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अर्जुन अवार्डी पुलिस अधिकारी ने सीडीएलयू में किया हंगामा
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सिरसा। सीडीएलयू में सोमवार रात 11 बजे नशे में धुत्त इंस्पेक्टर ने हंगामा किया। पुलिस अधिकारी का पहले सुरक्षा कर्मचारियों और छात्रों से विवाद हुआ। इससे गुस्साए सिक्योरिटी गार्ड्स और छात्रों ने पुलिस अधिकारी की जमकर धुनाई की। रात दो बजे पुलिस अधिकारी ने माफी मांगी, इस पर किसी ने भी शिकायत नहीं दी। पुलिस अधिकारी पेशेवर बाक्सर हैं और खेल कोटे से पुलिस में भर्ती हुए है। वे अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित हैं।
जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारी बडागुढ़ा क्षेत्र में एक नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करके रात को वापस सिरसा पुलिस लाइन आ रहे थे। इस दौरान उन्होंने डबवाली रोड से गाड़ी सीडीएलयू बाईपास रोड पर गाड़ी मोड़ ली। बाईपास से पुलिस अधिकारी ने चतरगढ़ पट्टी की ओर खाली प्लाटों से गाड़ी सीडीएलयू के गेट नंबर तीन के बाहर लाकर खड़ी कर दी। ये गेट चतरगढ़ पट्टी की ओर खुलता है। इससे केवल मोटरसाइकिल ही अंदर जाते हैं। पुलिस अधिकारी सादी वर्दी में था और डस्टर कार में सवार था। गेट पर पहुंचने के बाद उसने कर्मचारियों को गेट खोलने के लिए कहा। कर्मचारियों ने जब उनका परिचय पूछा तो उसने कहा कि वह पुलिस अधिकारी हैं और गेट खोले। कर्मचारियों ने उसे आई कार्ड दिखाने के लिए कहा। इस पर पुलिस अधिकारी का कर्मचारियों के साथ विवाद हो गया। गेट के साथ ही हॉस्टल था। छात्र भी रात को बाहर ही खड़े थे। गेट पर हंगामा देखकर हॉस्टल के छात्र भी बाहर आ गए। इस दौरान पुलिस अधिकारी गेट खुलवाकर सीडीएलयू में दाखिल हो गया। उसे रोकने के लिए सिक्योरिटी कर्मचारी भागे। गेट नंबर तीन से सीधा रोड गर्ल्स हॉस्टल और प्राध्यापकों के रिहायशी एरिया से होकर निकलता है। लेकिन बीच में रास्ता ब्लॉक किया हुआ है। पुलिस अधिकारी ने गाड़ी सीधे सड़क पर लगे लोहे के गेट पर मारी। धमाके की आवाज सुनकर छात्र और सिक्योरिटी कर्मचारी वहीं पर पहुंच गए।
सिक्योरिटी गार्ड्स और छात्रों ने की धुनाई, रात को दो बजे हुआ मामले का पटाक्षेप
प्रोफेसर के मकानों और गर्ल्स हॉस्टल के बीच वाले रास्ते के गेट पर पुलिस अधिकारी की गाड़ी के ठुकने पर सिक्योरिटी कर्मचारियों और छात्रों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस अधिकारी की खूब धुनाई की। पुलिस इंस्पेक्टर की टी शर्ट भी फट गई। वह केवल बनियान और लोअर में रह गया। मामला बढ़ता देखकर चीफ वार्डन प्रोफेसर राजकुमार सिवाच और कार्यकारी अभियंता एसके विज भी पहुंचे। उन्होंने पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद हुडा पुलिस चौकी और सिविल लाइन थाने से पुलिस वहां पर पहुंची। दो गाड़ियों में करीब 20 कर्मचारी पर पहुंचे। छात्रों में रोष था। कुछ छात्रों ने पुलिस अधिकारी की करतूतों की वीडियो बनानी चाहिए। लेकिन पुलिस ने रोक दिया। सिक्योरिटी और छात्र इसकी शिकायत करना चाहते थे। लेकिन पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने अर्जुन अवार्डी की नौकरी का हवाला देकर रात करीब दो बजे पुलिस के अधिकारियों ने पुलिस अधिकारी की करतूत पर खेद जताकर मामले को रफा दफा किया।
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हाथ पर चोट लगने पर सुबह बरनाला रोड पर हाउसिंग बोर्ड में पहुंचा दवा लेने
पुलिस इंस्पेक्टर सुबह साढ़े नौ बजे हाउसिंग बोर्ड पर हांडीखेडा के एक पूर्व सरपंच द्वारा संचालित अस्पताल में दवा लेने के लिए पहुंचा। उसके हाथ पर चोट के निशान डे। हालांकि चिकित्सक ने उसे टांके लगाने के बात कही, लेकिन उसने केवल पट्टी करवाई।
कोट्स
मुझे सुबह सीडीएलयू के कार्यकारी अभियंता एसके विज से पूरी घटना का पता चला। उन्होंने बताया था कि कोई अर्जुन अवार्ड पुलिस अधिकारी था।
राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा
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जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारी बडागुढ़ा क्षेत्र में एक नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करके रात को वापस सिरसा पुलिस लाइन आ रहे थे। इस दौरान उन्होंने डबवाली रोड से गाड़ी सीडीएलयू बाईपास रोड पर गाड़ी मोड़ ली। बाईपास से पुलिस अधिकारी ने चतरगढ़ पट्टी की ओर खाली प्लाटों से गाड़ी सीडीएलयू के गेट नंबर तीन के बाहर लाकर खड़ी कर दी। ये गेट चतरगढ़ पट्टी की ओर खुलता है। इससे केवल मोटरसाइकिल ही अंदर जाते हैं। पुलिस अधिकारी सादी वर्दी में था और डस्टर कार में सवार था। गेट पर पहुंचने के बाद उसने कर्मचारियों को गेट खोलने के लिए कहा। कर्मचारियों ने जब उनका परिचय पूछा तो उसने कहा कि वह पुलिस अधिकारी हैं और गेट खोले। कर्मचारियों ने उसे आई कार्ड दिखाने के लिए कहा। इस पर पुलिस अधिकारी का कर्मचारियों के साथ विवाद हो गया। गेट के साथ ही हॉस्टल था। छात्र भी रात को बाहर ही खड़े थे। गेट पर हंगामा देखकर हॉस्टल के छात्र भी बाहर आ गए। इस दौरान पुलिस अधिकारी गेट खुलवाकर सीडीएलयू में दाखिल हो गया। उसे रोकने के लिए सिक्योरिटी कर्मचारी भागे। गेट नंबर तीन से सीधा रोड गर्ल्स हॉस्टल और प्राध्यापकों के रिहायशी एरिया से होकर निकलता है। लेकिन बीच में रास्ता ब्लॉक किया हुआ है। पुलिस अधिकारी ने गाड़ी सीधे सड़क पर लगे लोहे के गेट पर मारी। धमाके की आवाज सुनकर छात्र और सिक्योरिटी कर्मचारी वहीं पर पहुंच गए।
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सिक्योरिटी गार्ड्स और छात्रों ने की धुनाई, रात को दो बजे हुआ मामले का पटाक्षेप
प्रोफेसर के मकानों और गर्ल्स हॉस्टल के बीच वाले रास्ते के गेट पर पुलिस अधिकारी की गाड़ी के ठुकने पर सिक्योरिटी कर्मचारियों और छात्रों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस अधिकारी की खूब धुनाई की। पुलिस इंस्पेक्टर की टी शर्ट भी फट गई। वह केवल बनियान और लोअर में रह गया। मामला बढ़ता देखकर चीफ वार्डन प्रोफेसर राजकुमार सिवाच और कार्यकारी अभियंता एसके विज भी पहुंचे। उन्होंने पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद हुडा पुलिस चौकी और सिविल लाइन थाने से पुलिस वहां पर पहुंची। दो गाड़ियों में करीब 20 कर्मचारी पर पहुंचे। छात्रों में रोष था। कुछ छात्रों ने पुलिस अधिकारी की करतूतों की वीडियो बनानी चाहिए। लेकिन पुलिस ने रोक दिया। सिक्योरिटी और छात्र इसकी शिकायत करना चाहते थे। लेकिन पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने अर्जुन अवार्डी की नौकरी का हवाला देकर रात करीब दो बजे पुलिस के अधिकारियों ने पुलिस अधिकारी की करतूत पर खेद जताकर मामले को रफा दफा किया।
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हाथ पर चोट लगने पर सुबह बरनाला रोड पर हाउसिंग बोर्ड में पहुंचा दवा लेने
पुलिस इंस्पेक्टर सुबह साढ़े नौ बजे हाउसिंग बोर्ड पर हांडीखेडा के एक पूर्व सरपंच द्वारा संचालित अस्पताल में दवा लेने के लिए पहुंचा। उसके हाथ पर चोट के निशान डे। हालांकि चिकित्सक ने उसे टांके लगाने के बात कही, लेकिन उसने केवल पट्टी करवाई।
कोट्स
मुझे सुबह सीडीएलयू के कार्यकारी अभियंता एसके विज से पूरी घटना का पता चला। उन्होंने बताया था कि कोई अर्जुन अवार्ड पुलिस अधिकारी था।
राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा