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महिला एएसआई पति हैड कांस्टेबल सहित निलंबित

Sat, 06 Jan 2018 02:53 AM IST
Updated Sat, 06 Jan 2018 02:53 AM IST
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महिला एएसआई पति हैड कांस्टेबल सहित निलंबित
दादी की जगह गलती से कर दिया फोन तो दर्ज हुआ छेड़छाड़ का केस
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केस खत्म करने के लिए थानेदारनी पत्नी, हवलदार पति ने लिए 12 हजार रुपये, दोनों सस्पेंड



- ऑटो चालक के बेटे ने गलती से कर दिया था महम के गांव बहलबा की वृद्धा के पास कॉल
- दोनों पति-पत्नी अलग-अलग थानों में हैं तैनात, करनाल निवासी युवक से मांगे थे 35 हजार रुपये

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
छेड़छाड़ के एक मामले में ऑटो चालक के बेटे के खिलाफ दर्ज एफआईआर को कैंसिल करने के एवज में 12 हजार रुपये रिश्वत लेने पर महिला एएसआई नीलम और उसके पति हैड कांस्टेबल संदीप को निलंबित कर दिया गया है। एसपी पंकज नैन ने डीएसपी की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह कार्रवाई की है।
24 जुलाई 2017 को महम थाने में गांव बहलबा निवासी एक बुजुर्ग महिला की शिकायत पर पुलिस ने करनाल के बड़ा गांव निवासी अमित के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था। बुजुर्ग महिला का आरोप था कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले युवक ने उनके साथ गाली-गलौज की। जब उसने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी। महिला का आरोप था कि युवक बार बार कॉल करके उसे परेशान कर रहा है। इस पर महम थाना पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी।
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नंबर की आईडी निकलवाकर गांव पहुंची थी पुलिस
जब पुलिस ने नंबर की आईडी निकलवाई तो वह करनाल के बड़ा गांव निवासी अमित नाम के युवक की निकली। इसके बाद महिला एएसआई नीलम के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम अमित के गांव में पहुंची। उस समय अमित के पिता रामबीर सिंह किसी काम से चंडीगढ़ गये थे। यहां पर पुलिस ने अमित को हिरासत में ले लिया। अमित की दादी ने पुलिस से एक दिन का समय मांगकर कहा कि वह अमित को खुद पेश कर देंगे।
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महिला एएसआई के पति हेड कांस्टेबल ने रिश्वत लेकर डिलीट की रिकॉर्डिंग
रामबीर ने बताया कि वह अगले दिन सात-आठ ग्रामीणों को लेकर महम थाने में पहुंचा। यहां जांच अधिकारी ने उन्हें डराया-धमकाया। जांच अधिकारी नीलम ने रामबीर से कहा कि यदि वह 35 हजार रुपये का जुगाड़ कर दे तो अमित के खिलाफ दर्ज एफआईआर को कैंसिल कर दिया जाएगा। इस पर अमित की दादी थाने में बाहर पुलिस के सामने बिलखने लगी। रामबीर ने बताया बाद में 12 हजार रुपये पर बात तय हो गई। रामबीर ने बताया कि उसने उसी समय 17 दिसंबर 2017 को थाने के बाहर 5 हजार रुपये नीलम के पति हेड कांस्टेबल संदीप को दिये। अगले दिन सुबह ही नीलम ने रामबीर के पास फोन किया और कहा कि थाने के बाहर उसका पति खड़ा है। बाकी सात हजार रुपये उसे देने है। इस पर रामबीर थाने के बाहर आया तो
नीलम का पति बाहर खड़ा था। वह रामबीर को सरकारी भवन में ले गया और उससे सात हजार रुपये लेकर मोबाइल से सारी बातचीत की रिकार्डिंग डिलीट कर दी। कुछ दिन बाद पता चला कि अमित के खिलाफ दर्ज एफआईआर कैंसिल नहीं हुई। हालांकि पुलिस रामबीर के घर नहीं पहुंची।

एसपी के पास पहुंचा मामला, डीएसपी से करवाई जांच
कुछ दिन बाद पूरा मामला एसपी पंकज नैन के पास पहुंच गया। उन्होंने पीड़ित को बुलाकर पूरे मामले के बारे में पूछताछ की। इसके बाद महम डीएसपी को जांच करने के आदेश दिये। डीएसपी ने रामबीर को पूछताछ के लिए बुलाया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पूरी जांच पड़ताल करने के बाद डीएसपी ने रिपोर्ट एसपी को सौंपी। रिपोर्ट में सामने आया कि महिला एएसआई नीलम व हेड कांस्टेबल संदीप ने रिश्वत लेकर रामबीर के बेटे को छोड़ने की बात कही थी। डीएसपी की रिपोर्ट पर दोनों को एसपी ने निलंबित कर दिया। संदीप फिलहाल शिवाजी कॉलोनी थाने में तैनात था।


दादी के पास किया था फोन, गलती से दूसरी जगह लगा
रामबीर का कहना है कि उसके बेटे अमित ने गलती से बहलबा की बुजुर्ग महिला के पास फोन कर दिया था। जिस दिन अमित ने फोन किया वह बहुत बीमार था। उसकी दादी घास लेने खेत में गई थी। बीमारी की हालत में उसने दादी के पास फोन किया तो वह गलती से महम की महिला के पास लग गया। पहली कॉल में मात्र 6 सेकेंड बात हुई। इसके बाद अमित ने दोबारा कॉल करके माफी मांगी। रामबीर का कहना है कि पूरे मामले में उसके करीब 35 हजार रुपये खर्च हो गये।

वर्जन
डीएसपी की जांच रिपोर्ट में एएसआई नीलम व हेड कांस्टेबल संदीप को प्राथमिक तौर पर दोषी पाया गया है। फिलहाल दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
- पंकज नैन, एसपी रोहतक














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