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संशोधित- सामूहिक दुष्कर्म -कोर्ट फैसला
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संशोधित
सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को बीस-बीस साल की कैद, जुर्माना भी लगाया
- खरखौदा क्षेत्र की किशोरी के साथ दिसंबर 2016 में दो अभियुक्तों ने किया दुष्कर्म
- सात माह की गर्भवती होने का पता लगने पर दर्ज कराया गया था मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने खरखौदा थाना क्षेत्र की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में दो दोषियों को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 33-33 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। दुष्कर्म करने के चलते किशोरी सात माह की गर्भवती हो गई थी।
खरखौदा थाना क्षेत्र की महिला ने 29 जुलाई, 2017 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी ने पेट दर्द की शिकायत की थी। उसे चिकित्सक के पास लेकर गए तो पता लगा कि वह सात माह के गर्भ से है। पुलिस की पूछताछ में पीड़ित ने गांव के ही दो लड़कों पर धमकी देकर कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। किशोरी ने बताया था कि दिसंबर, 2016 में छत पर कपड़े सुखाकर नीचे आई थी। इसी दौरान पड़ोसी (नाबालिग) और उसका साथी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों ने उसे धमकी दी थी कि अगर इस घटना के बारे में किसी को बताएगी तो वे उसके परिवार वालों को जान से मार देंगे, जिसके चलते वह चुप रही। पुलिस ने पॉक्सो समेत अन्य धाराओं के तहत दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया था। मामले में पुलिस ने नाबालिग आरोपी को 31 जुलाई, 2017 को गिरफ्तार किया था। दूसरे आरोपी ने 4 अगस्त, 2017 को अदालत में समर्पण कर दिया था। मामले में पक्षों की सुनवाई करते हुए सोमवार को एएसजे डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना है। उन्हें 20-20 साल कैद व 33 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
किशोरी ने दिया था बच्ची को जन्म, बाद में हो गई थी की मौत
पीड़ित किशोरी ने बच्ची को जन्म दिया था। करीब तीन माह बाद बच्ची के बीमार होने के चलते उसकी मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों व किशोरी से पैदा हुई बच्ची का डीएनए टेस्ट भी कराया गया था।
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सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को बीस-बीस साल की कैद, जुर्माना भी लगाया
- खरखौदा क्षेत्र की किशोरी के साथ दिसंबर 2016 में दो अभियुक्तों ने किया दुष्कर्म
- सात माह की गर्भवती होने का पता लगने पर दर्ज कराया गया था मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने खरखौदा थाना क्षेत्र की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में दो दोषियों को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 33-33 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। दुष्कर्म करने के चलते किशोरी सात माह की गर्भवती हो गई थी।
खरखौदा थाना क्षेत्र की महिला ने 29 जुलाई, 2017 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी ने पेट दर्द की शिकायत की थी। उसे चिकित्सक के पास लेकर गए तो पता लगा कि वह सात माह के गर्भ से है। पुलिस की पूछताछ में पीड़ित ने गांव के ही दो लड़कों पर धमकी देकर कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। किशोरी ने बताया था कि दिसंबर, 2016 में छत पर कपड़े सुखाकर नीचे आई थी। इसी दौरान पड़ोसी (नाबालिग) और उसका साथी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों ने उसे धमकी दी थी कि अगर इस घटना के बारे में किसी को बताएगी तो वे उसके परिवार वालों को जान से मार देंगे, जिसके चलते वह चुप रही। पुलिस ने पॉक्सो समेत अन्य धाराओं के तहत दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया था। मामले में पुलिस ने नाबालिग आरोपी को 31 जुलाई, 2017 को गिरफ्तार किया था। दूसरे आरोपी ने 4 अगस्त, 2017 को अदालत में समर्पण कर दिया था। मामले में पक्षों की सुनवाई करते हुए सोमवार को एएसजे डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना है। उन्हें 20-20 साल कैद व 33 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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किशोरी ने दिया था बच्ची को जन्म, बाद में हो गई थी की मौत
पीड़ित किशोरी ने बच्ची को जन्म दिया था। करीब तीन माह बाद बच्ची के बीमार होने के चलते उसकी मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों व किशोरी से पैदा हुई बच्ची का डीएनए टेस्ट भी कराया गया था।
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