक्षण आंदोलन को भड़काया। उनका एक विवादित ऑडियो टेप सामने आया था, जिसमें वे आंदोलन को दूसरी जगह भी शुरू करने की बात कह रहे हैं। इस टेप के आधार पर भिवानी के रिटायर्ड कैप्टन पवन कुमार ने प्रोफेसर विरेंद्र सिंह और दलाल खाप के प्रवक्ता कैप्टन मानसिंह के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था।