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सरसों खरीद न होने पर किसानों ने लगाया जाम
Updated Mon, 30 Apr 2018 01:05 AM IST
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सरसों खरीद न होने पर किसानों ने लगाया जाम
चरखी दादरी।
टोकन नंबर मिलने के तीन बाद भी सरसों खरीद न होने से गुस्साए किसानों ने रविवार दोपहर अनाज मंडी के समीप महेंद्रगढ़ रोड पर जाम लगा दिया। इस दौरान किसानों ने दो घंटे तक नारेबाजी कर रोष जताया और जमकर हंगामा किया। इस दौरान उनकी मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों व खरीद एजेंसी अधिकारियों के साथ तू-तड़ाक भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर किसानों की बजाय आढ़तियों की सरसों खरीदने के आरोप भी जड़े। मामले की सूचना पर सिटी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। वहीं, नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र ने मौके पर पहुंचकर मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों से विचार-विमर्श कर किसानों को सुचारु खरीद का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इससे पहले करीब दो घंटे तक मुख्यमार्ग की ट्रैफिक व्यवस्था बाधित रही।
अनाज मंडी में सरसों खरीद न होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि उन्हें टॉकन नंबर तो थमा दिया गया लेकिन मंडी में एंट्री तक नहीं करने दी जा रही। किसान राजबीर, रामभगत, नरेश, आजाद सिंह, बिजेंद्र, सेताराम, राजकुमार, बलजीत, रवि, जयप्रकाश, संदीप, रामबिलास, नंबरदार रामभगत, मांगेराम, रतन सिंह, सत्यनारायण, रामकुमार आदि किसानों ने बताया कि खरीद एजेंसियां मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर किसानों की सरसों जान-बूझकर नहीं खरीद रही। किसानों का आरोप है कि मंडी में जगह न होने का हवाला देकर अधिकारी आढ़तियों की सरसों खरीद रहे हैं जबकि किसानों को कई-कई दिन तक इंतजार करवाया जा रहा है। किसानों ने कहा कि अधिकारियों की मंशा है कि मंडी में अव्यवस्थाओं से परेशान होकर किसान वापिस घर चला जाएगा और औने-पौने दामों पर अपनी सरसों आढ़तियों को बेच दे। दोपहर करीब एक बजे तक मंडी में एंट्री न होने से खफा करीब दस गांवों के किसान अनाज मंडी के समीप महेंद्रगढ़ मुख्यमार्ग पर उतर आए। किसानों ने सड़क किनारे पड़े पत्थरों को सड़क पर डाल रोड को जाम कर दिया। इसके करीब आधा घंटा बाद सिटी थाना पुलिस एसआई गल्लाराम अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान हैफेड की फील्ड इंस्पेक्टर रामनारायण सहित मार्केटिंग बोर्ड सचिव सुमनलता भी मौके पर पहुंची और उन्होंने किसानों का समझाया लेकिन किसानों ने उनकी एक न सुनी। इसके बाद नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इससे पहले जाम लगाने पर किसानों को शांत करने मौके पर पहुंचे अधिकारियों से किसानों की जुबानी जंग हुई। वहीं, राहगीरों के अवरोधक हटाने पर किसान उनसे उलझते भी नजर आए।
उठान न होने तक दो जगह होगी अब सरसों खरीद
नायब तहसीलदार ने मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों को जल्द से जल्द मंडी से सरसों का उठान करने के निर्देश दिए। वहीं, उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जब तक मंडी में जगह खाली नहीं हो जाती तब तक दो जगह सरसों खरीद की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन किसानों को टॉकन नंबर अलॉट हो चुके हैं उनकी सरसो की फसल तत्परता से खरीदी जाएं।
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इन गांवों के किसानों को आ रही दिक्कतें
रविवार को अनाज मंडी पहुंचे चरखी, सौंप-कासनी, भैरवी, खेड़ी बूरा, खेडी बत्तर, मंदोला, मौड़ी व मकड़ानी सहित कुछ अन्य गांव के किसानों की सरसों की खरीद करने से अधिकारियों ने मना कर दिया। इन किसानों ने बताया कि मंडी में जगह न होने का उन्हें हवाला दिया गया और मंगलवार को मंडी में आने की बात कही गई। इन किसानों ने बताया कि वो बीते तीन दिन से लगातार मंडी आ रहे हैं और इंतजार के बाद वापिस लौट जाते हैं।
बाक्स: ट्रैक्टरों का लग रहा किराया, सारा दिन बीत जाता है इंतजार में
-मैं पिछले तीन दिनों से लगातार मंडी आ रहा हूं लेकिन हर रोज सरसों खरीद कल होने की बात कही जाती है। सरसों का उठान कार्य ठप होने पर मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उनकी मनमानी से किसानों को परेशानियां हो रही है।
किसान राजबीर, चरखी निवासी
--मुझे गत 27 अप्रैल को सरसों खरीद के लिए टॉकन नंबर दिया था लेकिन अब तक मेरी सरसों नहीं खरीदी गई है। सरसों बेचने के लिए कई किसान ट्रैक्टर किराये पर लाते हैं और अधिकारी उन्हें बैरंग ही लौटा देते हैं। मिलीभगत कर आढ़तियों से सरसों खरीदी जा रही है।
किसान संदीप, सौंप निवासी
-मंडियों में किसान परेशान हैं और अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठकर आराम फरमाते हैं। पिछले चार दिनों से लगातार मंडी पहुंच रहा हूं लेकिन खरीद करने से मना कर देते हैं। इससे किसानों की समय के साथ पैसे की बर्बादी भी होती है।
समस्या का समाधान करना चाहिए।
किसान विजेंद्र, चरखी निवासी
-टॉकन नंबर देने के बावजूद किसानों को मंडी के गेट के बाहर वाहन सहित रोका जा रहा है। बीते तीन दिनों से मैं इंतजार कर रहा हूं लेकिन हर रोज एक ही जवाब सुनने को मिलता है कि मंडी में जगह नहीं है। मंडी में अव्यवस्थाओं पर प्रशासन कोई संज्ञान नहीं ले रहा।
किसान देवेंद्र, भैरवी निवासी
वर्जन::
किसानों को समझा-बुझाकर हमने जाम खुलवा दिया था। किसानों की जो समस्याओं को लेकर मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत की गई और उन्हें सरसों खरीद के निर्देश दे दिए और इसके बाद किसान मान गए और उन्होंने जाम खोल दिया। मंडी में अब किसानों को समस्याएं नहीं आएंगी।
जगदीशचंद्र, नायक तहसीलदार
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चरखी दादरी।
टोकन नंबर मिलने के तीन बाद भी सरसों खरीद न होने से गुस्साए किसानों ने रविवार दोपहर अनाज मंडी के समीप महेंद्रगढ़ रोड पर जाम लगा दिया। इस दौरान किसानों ने दो घंटे तक नारेबाजी कर रोष जताया और जमकर हंगामा किया। इस दौरान उनकी मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों व खरीद एजेंसी अधिकारियों के साथ तू-तड़ाक भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर किसानों की बजाय आढ़तियों की सरसों खरीदने के आरोप भी जड़े। मामले की सूचना पर सिटी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। वहीं, नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र ने मौके पर पहुंचकर मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों से विचार-विमर्श कर किसानों को सुचारु खरीद का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इससे पहले करीब दो घंटे तक मुख्यमार्ग की ट्रैफिक व्यवस्था बाधित रही।
अनाज मंडी में सरसों खरीद न होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि उन्हें टॉकन नंबर तो थमा दिया गया लेकिन मंडी में एंट्री तक नहीं करने दी जा रही। किसान राजबीर, रामभगत, नरेश, आजाद सिंह, बिजेंद्र, सेताराम, राजकुमार, बलजीत, रवि, जयप्रकाश, संदीप, रामबिलास, नंबरदार रामभगत, मांगेराम, रतन सिंह, सत्यनारायण, रामकुमार आदि किसानों ने बताया कि खरीद एजेंसियां मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर किसानों की सरसों जान-बूझकर नहीं खरीद रही। किसानों का आरोप है कि मंडी में जगह न होने का हवाला देकर अधिकारी आढ़तियों की सरसों खरीद रहे हैं जबकि किसानों को कई-कई दिन तक इंतजार करवाया जा रहा है। किसानों ने कहा कि अधिकारियों की मंशा है कि मंडी में अव्यवस्थाओं से परेशान होकर किसान वापिस घर चला जाएगा और औने-पौने दामों पर अपनी सरसों आढ़तियों को बेच दे। दोपहर करीब एक बजे तक मंडी में एंट्री न होने से खफा करीब दस गांवों के किसान अनाज मंडी के समीप महेंद्रगढ़ मुख्यमार्ग पर उतर आए। किसानों ने सड़क किनारे पड़े पत्थरों को सड़क पर डाल रोड को जाम कर दिया। इसके करीब आधा घंटा बाद सिटी थाना पुलिस एसआई गल्लाराम अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान हैफेड की फील्ड इंस्पेक्टर रामनारायण सहित मार्केटिंग बोर्ड सचिव सुमनलता भी मौके पर पहुंची और उन्होंने किसानों का समझाया लेकिन किसानों ने उनकी एक न सुनी। इसके बाद नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इससे पहले जाम लगाने पर किसानों को शांत करने मौके पर पहुंचे अधिकारियों से किसानों की जुबानी जंग हुई। वहीं, राहगीरों के अवरोधक हटाने पर किसान उनसे उलझते भी नजर आए।
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उठान न होने तक दो जगह होगी अब सरसों खरीद
नायब तहसीलदार ने मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों को जल्द से जल्द मंडी से सरसों का उठान करने के निर्देश दिए। वहीं, उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जब तक मंडी में जगह खाली नहीं हो जाती तब तक दो जगह सरसों खरीद की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन किसानों को टॉकन नंबर अलॉट हो चुके हैं उनकी सरसो की फसल तत्परता से खरीदी जाएं।
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इन गांवों के किसानों को आ रही दिक्कतें
रविवार को अनाज मंडी पहुंचे चरखी, सौंप-कासनी, भैरवी, खेड़ी बूरा, खेडी बत्तर, मंदोला, मौड़ी व मकड़ानी सहित कुछ अन्य गांव के किसानों की सरसों की खरीद करने से अधिकारियों ने मना कर दिया। इन किसानों ने बताया कि मंडी में जगह न होने का उन्हें हवाला दिया गया और मंगलवार को मंडी में आने की बात कही गई। इन किसानों ने बताया कि वो बीते तीन दिन से लगातार मंडी आ रहे हैं और इंतजार के बाद वापिस लौट जाते हैं।
बाक्स: ट्रैक्टरों का लग रहा किराया, सारा दिन बीत जाता है इंतजार में
-मैं पिछले तीन दिनों से लगातार मंडी आ रहा हूं लेकिन हर रोज सरसों खरीद कल होने की बात कही जाती है। सरसों का उठान कार्य ठप होने पर मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उनकी मनमानी से किसानों को परेशानियां हो रही है।
किसान राजबीर, चरखी निवासी
--मुझे गत 27 अप्रैल को सरसों खरीद के लिए टॉकन नंबर दिया था लेकिन अब तक मेरी सरसों नहीं खरीदी गई है। सरसों बेचने के लिए कई किसान ट्रैक्टर किराये पर लाते हैं और अधिकारी उन्हें बैरंग ही लौटा देते हैं। मिलीभगत कर आढ़तियों से सरसों खरीदी जा रही है।
किसान संदीप, सौंप निवासी
-मंडियों में किसान परेशान हैं और अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठकर आराम फरमाते हैं। पिछले चार दिनों से लगातार मंडी पहुंच रहा हूं लेकिन खरीद करने से मना कर देते हैं। इससे किसानों की समय के साथ पैसे की बर्बादी भी होती है।
समस्या का समाधान करना चाहिए।
किसान विजेंद्र, चरखी निवासी
-टॉकन नंबर देने के बावजूद किसानों को मंडी के गेट के बाहर वाहन सहित रोका जा रहा है। बीते तीन दिनों से मैं इंतजार कर रहा हूं लेकिन हर रोज एक ही जवाब सुनने को मिलता है कि मंडी में जगह नहीं है। मंडी में अव्यवस्थाओं पर प्रशासन कोई संज्ञान नहीं ले रहा।
किसान देवेंद्र, भैरवी निवासी
वर्जन::
किसानों को समझा-बुझाकर हमने जाम खुलवा दिया था। किसानों की जो समस्याओं को लेकर मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत की गई और उन्हें सरसों खरीद के निर्देश दे दिए और इसके बाद किसान मान गए और उन्होंने जाम खोल दिया। मंडी में अब किसानों को समस्याएं नहीं आएंगी।
जगदीशचंद्र, नायक तहसीलदार