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ममता का महिला आयोग ने किया अंतिम संस्कार

Sun, 12 Aug 2018 02:40 AM IST
Updated Sun, 12 Aug 2018 02:40 AM IST
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ममता का महिला आयोग ने किया अंतिम संस्कार
फोटो सहित.............
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फ्लैग : रोहतक का दोहरा हत्याकांड : ऑनर किलिंग के लिए बदनाम प्रदेश में नई पहल
हेडिंग : महिला आयोग ने किया अंतिम संस्कार, अर्थी को दिया कंधा, लड़की के चचेरे भाई ने दी मुखाग्नि
: ‘शहीद ममता अमर रहे’ के लगे संस्कार से पहले नारे
: एसडीएम ने रिसीव किया शव, संस्कार रजिस्टर में लिखा ममता पुत्री रमेश
: पुलिस ने दोनों पक्षों व सामाजिक संगठनों को बुलाया था अंतिम संस्कार की रस्म में
: आयोग की प्रदेशाध्यक्ष बोलीं, सीएम को देंगे मांग पत्र, ऑनर के नाम पर बेटियों की हत्या करने वालों को मिले फांसी की सजा
: बेटियों की हत्या का हक किसी को नहीं : जगमति सांगवान
: जेल जाते समय गोद लेने वाली मां बोली, अब हो रहा पछतावा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। अंतरजातीय विवाह करने वाली ममता की हत्या के तीन दिन बाद राज्य महिला आयोग ने प्रशासन के सहयोग से शनिवार शाम रामबाग श्मशान घर में उसका अंतिम संस्कार किया। कड़ी सुरक्षा के बीच ममता के चचेरे भाई राकेश उर्फ नान्हा निवासी गद्दी खेड़ी ने जहां मुखाग्नि दी, वहीं लड़के पक्ष की तरफ से भी कुछ लोग संस्कार में शामिल हुए। अंतिम संस्कार के दौरान महिला आयोग की तरफ से ‘शहीद ममता अमर रहे’ के नारे लगाए गए। हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग रखी। वहीं, प्रशासन अब भी ममता को अविवाहित मान रहा है। श्मशान घर के रजिस्टर में नाम ममता पुत्री रमेश निवासी श्याम कॉलोनी लिखवाया गया है।
जेएमआईसी मानसी गौड़ की अदालत ने दोपहर बाद जिला प्रशासन को हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करने का अधिकार दिया। डीसी ने एसडीएम रोहतक राकेश कुमार की ड्यूटी तय की। साथ ही प्रदेश महिला आयोग, जनवादी महिला समिति व दूसरे सामाजिक संगठनों के अलावा लड़की व लड़के पक्ष के लोगों को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा। तय हुआ कि ठीक 6:30 बजे शीला बाइपास के नजदीक रामबाग श्मशान घर में ममता का अंतिम संस्कार होगा। पीजीआई के डेड हाउस से एसडीएम राकेश कुमार व रेडक्रॉस सोसायटी सचिव देवेंद्र चहल पुलिस सुरक्षा में 6 बजकर 54 मिनट पर शव लेकर श्मशान घर पहुंचे। यहां पहले से महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन, जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर जगमति सांगवान, पारस जन कल्याण समिति के पदाधिकारी व वरिष्ठ अधिवक्ता डॉक्टर दीपक भारद्वाज मौजूद थे।
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शहीद की तरह अर्पित किया गया पुष्प चक्र, ममता अमर रहे के लगे नारे
अंतरजातीय विवाह करने वाली ममता के शव को लाल रंग के कपड़े में लपेट कर संस्कार के लिए लाया गया। यहां महिला आयोग की पदाधिकारियों, एसडीएम राकेश कुमार, डीएसपी रमेश कुमार व दूसरे सामाजिक संगठनों ने पुष्प अर्पित किए। महिला आयोग की तरफ से शहीद की तरह पुष्प चक्र अर्पित किया गया। इसके बाद आयोग की अध्यक्ष प्रतिमा सुमन, उपाध्यक्ष प्रीति भारद्वाज, सदस्य सोनिया अग्रवाल, इंदु यादव, कुसुम राणा व दूसरी महिलाओं ने अर्थी को कंधा दिया। अर्थी उठाकर ले जाते समय ममता अमर रहे के नारे लगाए। इसके साथ ही महिलाओं ने कहा कि तब तक चुप नहीं बैठेंगे, जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलेगी।
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ममता के चचेरे भाई ने दी मुखाग्नि, जल अर्पण की निभाई रस्म
अंतिम संस्कार के दौरान नाबालिग होते हुए सिंहपुरा निवासी सोम के साथ आर्य समाज मंदिर दिल्ली में शादी करने वाली ममता की चिता को उसके चचेरे भाई राकेश उर्फ नान्हा ने मुखाग्नि दी। इसके बाद चिता के चारों तरफ जल अर्पण व दूसरी रस्म अदा की गई। हालांकि, उस समय लड़के पक्ष की ओर से भी लोग भी मौजूद रहे।

श्मशान घर के रजिस्टर में लिखा, ममता पुत्री रमेश निवासी श्याम कॉलोनी
जिला प्रशासन अब भी ममता को अविवाहित मान रहा है। रामबाग श्मशान घर के रजिस्टर में ममता पुत्री रमेश, निवासी श्याम कॉलोनी, उम्र 18 साल लिखा हुआ है। जबकि पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ममता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार उसके जन्म देने व गोद लेने वाले माता-पिता ऐसा कोई सबूत नहीं दे सके कि उन्होंने कानूनी तौर पर गोद लेने की प्रक्रिया पूरी की है।


सीएम से करेंगे मांग, फांसी की सजा का प्रावधान हो
प्रदेश के अंदर अब तक ऑनर के नाम पर बेटियों की हत्या करने वालों को ही शव अंतिम संस्कार के लिए सौंपे जाते रहे हैं। पहली बार किसी आयोग ने अंतिम संस्कार किया है। आयोग सीएम से मांग करेगा कि जैसे 12 साल से कम उम्र की बच्ची से रेप के आरोपियों को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है, उसी तरह ऑनर के नाम पर बेटियों की हत्या करने वालों को भी फांसी की सजा देने का प्रावधान किया जाए।
-प्रतिभा सुमन, अध्यक्ष प्रदेश महिला आयोग
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ऑनर किलिंग नहीं, सीधा अपराध माना जाए
बेटियों की इस तरह हत्या को ऑनर से जोड़कर न देखा जाए, बल्कि सीधा अपराध माना जाए। जनवादी महिला समिति लंबे समय से आवाज उठाए हुए है, क्योंकि किसी भी स्थिति में माता-पिता को भी संतान की जान लेने का अधिकार नहीं है।
-जगमति सांगवान, राष्ट्रीय सचिव जनवादी महिला समिति
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जेल जाते समय गोद लेने वाली मां बोली, हो रहा पछतावा
पुलिस ने ममता की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार श्याम कॉलोनी निवासी रमेश, उसकी पत्नी कृष्णा, गद्दी खेड़ी निवासी रामकेश व सविता को अदालत में पेश किया। यहां से रमेश को दो दिन के रिमांड तो तीन अन्य को न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेज दिया गया। कोर्ट की सीढ़ियों से नीचे उतरते समय जब कृष्णा से पूछा गया कि क्या आपको अब पछतावा हो रहा है। उसने सिर हिलाकर हां में जवाब दिया। हालांकि, इससे ज्यादा कुछ नहीं बोली।


ममता के परिजनों से पूछकर प्रवाहित करेंगे अस्थियां
हिंदू रीति रिवाज के अंदर अंतिम संस्कार के तीसरे दिन अस्थियां उठाई जाती हैं। उसी दिन चलते पानी में प्रवाहित किया जाता है। ज्यादातर लोग गंगा या यमुना नदी में अस्थियां प्रवाहित करने जाते हैं। लड़की के परिजनों से बात की है। वे जब कहेंगे प्रशासन की देखरेख में अस्थियां एकत्रित कर प्रवाहित की जाएंगी।
-देवेंद्र चहल, सचिव जिला रेडक्रॉस सोसायटी
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