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किशोरी से यौन उत्पीड़न करने वाले होटल संचालक को पकड़ने यूपी के रामपुर पहुंची पुलिस
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:48 AM IST
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किशोरी से यौन उत्पीड़न करने वाले होटल संचालक को पकड़ने यूपी के रामपुर पहुंची पुलिस
-यौन उत्पीड़न करने वाले होटल संचालक की गिरफ्तारी के लिए टीम ने मारा छापा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। किशोरी से यौन उत्पीड़न करने वाले होटल संचालक की गिरफ्तारी के लिए रामपुर गई पुलिस की एक टीम ने वहां के नंदी का मजरा गांव में दबिश दी। पूछताछ के लिए बुलाए दो युवकों से आरोपी के ठिकाने का सुराग मिला था। इधर, पुलिस किशोरी के ठीक होते ही उसे गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। नवजात को फेंकने के मामले में उस पर केस दर्ज किया गया है। ऐसे में पुलिस भी कार्रवाई को लेकर असमंजस की स्थिति में है। इस उलझन को सुलझाने के लिए जिला न्यायवादी से सलाह मांगी गई है।
पुरानी सब्जी मंडी पुलिस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि बीते दिनों हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ में आरोपी के यूपी में छिपे होने की सूचना मिली थी। बच्ची का यौन उत्पीड़न करने वाले नाजिम की तलाश में टीम ने रामपुर जिले के गांव नंदी का मंजरा में दबिश दी। यहां से उसे गिरफ्तार करने के बाद ही मामले में उठ रहे कई सवालों के जवाब सामने आएंगे। नाजिम शहर के सुभाष रोड पर ही एक होटल चलाता था। यहीं बच्ची को बहला-फुसला कर लाया और उससे दुष्कर्म किया।
बच्ची को फेंकने के मामले में किशोरी पर होगी कार्रवाई
किशोरी ने डिलीवरी के बाद बच्ची को गली में फेंक दिया। यह कानून की नजर में अपराध है। इसके चलते उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किशोरी के खिलाफ नवजात को गली में फेंकने का केस दर्ज करने वाली पुलिस उसकी गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है। चूंकि आरोपी किशोरी है, ऐसे में जेजे एक्ट के तहत उसे पुलिस हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भी भेजा जा सकता है। फिलहाल किशोरी के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर पुलिस भी असमंजस में है। उसे गिरफ्तार करे या न करे, हिरासत में ले या न ले। इस संबंध में जिला न्यायवादी से सलाह मांगी गई है। इसके बाद ही पुलिस कोई कार्रवाई करेगी।
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उत्पीड़न का शिकार किशोरी की मां बोली, हमें नहीं करना कोई सवाल जवाब
-पीजीआई में उपचाराधीन किशोरी की हालत नाजुक, उसकी नवजात बच्ची सिविल अस्पसताल में उपचाराधीन
-डिलिवरी के बाद से दिनभर बिस्तर पर पड़े फफक रही है किशोरी, खून की कमी से पीला पड़ा चेहरा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। यौन उत्पीड़न का शिकार बनी किशोरी व उसका परिवार घटना से बेहद आहत है। पिछले पांच दिनों से पीड़िता व उसकी मां के आंसू नहीं सूखे हैं। अपने साथ हुए हादसे को लेकर बात करने पर कुछ भी कहने से साफ इनकार कर रहे हैं। पीड़िता से बात करने का प्रयास किया तो उसने कहा, मुझे किसी से कोई बात नहीं करनी और रो पड़ी। पीड़िता की मां से बेटी के ठीक होने पर उसे स्कूल भेजने की बात की तो कहा कि हमें कोई सवाल जवाब नहीं करना। यह कहते ही वह भी फफक पड़ी। पीड़ित परिवार को हौसला देकर फिर से मख्यधारा से जोड़ने के लिए सीडब्ल्यूसी चेयरमैन राज सिंह सांगवान व उनकी टीम ने शुक्रवार को फिर से परिवार से मुलाकात की। पीड़िता की काउंसिलिंग भी की गई।
समिति चेयरमैन राज सिंह सांगवान ने बताया कि पीड़िता से बात हुई है। वह ठीक से बात नहीं कर पा रही है। उसकी जुबान लड़खड़ा रही है। इसलिए उसकी कही बात को समझना मुश्किल हो रहा है। वह मूलरूप से यूपी की रहने वाली है। वहीं की भाषा बोल रही है। इसलिए लैंग्वेज एक्सपर्ट बुलाया गया है। बड़ी मुश्किल से बच्ची ने आरोपी नाजिम का नाम लिया था। वहीं डिलिवरी के बाद उसके शरीर में खून की कमी हो गई है। शरीर पीला पड़ गया है। उसका इलाज जारी है।
स्कूल को समिति भेजेगी नोटिस
समिति चेयरमैन ने कहा कि सीडब्ल्यूसी किशोरी की हालत के लिए स्कूल को नोटिस जारी करेगी। यह मामला स्कूल के शिक्षकों की कार्रवाई प्रणाली पर भी सवाल उठाता है। वे क्या, कैसा और कितना करते हैं, यह सोचने की बात है। नौ महीने की गर्भवती किशोरी स्कूल जा रही थी और किसी ने उसे देखा तक नहीं। उसके शारीरिक बदलावों को अनदेखा किया गया। यही नहीं यह मामला सामने आने के बाद भी समिति को सूचना तक नहीं भेजी गई। जबकि कानूनन रिपोर्ट करनी चाहिए थी।
बच्ची के डीएनए सेंपल मधूबन भेजे
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जसबीर परमार ने कहा कि नवजात बच्ची अस्पताल में उपचाराधीन है। उसका स्वास्थ्य ठीक है। दूध पी रही है। थोड़ा वजन कम हुआ है। यह स्वाभाविक होता है। जन्म के बाद एक बार कुछ वजन कम होता है। बाद में फिर स्थिति में सुधार आ जाता है।
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-यौन उत्पीड़न करने वाले होटल संचालक की गिरफ्तारी के लिए टीम ने मारा छापा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। किशोरी से यौन उत्पीड़न करने वाले होटल संचालक की गिरफ्तारी के लिए रामपुर गई पुलिस की एक टीम ने वहां के नंदी का मजरा गांव में दबिश दी। पूछताछ के लिए बुलाए दो युवकों से आरोपी के ठिकाने का सुराग मिला था। इधर, पुलिस किशोरी के ठीक होते ही उसे गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। नवजात को फेंकने के मामले में उस पर केस दर्ज किया गया है। ऐसे में पुलिस भी कार्रवाई को लेकर असमंजस की स्थिति में है। इस उलझन को सुलझाने के लिए जिला न्यायवादी से सलाह मांगी गई है।
पुरानी सब्जी मंडी पुलिस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि बीते दिनों हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ में आरोपी के यूपी में छिपे होने की सूचना मिली थी। बच्ची का यौन उत्पीड़न करने वाले नाजिम की तलाश में टीम ने रामपुर जिले के गांव नंदी का मंजरा में दबिश दी। यहां से उसे गिरफ्तार करने के बाद ही मामले में उठ रहे कई सवालों के जवाब सामने आएंगे। नाजिम शहर के सुभाष रोड पर ही एक होटल चलाता था। यहीं बच्ची को बहला-फुसला कर लाया और उससे दुष्कर्म किया।
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बच्ची को फेंकने के मामले में किशोरी पर होगी कार्रवाई
किशोरी ने डिलीवरी के बाद बच्ची को गली में फेंक दिया। यह कानून की नजर में अपराध है। इसके चलते उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किशोरी के खिलाफ नवजात को गली में फेंकने का केस दर्ज करने वाली पुलिस उसकी गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है। चूंकि आरोपी किशोरी है, ऐसे में जेजे एक्ट के तहत उसे पुलिस हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भी भेजा जा सकता है। फिलहाल किशोरी के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर पुलिस भी असमंजस में है। उसे गिरफ्तार करे या न करे, हिरासत में ले या न ले। इस संबंध में जिला न्यायवादी से सलाह मांगी गई है। इसके बाद ही पुलिस कोई कार्रवाई करेगी।
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उत्पीड़न का शिकार किशोरी की मां बोली, हमें नहीं करना कोई सवाल जवाब
-पीजीआई में उपचाराधीन किशोरी की हालत नाजुक, उसकी नवजात बच्ची सिविल अस्पसताल में उपचाराधीन
-डिलिवरी के बाद से दिनभर बिस्तर पर पड़े फफक रही है किशोरी, खून की कमी से पीला पड़ा चेहरा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। यौन उत्पीड़न का शिकार बनी किशोरी व उसका परिवार घटना से बेहद आहत है। पिछले पांच दिनों से पीड़िता व उसकी मां के आंसू नहीं सूखे हैं। अपने साथ हुए हादसे को लेकर बात करने पर कुछ भी कहने से साफ इनकार कर रहे हैं। पीड़िता से बात करने का प्रयास किया तो उसने कहा, मुझे किसी से कोई बात नहीं करनी और रो पड़ी। पीड़िता की मां से बेटी के ठीक होने पर उसे स्कूल भेजने की बात की तो कहा कि हमें कोई सवाल जवाब नहीं करना। यह कहते ही वह भी फफक पड़ी। पीड़ित परिवार को हौसला देकर फिर से मख्यधारा से जोड़ने के लिए सीडब्ल्यूसी चेयरमैन राज सिंह सांगवान व उनकी टीम ने शुक्रवार को फिर से परिवार से मुलाकात की। पीड़िता की काउंसिलिंग भी की गई।
समिति चेयरमैन राज सिंह सांगवान ने बताया कि पीड़िता से बात हुई है। वह ठीक से बात नहीं कर पा रही है। उसकी जुबान लड़खड़ा रही है। इसलिए उसकी कही बात को समझना मुश्किल हो रहा है। वह मूलरूप से यूपी की रहने वाली है। वहीं की भाषा बोल रही है। इसलिए लैंग्वेज एक्सपर्ट बुलाया गया है। बड़ी मुश्किल से बच्ची ने आरोपी नाजिम का नाम लिया था। वहीं डिलिवरी के बाद उसके शरीर में खून की कमी हो गई है। शरीर पीला पड़ गया है। उसका इलाज जारी है।
स्कूल को समिति भेजेगी नोटिस
समिति चेयरमैन ने कहा कि सीडब्ल्यूसी किशोरी की हालत के लिए स्कूल को नोटिस जारी करेगी। यह मामला स्कूल के शिक्षकों की कार्रवाई प्रणाली पर भी सवाल उठाता है। वे क्या, कैसा और कितना करते हैं, यह सोचने की बात है। नौ महीने की गर्भवती किशोरी स्कूल जा रही थी और किसी ने उसे देखा तक नहीं। उसके शारीरिक बदलावों को अनदेखा किया गया। यही नहीं यह मामला सामने आने के बाद भी समिति को सूचना तक नहीं भेजी गई। जबकि कानूनन रिपोर्ट करनी चाहिए थी।
बच्ची के डीएनए सेंपल मधूबन भेजे
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जसबीर परमार ने कहा कि नवजात बच्ची अस्पताल में उपचाराधीन है। उसका स्वास्थ्य ठीक है। दूध पी रही है। थोड़ा वजन कम हुआ है। यह स्वाभाविक होता है। जन्म के बाद एक बार कुछ वजन कम होता है। बाद में फिर स्थिति में सुधार आ जाता है।