{"_id":"615358e38ebc3eb5dc29bdaf","slug":"councilors-boycotted-the-meeting-of-the-house-held-after-six-months-rohtak-news-rtk625421371","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह माह बाद हुई हाउस की बैठक का पार्षदों ने किया बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह माह बाद हुई हाउस की बैठक का पार्षदों ने किया बहिष्कार
विज्ञापन
जिला विकास भवन में मंगलवार को नगर निगम हाउस की बैठक शुरु होने पर एनडीसी व प्रॉपर्टी आईडी में भ्रष?
प्रदेश के सियासी शहर की सरकार मंगलवार को जमीं पर आ गई। नगर निगम के 25 में से 19 पार्षद हाउस की बैठक का बहिष्कार कर धरने पर उतर आए। आरोप है कि नगर निगम में जमकर भ्रष्टाचार चल रहा है। अधिकारी एनडीसी पोर्टल व प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर मनमानी कर रहे हैं। जवाब में निगम आयुक्त ने कहा कि पार्षद शपथ पत्र दें कि वे विजिलेंस जांच में सहयोग करेंगे। पार्षद बोले-जब हाउस है तो विजिलेंस व पुलिस के पास क्यों जाएं। हंगामे के बीच करीब छह माह बाद हुई हाउस की बैठक रद्द हो गई। सड़क, सीवरेज व पेयजल की समस्या को झेल रहे शहरवासियों को एक बार फिर निराशा ही हाथ लगी।
.........
निगम हाउस की मीटिंग शुरू होते ही वार्ड नंबर आठ के पार्षद सुनील कुमार ने एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) और प्रॉपर्टी आईडी बनाने के नाम पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जितनी आमदनी निगम की हुई, उससे ज्यादा अफसरों की जेब में गए हैं। कई मामलों के साक्ष्य मेरे और कई पार्षदों के पास हैं। अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं होती। तभी वार्ड-11 के पार्षद कदम सिंह अहलावत ने कहा कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। किसी की सुनवाई नहीं हो रही है।
पार्षदों के आरोप पर निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने कहा कि पहले क्या हुआ? मैं कुछ नहीं कह सकता। मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं दो अगस्त को आया हूं। एनडीसी के 1800 आवेदन लंबित थे, जिन्हें खत्म कराया है। कुछ मामले मेरे संज्ञान में आए थे, जिन पर विजिलेंस डीएसपी से संपर्क किया है। यदि पार्षद जांच करवाना चाहते हैं, तो शपथ पत्र दें। विजिलेंस की जांच में निगम पूरा सहयोग करेगा।
विज्ञापन
पार्षद बोले - पुलिस व विजिलेंस के पास क्यों जाएं, शिकायत हाउस में ही करेंगे
निगम आयुक्त की बात सुनते ही पार्षद गुस्सा गए। उन्होंने कहा पुलिस व विजलेंस के पास क्यों जाएं? जब निगम हाउस है तो शिकायत हाउस में ही करेंगे। हाउस में सुबूत देंगे और जांच करके दोषियों पर कार्रवाई हो। इसके साथ ही पार्षदों ने खड़े होकर विरोध किया और फिर सदन का बहिष्कार करके बाहर चले गए। पार्षदों को रोकने के लिए सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल बाहर आए, मगर नहीं रुके। गुस्साए पार्षद डिप्टी मेयर अनिल कुमार के साथ सीधे नगर निगम परिसर पहुंचे और पार्क में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सीनियर डिप्टी मेयर के नहीं आने पर पार्षदों ने कहा कि यदि जल्द नहीं आए तो अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे। कुछ ही देर में सीनियर डिप्टी मेयर और मेयर मनमोहन गोयल आए और धरने में शामिल हुए।
........
आज भी धरने पर बैठेंगे निगम पार्षद
पार्षदों ने मंगलवार को दोपहर तीन बजे नगर निगम पार्क से धरना खत्म कर दिया। एलान किया कि भ्रष्टाचार की जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने तक धरना देंगे। बुधवार को सुबह 11 से दोपहर बाद दो बजे तक निगम परिसर स्थित पार्क में धरना दिया जाएगा।
वर्जन
नगर निगम में भ्रष्टाचार हावी है। कोई काम नहीं होता है। हम तो पार्षद हैं, अधिकारी मेयर तक का फोन नहीं उठाते हैं। समस्याओं को निदान नहीं होता है।
- अनिल कुमार डिप्टी मेयर
नगर निगम में पार्षदों का धरना सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि नगर निगम प्रशासन के खिलाफ है। हम परेशान हैं, कामों को लेकर। जनता ने काम कराने के लिए चुना है।
-राजकमल सहगल, सीनियर डिप्टी मेयर
मैंने कहा है कि विजिलेंस जांच करवा लेते हैं। वे शपथ पत्र दें, जांच में पूरा सहयोग करेंगे। जांच करवाएंगे तो उनको भी शामिल करेंगे। रही बात अधिकारियों के फोन नहीं उठाने की, स्पष्ट रूप से अधिकारी का नाम बताया जाए। गोलमोल बात नहीं करनी चाहिए, ताकि कार्रवाई की जा सके।
-डॉ. नरहरि बांगड़, नगर निगम आयुक्त
पार्षदों के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ हो रहे धरने में शामिल होने आया हूं। अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। काम नहीं करते हैं। बेकाबू हैं, तभी तो ऐसा हो रहा है।
- मनमोहन गोयल, मेयर
विज्ञापन
.........
निगम हाउस की मीटिंग शुरू होते ही वार्ड नंबर आठ के पार्षद सुनील कुमार ने एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) और प्रॉपर्टी आईडी बनाने के नाम पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जितनी आमदनी निगम की हुई, उससे ज्यादा अफसरों की जेब में गए हैं। कई मामलों के साक्ष्य मेरे और कई पार्षदों के पास हैं। अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं होती। तभी वार्ड-11 के पार्षद कदम सिंह अहलावत ने कहा कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। किसी की सुनवाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन
पार्षदों के आरोप पर निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने कहा कि पहले क्या हुआ? मैं कुछ नहीं कह सकता। मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं दो अगस्त को आया हूं। एनडीसी के 1800 आवेदन लंबित थे, जिन्हें खत्म कराया है। कुछ मामले मेरे संज्ञान में आए थे, जिन पर विजिलेंस डीएसपी से संपर्क किया है। यदि पार्षद जांच करवाना चाहते हैं, तो शपथ पत्र दें। विजिलेंस की जांच में निगम पूरा सहयोग करेगा।
विज्ञापन
पार्षद बोले - पुलिस व विजिलेंस के पास क्यों जाएं, शिकायत हाउस में ही करेंगे
निगम आयुक्त की बात सुनते ही पार्षद गुस्सा गए। उन्होंने कहा पुलिस व विजलेंस के पास क्यों जाएं? जब निगम हाउस है तो शिकायत हाउस में ही करेंगे। हाउस में सुबूत देंगे और जांच करके दोषियों पर कार्रवाई हो। इसके साथ ही पार्षदों ने खड़े होकर विरोध किया और फिर सदन का बहिष्कार करके बाहर चले गए। पार्षदों को रोकने के लिए सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल बाहर आए, मगर नहीं रुके। गुस्साए पार्षद डिप्टी मेयर अनिल कुमार के साथ सीधे नगर निगम परिसर पहुंचे और पार्क में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सीनियर डिप्टी मेयर के नहीं आने पर पार्षदों ने कहा कि यदि जल्द नहीं आए तो अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे। कुछ ही देर में सीनियर डिप्टी मेयर और मेयर मनमोहन गोयल आए और धरने में शामिल हुए।
........
आज भी धरने पर बैठेंगे निगम पार्षद
पार्षदों ने मंगलवार को दोपहर तीन बजे नगर निगम पार्क से धरना खत्म कर दिया। एलान किया कि भ्रष्टाचार की जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने तक धरना देंगे। बुधवार को सुबह 11 से दोपहर बाद दो बजे तक निगम परिसर स्थित पार्क में धरना दिया जाएगा।
वर्जन
नगर निगम में भ्रष्टाचार हावी है। कोई काम नहीं होता है। हम तो पार्षद हैं, अधिकारी मेयर तक का फोन नहीं उठाते हैं। समस्याओं को निदान नहीं होता है।
- अनिल कुमार डिप्टी मेयर
नगर निगम में पार्षदों का धरना सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि नगर निगम प्रशासन के खिलाफ है। हम परेशान हैं, कामों को लेकर। जनता ने काम कराने के लिए चुना है।
-राजकमल सहगल, सीनियर डिप्टी मेयर
मैंने कहा है कि विजिलेंस जांच करवा लेते हैं। वे शपथ पत्र दें, जांच में पूरा सहयोग करेंगे। जांच करवाएंगे तो उनको भी शामिल करेंगे। रही बात अधिकारियों के फोन नहीं उठाने की, स्पष्ट रूप से अधिकारी का नाम बताया जाए। गोलमोल बात नहीं करनी चाहिए, ताकि कार्रवाई की जा सके।
-डॉ. नरहरि बांगड़, नगर निगम आयुक्त
पार्षदों के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ हो रहे धरने में शामिल होने आया हूं। अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। काम नहीं करते हैं। बेकाबू हैं, तभी तो ऐसा हो रहा है।
- मनमोहन गोयल, मेयर

जिला विकास भवन में मंगलवार को नगर निगम हाउस की बैठक का वॉकआउट करने के बाद विकास भवन के गेट पर धरना ?