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हरियाणा जलाने की पहले ही बन चुकी थी योजना, वकील सुदीप कलकल ने उगले राज
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Fri, 08 Apr 2016 01:14 AM IST
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जाट आरक्षण
- फोटो : stock destroyed during jaat reservasion
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश में हुए दंगों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। एसपी ने खुलासा किया है कि हरियाणा को जलाने की पहले ही योजना बन चुकी थी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के युवा प्रदेशाध्यक्ष और वकील सुदीप कलकल ने पुलिस रिमांड में इस संबंध में कई राज उगले हैं। पुलिस ने कलकल की कॉल एनेलाइजर, इंटरसेपटर और रिकार्ड को जुटाया है। पुलिस का दावा है कि सुदीप कलकल किसी से फोन पर बात कर रहा है कि सभी जगह जाम लगा दिए गए हैं और कालेज व स्कूलों में ताले लगवा दिए हैं। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी को घेरने की बात भी फोन पर कही है।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जाट वकील कोर्ट के बाहर आंदोलन कर रहे थे। उसी समय दूसरी बिरादरी के कुछ लोग आंदोलन के खिलाफ डीसी को ज्ञापन देने के लिए लघु सचिवालय में पहुंचे थे। यहां दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया था। इसके बाद सोनीपत स्टैंड पर वकील इकट्ठा हुए थे। एसपी शशांक आनंद ने बताया कि उस दिन वकील कलकल ने भड़काऊ भाषण दिया और उसके बाद शहर में कई जगहों पर हिंसा हुई। सिविल लाइन थाने में कलकल के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज किया गया, लेकिन कलकल को वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में रिमांड के बाद पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका था।
पुलिस ने कलकल को प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया और जेएमआइसी मंजीत पाल की अदालत में पेश किया गया। लेकिन कलकल के पहले ही जेल में बंद होने के कारण कोर्ट से रिमांड नहीं दिया गया। इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई थी। सिविल लाइन थाना पुलिस ने एडीजे अश्वनी कुमार की कोर्ट में रिमांड के लिए रिवीजन दायर किया। जिसमें अश्वनी कुमार की कोर्ट ने जेएमआइसी की अदालत को आदेश दिया कि वह अपने फैसले पर दोबारा से विचार करे। इसके बाद जेएमआइसी मंजीत पाल की अदालत ने सुदीप कलकल का 11 अप्रैल तक रिमांड मंजूर कर दिया। अब सिविल लाइन थाना पुलिस ने कलकल को रिमांड पर लिया।
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एसपी शशांक आनंद ने बताया कि सुदीप कलकल के पास 17 फरवरी को सुबह 11.30 बजे किसी का फोन आया। जिससे कलकल ने कहा कि उन्होंने एमडीयू, जाट कालेज के पास भी जाम कर दिया है और सभी कॉलेजों और स्कूलों में ताले लगवा दिए गए हैं। यह भी कहा गया कि उन्होंने कैप्टन अभिमन्यु की कोठी को घेर रखा है। एसपी ने यह भी बताया कि 18 फरवरी को सोनीपत स्टैंड पर सुदीप कलकल ने ही भड़काऊ भाषण देते हुए कहा था कि जाटों पर हमला हुआ है और अब इकट्ठे हो जाओ। इसके अलावा 19 फरवरी को कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने में भी वकील सुदीप कलकल शामिल था।
एसपी ने बताया कि उन्होंने कलकल के फोन का कॉल एनेलाइजर, इंटरसेपटर व रिकार्ड निकलवाकर सभी सबूत जुटा लिए हैं। जिसकी बातचीत सुनने से साफ हो गया है कि प्रदेश में दंगे भड़काने की साजिश पहले ही रची गई थी। एसपी ने कहा कि सुदीप कलकल से बात करने वाले को ट्रैस किया जा रहा है और उसे पकड़कर बड़ा खुलासा किया जाएगा।
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जाट वकील कोर्ट के बाहर आंदोलन कर रहे थे। उसी समय दूसरी बिरादरी के कुछ लोग आंदोलन के खिलाफ डीसी को ज्ञापन देने के लिए लघु सचिवालय में पहुंचे थे। यहां दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया था। इसके बाद सोनीपत स्टैंड पर वकील इकट्ठा हुए थे। एसपी शशांक आनंद ने बताया कि उस दिन वकील कलकल ने भड़काऊ भाषण दिया और उसके बाद शहर में कई जगहों पर हिंसा हुई। सिविल लाइन थाने में कलकल के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज किया गया, लेकिन कलकल को वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में रिमांड के बाद पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका था।
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पुलिस ने कलकल को प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया और जेएमआइसी मंजीत पाल की अदालत में पेश किया गया। लेकिन कलकल के पहले ही जेल में बंद होने के कारण कोर्ट से रिमांड नहीं दिया गया। इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई थी। सिविल लाइन थाना पुलिस ने एडीजे अश्वनी कुमार की कोर्ट में रिमांड के लिए रिवीजन दायर किया। जिसमें अश्वनी कुमार की कोर्ट ने जेएमआइसी की अदालत को आदेश दिया कि वह अपने फैसले पर दोबारा से विचार करे। इसके बाद जेएमआइसी मंजीत पाल की अदालत ने सुदीप कलकल का 11 अप्रैल तक रिमांड मंजूर कर दिया। अब सिविल लाइन थाना पुलिस ने कलकल को रिमांड पर लिया।
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एसपी शशांक आनंद ने बताया कि सुदीप कलकल के पास 17 फरवरी को सुबह 11.30 बजे किसी का फोन आया। जिससे कलकल ने कहा कि उन्होंने एमडीयू, जाट कालेज के पास भी जाम कर दिया है और सभी कॉलेजों और स्कूलों में ताले लगवा दिए गए हैं। यह भी कहा गया कि उन्होंने कैप्टन अभिमन्यु की कोठी को घेर रखा है। एसपी ने यह भी बताया कि 18 फरवरी को सोनीपत स्टैंड पर सुदीप कलकल ने ही भड़काऊ भाषण देते हुए कहा था कि जाटों पर हमला हुआ है और अब इकट्ठे हो जाओ। इसके अलावा 19 फरवरी को कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने में भी वकील सुदीप कलकल शामिल था।
एसपी ने बताया कि उन्होंने कलकल के फोन का कॉल एनेलाइजर, इंटरसेपटर व रिकार्ड निकलवाकर सभी सबूत जुटा लिए हैं। जिसकी बातचीत सुनने से साफ हो गया है कि प्रदेश में दंगे भड़काने की साजिश पहले ही रची गई थी। एसपी ने कहा कि सुदीप कलकल से बात करने वाले को ट्रैस किया जा रहा है और उसे पकड़कर बड़ा खुलासा किया जाएगा।