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रिटौली और सुंदरपुर के मोबाइल टावर सील, हजारों मोबाइल से सिग्नल गायब
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 28 Jul 2016 02:03 AM IST
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रिटौली कबूलपुर के ग्रामीणों की रेडिएशन से परेशानी होने की शिकायत पर सील किया टावर
- फोटो : amar ujala
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जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू की सख्ती के बाद मोबाइल टावरों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला परिषद के अधिकारियों ने बुधवार को रिटौली कबूलपुर और सुंदरपुर के मोबाइल टावर सील कर दिए। इनके बंद होते ही हजारों मोबाइलों से सिग्नल गायब हो गए। केवल इन दो जगह नहीं, बल्कि अन्य जगहों पर भी लगे मोबाइल टावरों का रुपया जिला परिषद में जमा नहीं होने पर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
रिटौली कबूलपुर गांव में लगे मोबाइल टावर को लेकर कई बार ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत में कहा था कि मोबाइल टावर के रेडिएशन से काफी परेशानी होती है। दावा किया गया था कि उसके कारण ही बीमारी फैल रही है। इस पर अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे थे। अब कुंडू ने मोबाइल टावर का मुद्दा उठाया तो एसडीएम डा. मुनीश नागपाल के आदेश पर रिटौली कबूलपुर का टावर सील कर दिया गया। उसको सील करने के लिए जिला परिषद के डिप्टी सीईओ नरेंद्र धनखड़, वाइस चेयरमैन राजेंद्र वाल्मिकी, पार्षद दिनेश करौंथा, राजित अजायब भी पहुंचे। टावर की बिजली कटवाकर उस पर ताला जड़कर सील कर दिया गया। उसके बाद वे सुंदरपुर गांव में मोबाइल टावर पर पहुंचे। यहां भी एक टावर के गेट पर सील लगा दी गई और बिजली कटवा दी गई।
बताया गया है कि टावर 2007 में लगाया गया था और उस समय कंपनी की ओर से जिला परिषद से एनओसी नहीं ली गई। एनओसी का एक लाख रुपया बकाया है तो हर साल उसे रिन्यू कराना पड़ता है। इसके लिए हर साल 10 हजार रुपये जमा कराने होते हैं। इस तरह मोबाइल टावर कंपनी पर 1.90 लाख रुपये बकाया हैं। कार्रवाई के बाद दो गांवों में मोबाइल टावर बंद होने से वहां संबंधित कंपनियों के सिग्नल गायब हो गए हैं।
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अभियान चलाया जाएगा: कुंडू
जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू का कहना है कि जिन मोबाइल टावर कंपनी ने जिला परिषद से एनओसी नहीं ली उन सभी को नोटिस भेजा गया था। उसके बावजूद किसी ने एनओसी नहीं ली, जिससे यह कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। जिप की आय बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
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रिटौली कबूलपुर गांव में लगे मोबाइल टावर को लेकर कई बार ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत में कहा था कि मोबाइल टावर के रेडिएशन से काफी परेशानी होती है। दावा किया गया था कि उसके कारण ही बीमारी फैल रही है। इस पर अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे थे। अब कुंडू ने मोबाइल टावर का मुद्दा उठाया तो एसडीएम डा. मुनीश नागपाल के आदेश पर रिटौली कबूलपुर का टावर सील कर दिया गया। उसको सील करने के लिए जिला परिषद के डिप्टी सीईओ नरेंद्र धनखड़, वाइस चेयरमैन राजेंद्र वाल्मिकी, पार्षद दिनेश करौंथा, राजित अजायब भी पहुंचे। टावर की बिजली कटवाकर उस पर ताला जड़कर सील कर दिया गया। उसके बाद वे सुंदरपुर गांव में मोबाइल टावर पर पहुंचे। यहां भी एक टावर के गेट पर सील लगा दी गई और बिजली कटवा दी गई।
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बताया गया है कि टावर 2007 में लगाया गया था और उस समय कंपनी की ओर से जिला परिषद से एनओसी नहीं ली गई। एनओसी का एक लाख रुपया बकाया है तो हर साल उसे रिन्यू कराना पड़ता है। इसके लिए हर साल 10 हजार रुपये जमा कराने होते हैं। इस तरह मोबाइल टावर कंपनी पर 1.90 लाख रुपये बकाया हैं। कार्रवाई के बाद दो गांवों में मोबाइल टावर बंद होने से वहां संबंधित कंपनियों के सिग्नल गायब हो गए हैं।
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अभियान चलाया जाएगा: कुंडू
जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू का कहना है कि जिन मोबाइल टावर कंपनी ने जिला परिषद से एनओसी नहीं ली उन सभी को नोटिस भेजा गया था। उसके बावजूद किसी ने एनओसी नहीं ली, जिससे यह कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। जिप की आय बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।