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सिविल अस्पताल से थैले में डालकर नवजात को चोरी कर ले गई महिला
Rohtak
Updated Wed, 28 Oct 2015 02:29 AM IST
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शनिवार दोपहर बैंसी गांव निवासी जयपाल अपनी पत्नी नरेश को प्रसव पीड़ा होने पर सिविल अस्पताल में लेकर आया। यहां शाम को महिला ने बेटे को जन्म दिया। जच्चा वार्ड 4 के 23 नंबर बेड पर 4 दिन से दाखिल थी। नरेश ने बताया कि मंगलवार सुबह वह अपनी सास के साथ वार्ड के बाहर बैठकर खाना खा रही थी और बच्चा बेड पर सो रहा था। नरेश के बेड पर एक अन्य नीतिश नाम की महिला भी मौजूद थी।
नीतिश ने बताया कि जब नरेश खाना खाने के लिए बाहर गई तो पीछे से एक महिला वार्ड में आई। उसने नीतिश से कहा कि डॉक्टरों ने बच्चे को जांच के लिए मंगाया है। यह कहकर महिला बच्चे को अपने साथ ले गई। वार्ड में मौजूद महिलाओं का कहना है कि उस महिला के पास एक थैला भी था। नरेश खाना खाकर वापस आई तो बच्चे को बेड पर नहीं पाकर उसने नीतिश से पूछा। नीतिश से घटना का पता लगने के बाद परिजन डॉक्टर के पास पहुंचे तो डॉक्टरों ने कह दिया कि हमने बच्चे को नहीं मंगाया था। कुछ ही देर में पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। चारों तरफ बच्चे की तलाश शुरू हो गई। सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मामला बढ़ता देख डीएसपी वीरेंद्र को मौके पर आना पड़ा और किसी तरह परिजनों को शांत कराया। सिविल लाइन थाना प्रभारी संदीप सिंह का कहना है कि अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
परिजनों ने बाथरूम तक खंगाला
बच्चे के पिता जयपाल गाड़ियों पर सीट कवर लगाने का काम करते हैं। सूचना मिलते ही जयपाल का पूरा परिवार अस्पताल में पहुंच गया। यहां परिजनों ने अस्पताल के बाथरूम तक को खंगाला, लेकिन सुराग नहीं लगा।
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मुख्य गेट से फरार हुई महिला
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आरोपी महिला बच्चे को लेकर अस्पताल के मुख्य गेट से फरार हुई है। क्योंकि अस्पताल प्रशासन की ओर से गाइनी वार्ड की तरफ बाहर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया था। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध महिला ने गुलाबी रंग की जंफर और नीले रंग की सलवार पहन रखी थी। वार्ड में मौजूद महिलाओं का कहना है कि करीब 35 वर्षीय महिला लोकल ही लग रही थी।
बच्चे की तलाश में पुलिस टीमें लगा दी गई हैं। सभी पुलिस नाक ों पर संदिग्ध महिला की तलाश की जा रही है। ऑटो चालकों को भी महिला के हुलिये के बारे में जानकारी दी गई है।
- वीरेंद्र सिंह, डीएसपी।
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नीतिश ने बताया कि जब नरेश खाना खाने के लिए बाहर गई तो पीछे से एक महिला वार्ड में आई। उसने नीतिश से कहा कि डॉक्टरों ने बच्चे को जांच के लिए मंगाया है। यह कहकर महिला बच्चे को अपने साथ ले गई। वार्ड में मौजूद महिलाओं का कहना है कि उस महिला के पास एक थैला भी था। नरेश खाना खाकर वापस आई तो बच्चे को बेड पर नहीं पाकर उसने नीतिश से पूछा। नीतिश से घटना का पता लगने के बाद परिजन डॉक्टर के पास पहुंचे तो डॉक्टरों ने कह दिया कि हमने बच्चे को नहीं मंगाया था। कुछ ही देर में पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। चारों तरफ बच्चे की तलाश शुरू हो गई। सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मामला बढ़ता देख डीएसपी वीरेंद्र को मौके पर आना पड़ा और किसी तरह परिजनों को शांत कराया। सिविल लाइन थाना प्रभारी संदीप सिंह का कहना है कि अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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परिजनों ने बाथरूम तक खंगाला
बच्चे के पिता जयपाल गाड़ियों पर सीट कवर लगाने का काम करते हैं। सूचना मिलते ही जयपाल का पूरा परिवार अस्पताल में पहुंच गया। यहां परिजनों ने अस्पताल के बाथरूम तक को खंगाला, लेकिन सुराग नहीं लगा।
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मुख्य गेट से फरार हुई महिला
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आरोपी महिला बच्चे को लेकर अस्पताल के मुख्य गेट से फरार हुई है। क्योंकि अस्पताल प्रशासन की ओर से गाइनी वार्ड की तरफ बाहर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया था। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध महिला ने गुलाबी रंग की जंफर और नीले रंग की सलवार पहन रखी थी। वार्ड में मौजूद महिलाओं का कहना है कि करीब 35 वर्षीय महिला लोकल ही लग रही थी।
बच्चे की तलाश में पुलिस टीमें लगा दी गई हैं। सभी पुलिस नाक ों पर संदिग्ध महिला की तलाश की जा रही है। ऑटो चालकों को भी महिला के हुलिये के बारे में जानकारी दी गई है।
- वीरेंद्र सिंह, डीएसपी।