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Ambedkar Nagar News: कच्ची दीवार ढही, दबकर बुजुर्ग की मौत
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हौसला प्रसाद (फाइल फोटो)
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जलालपुर (अंबेडकरनगर)। कई दिनों से हो रही बारिश ने एक बुजुर्ग की जिंदगी छीन ली। कटका क्षेत्र के चकिया गांव में शनिवार को कपड़े फैलाने के दौरान कच्ची दीवार अचानक भरभराकर हौसला प्रसाद (70) के ऊपर गिर गई। मलबे में दबे बुजुर्ग को परिजनों और ग्रामीणों ने बाहर निकाला। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया।
चकिया निवासी दिलीप तिवारी ने बताया कि उनके पिता हौसला प्रसाद कच्चे मकान में रहते थे। कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण मिट्टी की दीवार काफी कमजोर हो गई थी। शनिवार को नहाने के बाद वह टिन शेड पर कपड़े फैलाने गए थे। इसी दौरान अचानक दीवार उनके ऊपर गिर गई। हौसला प्रसाद की पत्नी मंजू तिवारी का वर्ष 2004 में निधन हो गया था। उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा दिलीप खेती करते हैं, जबकि विजय और राहुल मजदूरी करते हैं। राहुल खेती में भी बड़े भाई का हाथ बंटाते थे। थानाध्यक्ष अक्षय कुमार पटेल ने बताया कि दीवार गिरने से बुजुर्ग की मौत हुई है।
पांच साल से अटका था आवास
हौसला प्रसाद की मौत ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार वह आवास योजना के पात्र थे और उनका नाम सूची में शामिल था। वर्ष 2021 में आवास स्वीकृति की प्रक्रिया के दौरान जांच में उनके नाम पहले ही आवास स्वीकृत होने की जानकारी सामने आई। बाद में पता चला कि किसी दूसरे लाभार्थी की आवास की श्रम राशि गलती से हौसला प्रसाद के खाते में भेज दी गई थी। इसी तकनीकी त्रुटि के कारण उन्हें वास्तविक आवास का लाभ नहीं मिल सका। करीब पांच साल तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। वर्ष 2025 में वर्तमान प्रधान राकेश चौहान ने दोबारा आवास के लिए आवेदन कराया, लेकिन आवास मिलने से पहले ही कमजोर दीवार ने उनकी जान ले ली। पक्की छत के नीचे रहने का उनका सपना अधूरा रह गया। प्रधान ने भी खाते में दूसरे लाभार्थी की श्रम राशि आने की पुष्टि की है।
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जांच कराकर मदद दिलाएंगे
इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। परिवार को हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। आवास जल्द से जल्द दिलाने का प्रयास किया जाएगा। - कुमार कार्तिकेय, पीडी, डीआरडीए
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चकिया निवासी दिलीप तिवारी ने बताया कि उनके पिता हौसला प्रसाद कच्चे मकान में रहते थे। कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण मिट्टी की दीवार काफी कमजोर हो गई थी। शनिवार को नहाने के बाद वह टिन शेड पर कपड़े फैलाने गए थे। इसी दौरान अचानक दीवार उनके ऊपर गिर गई। हौसला प्रसाद की पत्नी मंजू तिवारी का वर्ष 2004 में निधन हो गया था। उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा दिलीप खेती करते हैं, जबकि विजय और राहुल मजदूरी करते हैं। राहुल खेती में भी बड़े भाई का हाथ बंटाते थे। थानाध्यक्ष अक्षय कुमार पटेल ने बताया कि दीवार गिरने से बुजुर्ग की मौत हुई है।
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पांच साल से अटका था आवास
हौसला प्रसाद की मौत ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार वह आवास योजना के पात्र थे और उनका नाम सूची में शामिल था। वर्ष 2021 में आवास स्वीकृति की प्रक्रिया के दौरान जांच में उनके नाम पहले ही आवास स्वीकृत होने की जानकारी सामने आई। बाद में पता चला कि किसी दूसरे लाभार्थी की आवास की श्रम राशि गलती से हौसला प्रसाद के खाते में भेज दी गई थी। इसी तकनीकी त्रुटि के कारण उन्हें वास्तविक आवास का लाभ नहीं मिल सका। करीब पांच साल तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। वर्ष 2025 में वर्तमान प्रधान राकेश चौहान ने दोबारा आवास के लिए आवेदन कराया, लेकिन आवास मिलने से पहले ही कमजोर दीवार ने उनकी जान ले ली। पक्की छत के नीचे रहने का उनका सपना अधूरा रह गया। प्रधान ने भी खाते में दूसरे लाभार्थी की श्रम राशि आने की पुष्टि की है।
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जांच कराकर मदद दिलाएंगे
इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। परिवार को हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। आवास जल्द से जल्द दिलाने का प्रयास किया जाएगा। - कुमार कार्तिकेय, पीडी, डीआरडीए