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साढ़े सात करोड़ के चेक बाउंस होने पर पति-पत्नी दोषी करार, 26 को सुनाई जाएगी सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 25 May 2017 01:43 AM IST
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- फोटो : google
रियल एस्टेट कंपनी के मालिक और उसकी पत्नी को चेक बाउंस होने के मामले में दोषी करार दिया गया है। सीजेएम योगेश चौधरी की अदालत ने बुधवार को डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा के चेक बाउंस होने के मामले में दोषी करार दिया है। अब दोषियों को 26 मई को सजा सुनाई जाएगी।
पीड़ित पक्ष के वकील ललित कौशिक ने बताया कि मूलरूप से बोहर निवासी बलवान और उनकी पत्नी राजबाला ने पतंजलि बिल्डकॉम प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक रियल एस्टेट कंपनी बनाई। इन दिनों दोनों कमल कॉलोनी में रहते हैं। कौशिक ने बताया कि कंपनी बनाने के बाद बलवान ने गांव बोहर के पांच चचेरे भाई जगबीर, कर्मबीर, धर्मबीर, सतबीर और महावीर से संपर्क किया। इनकी जमीन सनसिटी के पास थी। बलवान ने बताया कि वह उनकी जमीन खरीदकर उस पर कॉलोनी बनाना चाहता है। यहां पांच एकड़ से ज्यादा जमीन थी। सारी जमीन का सौदा 7 करोड़ 55 लाख 12 हजार 500 रुपये में तय हुआ। 23 अक्तूबर 2011 को बलवान ने अपनी कंपनी के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करवा ली। साथ ही पूरी रकम के दस एडवांस चेक पांचों भाइयों को दिये। जब चेक को बैंक में लगाया गया तो बाउंस हो गये। इसके बाद पांचों भाइयों ने बलवान से कैश में रुपये मांगे, लेकिन वह टालमटोल करता रहा। बलवान ने रुपये दिये न जमीन वापस की। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने बलवान और उसकी पत्नी राजबाला के खिलाफ कोर्ट में केस डाला था। कोर्ट ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद दोनों को दोषी करार दिया है।
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पीड़ित पक्ष के वकील ललित कौशिक ने बताया कि मूलरूप से बोहर निवासी बलवान और उनकी पत्नी राजबाला ने पतंजलि बिल्डकॉम प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक रियल एस्टेट कंपनी बनाई। इन दिनों दोनों कमल कॉलोनी में रहते हैं। कौशिक ने बताया कि कंपनी बनाने के बाद बलवान ने गांव बोहर के पांच चचेरे भाई जगबीर, कर्मबीर, धर्मबीर, सतबीर और महावीर से संपर्क किया। इनकी जमीन सनसिटी के पास थी। बलवान ने बताया कि वह उनकी जमीन खरीदकर उस पर कॉलोनी बनाना चाहता है। यहां पांच एकड़ से ज्यादा जमीन थी। सारी जमीन का सौदा 7 करोड़ 55 लाख 12 हजार 500 रुपये में तय हुआ। 23 अक्तूबर 2011 को बलवान ने अपनी कंपनी के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करवा ली। साथ ही पूरी रकम के दस एडवांस चेक पांचों भाइयों को दिये। जब चेक को बैंक में लगाया गया तो बाउंस हो गये। इसके बाद पांचों भाइयों ने बलवान से कैश में रुपये मांगे, लेकिन वह टालमटोल करता रहा। बलवान ने रुपये दिये न जमीन वापस की। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने बलवान और उसकी पत्नी राजबाला के खिलाफ कोर्ट में केस डाला था। कोर्ट ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद दोनों को दोषी करार दिया है।
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