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पीजीआई में शव देखने पहुंची मंगेतर का हंगामा, सुबह पोस्टमार्टम के बाद फूट-फूट कर रोई
Updated Fri, 04 May 2018 03:32 AM IST
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बाद में भेजे जायेंगे---
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पीजीआई में शव देखने पहुंची मंगेतर का हंगामा, सुबह पोस्टमार्टम के बाद फूट-फूट कर रोई
- एलएलबी का छात्र वीरेंद्र हत्याकांड
- तीन माह पहले हुआ था रिश्ता, महम की युवती को को देर रात पता लगी वारदात तो नंगे पैर पहुंच गई पीजीआई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एएसआई के बेटे व एलएलबी के छात्र विरेंद्र हत्याकांड का पता चलते ही उसकी मंगेतर बुधवार की रात में ही परिजनों के साथ पीजीआई पहुंच गई थी। जहां पर शव को देखने के लिए उसने हंगामा भी किया। मगर पोस्टमार्टम के अंदर शव रखे जाने के कारण शव नहीं दिखाया जा सका। जिस पर वीरवार की सुबह फिर से युवती परिजनों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गई। शव को देखकर फूट फूट कर रोई। किसी तरह परिजनों ने उसे सांत्वना दी।
माजरा गांव निवासी एएसआई राजबीर सिंह का बड़ा बेटा वीरेंद्र रोहतक के कालेज में एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र था। बुधवार की देर रात शीला बाईपास के निकट छात्र वीरेंद्र की कुख्यात विक्की बॉक्सर व उसके चार साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सिविल थाने पर पंाच के खिलाफ मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कुछ दिन पहले ही हुई मारपीट की रंजिश में हत्या का आरोप मृतक के परिजनों ने लगाया था।
बुधवार की देर रात करीब 2 बजे जैसे महम के एक गांव निवासी युवती नंगे पैर ही अपने परिजनों के साथ पीजीआई में पहुंची तथा वीरेंद्र के शव को देखने की जिद पर अड़ गई। शव नहीं दिखाने को लेकर युवती ने हंगामा भी किया। बाद में पता चला कि युवती का करीब तीन माह पूर्व ही वीरेंद्र के साथ रिश्ता तय हुआ था। मगर अभी शादी की तारीख निर्धारित नहीं की जा सकी थी। मगर पोस्टमार्टम हाऊस में रखे जाने के कारण शव को नहंी दिखाया जा सका। वीरवार को सुबह के समय फिर से युवती परिजनों के साथ पोस्टमार्टम हाऊस पर पहुंची। शव को देखने के बाद बाद में फूट फूट कर रोई। परिजनों ने किसी तरह युवती को चुप कराया। उधर वीरेंद्र के पिता व अन्य परिजनों का भी भी रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे।
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मरीज के मोबाइल से मंगेतर ने की की बात तो मिली धमकी
बताया गया कि युवती ने पीजीआई में पहुंचते ही वीरेंद्र के परिजनेां के न दिखाई देने पर एक मरीज के मोबाइल से उसके घर पर कॉल की। बात करने के बाद युवती वापस लौट रही थी। इसी बीच जिस मरीज के मोबाइल से काल की गई तो उसके नंबर पर फिर से काल आई। काल करने वाले ने कहा कि वीरेंद्र हत्याकांड में उसका भी हाथ है। जिस पर मरीज डर गया। युवती व उसके परिजनों के साथ भी मरीज की नोकझोंक हुई। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को परिजनों ने बताया कि वीरेंद्र के साथ बेटी की शादी तय की थी। इसके बाद ही मामला शांत हुआ। मरीज ने बताया कि काल करने वालों ने उस पर ही वीरेंद्र की हत्या का शक जता दिया था। हालांकि बाद में उन्हें सही मामले के बारे में पता लग गया था।
अंतिम संस्कार के समय गांव में घूमते रहे दो आरोपी
मामले की रिपोर्ट वीरेंद्र के चचेरे भाई अंकित की शिकायत पर विक्की बाक्सर समेत पांच के खिलाफ दर्ज की गई थी। अंकित ने फोन पर बताया कि गांव में गमगीन माहौल में वीरेंद्र के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दावा किया कि जिस समय लोग अंतिम संस्कार कर लोट रहे थे। उसी समय बाइक पर सवार होकर नामजद आरोपी अमन व उसका एक अन्य साथी गांव में पहुंचे तथा लोगों के देखने पर फरार हो गए। परिवार के अन्य सदस्यों की भी हत्या की आशंका जताई। हालांकि पुलिस मामले की जानकारी से इनकार कर रही है।
सीआईए भी करेगी मामले की जांच
सिविल थाना एसएचओ श्रीभगवान ने बताय कि मामले की जांच थाना पुलिस के अलावा सीआईए 1 व एसआईटी को सौंपी गई है। विक्की व उसके फरार चल रहे साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अहम सुराग हाथ लगे है।
मुझे इंसाफ चाहिए
बेटे की हत्या के बाद उसका एएसआई पिता राजबीर सिंह पोस्टमार्टम हाउस पर पूरी तरह से टूटा नजर आया। राजबीर का कहना था कि उसके बेटे की किसी से दुश्मनी नहीं थी। फिर भी उसकी हत्या कर दी गई। मुझे इंसाफ चाहिए। आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। वरना वह अन्य की भी हत्या कर सकते हैं।
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बाद में भेजे जायेंगे---
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पीजीआई में शव देखने पहुंची मंगेतर का हंगामा, सुबह पोस्टमार्टम के बाद फूट-फूट कर रोई
- एलएलबी का छात्र वीरेंद्र हत्याकांड
- तीन माह पहले हुआ था रिश्ता, महम की युवती को को देर रात पता लगी वारदात तो नंगे पैर पहुंच गई पीजीआई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एएसआई के बेटे व एलएलबी के छात्र विरेंद्र हत्याकांड का पता चलते ही उसकी मंगेतर बुधवार की रात में ही परिजनों के साथ पीजीआई पहुंच गई थी। जहां पर शव को देखने के लिए उसने हंगामा भी किया। मगर पोस्टमार्टम के अंदर शव रखे जाने के कारण शव नहीं दिखाया जा सका। जिस पर वीरवार की सुबह फिर से युवती परिजनों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गई। शव को देखकर फूट फूट कर रोई। किसी तरह परिजनों ने उसे सांत्वना दी।
माजरा गांव निवासी एएसआई राजबीर सिंह का बड़ा बेटा वीरेंद्र रोहतक के कालेज में एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र था। बुधवार की देर रात शीला बाईपास के निकट छात्र वीरेंद्र की कुख्यात विक्की बॉक्सर व उसके चार साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सिविल थाने पर पंाच के खिलाफ मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कुछ दिन पहले ही हुई मारपीट की रंजिश में हत्या का आरोप मृतक के परिजनों ने लगाया था।
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बुधवार की देर रात करीब 2 बजे जैसे महम के एक गांव निवासी युवती नंगे पैर ही अपने परिजनों के साथ पीजीआई में पहुंची तथा वीरेंद्र के शव को देखने की जिद पर अड़ गई। शव नहीं दिखाने को लेकर युवती ने हंगामा भी किया। बाद में पता चला कि युवती का करीब तीन माह पूर्व ही वीरेंद्र के साथ रिश्ता तय हुआ था। मगर अभी शादी की तारीख निर्धारित नहीं की जा सकी थी। मगर पोस्टमार्टम हाऊस में रखे जाने के कारण शव को नहंी दिखाया जा सका। वीरवार को सुबह के समय फिर से युवती परिजनों के साथ पोस्टमार्टम हाऊस पर पहुंची। शव को देखने के बाद बाद में फूट फूट कर रोई। परिजनों ने किसी तरह युवती को चुप कराया। उधर वीरेंद्र के पिता व अन्य परिजनों का भी भी रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे।
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मरीज के मोबाइल से मंगेतर ने की की बात तो मिली धमकी
बताया गया कि युवती ने पीजीआई में पहुंचते ही वीरेंद्र के परिजनेां के न दिखाई देने पर एक मरीज के मोबाइल से उसके घर पर कॉल की। बात करने के बाद युवती वापस लौट रही थी। इसी बीच जिस मरीज के मोबाइल से काल की गई तो उसके नंबर पर फिर से काल आई। काल करने वाले ने कहा कि वीरेंद्र हत्याकांड में उसका भी हाथ है। जिस पर मरीज डर गया। युवती व उसके परिजनों के साथ भी मरीज की नोकझोंक हुई। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को परिजनों ने बताया कि वीरेंद्र के साथ बेटी की शादी तय की थी। इसके बाद ही मामला शांत हुआ। मरीज ने बताया कि काल करने वालों ने उस पर ही वीरेंद्र की हत्या का शक जता दिया था। हालांकि बाद में उन्हें सही मामले के बारे में पता लग गया था।
अंतिम संस्कार के समय गांव में घूमते रहे दो आरोपी
मामले की रिपोर्ट वीरेंद्र के चचेरे भाई अंकित की शिकायत पर विक्की बाक्सर समेत पांच के खिलाफ दर्ज की गई थी। अंकित ने फोन पर बताया कि गांव में गमगीन माहौल में वीरेंद्र के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दावा किया कि जिस समय लोग अंतिम संस्कार कर लोट रहे थे। उसी समय बाइक पर सवार होकर नामजद आरोपी अमन व उसका एक अन्य साथी गांव में पहुंचे तथा लोगों के देखने पर फरार हो गए। परिवार के अन्य सदस्यों की भी हत्या की आशंका जताई। हालांकि पुलिस मामले की जानकारी से इनकार कर रही है।
सीआईए भी करेगी मामले की जांच
सिविल थाना एसएचओ श्रीभगवान ने बताय कि मामले की जांच थाना पुलिस के अलावा सीआईए 1 व एसआईटी को सौंपी गई है। विक्की व उसके फरार चल रहे साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अहम सुराग हाथ लगे है।
मुझे इंसाफ चाहिए
बेटे की हत्या के बाद उसका एएसआई पिता राजबीर सिंह पोस्टमार्टम हाउस पर पूरी तरह से टूटा नजर आया। राजबीर का कहना था कि उसके बेटे की किसी से दुश्मनी नहीं थी। फिर भी उसकी हत्या कर दी गई। मुझे इंसाफ चाहिए। आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। वरना वह अन्य की भी हत्या कर सकते हैं।