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Rohtak News: दंगल को लेकर आयोजक और ग्राम पंचायत में ठनी
Sat, 23 Mar 2024 01:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 23 Mar 2024 01:44 PM IST
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साल्हावास। गांव बिरोहड में 25 मार्च को होने वाले दंगल को लेकर विवाद गहरा गया है। इसे लेकर आयोजक और ग्राम पंचायत में ठन गई है। शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने बिरोहड गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत कर मसले को सुलझाने का प्रयास किया लेकिन कोई हल नहीं निकला।
डीआरडीओ प्रमोद चहल, तहसीलदार मातनहेल, डीएसपी अनिल यादव, साल्हावास थाना प्रभारी प्रकाश चंद, बीडीपीओ राजाराम आदि गांव में पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से अलग-अलग जगह पर बातचीत की और अंत में कहा कि यदि दंगल का आयोजन करवाया जाना है तो इसके लिए उपायुक्त की अनुमति लेनी होगी। ग्राम पंचायत व ग्रामीणों से बातचीत की, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के दौरे के बाद भी ग्रामीणों व पंचायत में सहमति नहीं बनी। प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने के बाद सरपंच प्रतिनिधि रविंद्र ने बताया कि अगर प्रशासन गांव के कुछ लोगों को कहने पर मेले और दंगल के आयोजन के लिए अनुमति देता है और किसी भी तरह का विवाद होता है तो उसके लिए ग्राम पंचायत जिम्मेदार नहीं होगी। यह प्रशासन की खुद जिम्मेदारी रहेगी।
7 मार्च को ग्राम पंचायत ने डीसी शक्ति सिंह से मिलकर कुश्ती दंगल रद्द करवाने की मांग की थी। उपायुक्त ने इसके लिए ग्राम पंचायत को एसडीएम से मिलने के लिए कहा था। एसडीएम ने दोनों पक्षों को मिल बैठकर नियम आदि निर्धारित करने की और सहमति के बाद दोबारा उनसे मिलने की हिदायत दी। वीरवार को गांव बिरोहड में एक पंचायत का आयोजन हुआ, जिसमें ग्राम पंचायत व विपक्ष के लोगों में कहासुनी हो गई। इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि रवींद्र ने गांव के ही नामजद लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करते हुए उन पर गाली गलौज व मारपीट का आरोप लगाया है।
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दंगल को लेकर ये है विवाद
दस वर्षों से दंगल का आयोजन गांव के ही चुनिंदा लोगों द्वारा किया जा रहा है। पंचायत इस आयोजन को यह कहकर रद्द करवाना चाह रही है कि अगर दंगल होगा तो विवाद बढ़ेगा। दंगल के लिए चुनी हुई कमेटी अभी तक रजिस्टर्ड नहीं है। इस कारण भी आयोजकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर दूसरी तरफ सरपंच प्रतिनिधि रवींद्र कमेटी के लोगों पर रुपये का दुरुपयोग लगा रहे हैं जबकि विपक्ष के लोग इसको निराधार बता रहे हैं। उनका कहना है कि सरपंच प्रतिनिधि व कुछ लोग जानबूझकर दंगल नहीं करवाना चाहते।
वर्जन
गांव में फिलहाल दो पक्ष बने हैं। एक पक्ष के सरपंच प्रतिनिधि का व दूसरा पक्ष आयोजकों का है। आयोजकों को हिदायत दी गई है कि दंगल के आयोजन के लिए जिला उपायुक्त से अनुमति लेनी होगी। उसके बाद ही दंगल का आयोजन होगा।
राजाराम, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी
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डीआरडीओ प्रमोद चहल, तहसीलदार मातनहेल, डीएसपी अनिल यादव, साल्हावास थाना प्रभारी प्रकाश चंद, बीडीपीओ राजाराम आदि गांव में पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से अलग-अलग जगह पर बातचीत की और अंत में कहा कि यदि दंगल का आयोजन करवाया जाना है तो इसके लिए उपायुक्त की अनुमति लेनी होगी। ग्राम पंचायत व ग्रामीणों से बातचीत की, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के दौरे के बाद भी ग्रामीणों व पंचायत में सहमति नहीं बनी। प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने के बाद सरपंच प्रतिनिधि रविंद्र ने बताया कि अगर प्रशासन गांव के कुछ लोगों को कहने पर मेले और दंगल के आयोजन के लिए अनुमति देता है और किसी भी तरह का विवाद होता है तो उसके लिए ग्राम पंचायत जिम्मेदार नहीं होगी। यह प्रशासन की खुद जिम्मेदारी रहेगी।
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7 मार्च को ग्राम पंचायत ने डीसी शक्ति सिंह से मिलकर कुश्ती दंगल रद्द करवाने की मांग की थी। उपायुक्त ने इसके लिए ग्राम पंचायत को एसडीएम से मिलने के लिए कहा था। एसडीएम ने दोनों पक्षों को मिल बैठकर नियम आदि निर्धारित करने की और सहमति के बाद दोबारा उनसे मिलने की हिदायत दी। वीरवार को गांव बिरोहड में एक पंचायत का आयोजन हुआ, जिसमें ग्राम पंचायत व विपक्ष के लोगों में कहासुनी हो गई। इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि रवींद्र ने गांव के ही नामजद लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करते हुए उन पर गाली गलौज व मारपीट का आरोप लगाया है।
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दंगल को लेकर ये है विवाद
दस वर्षों से दंगल का आयोजन गांव के ही चुनिंदा लोगों द्वारा किया जा रहा है। पंचायत इस आयोजन को यह कहकर रद्द करवाना चाह रही है कि अगर दंगल होगा तो विवाद बढ़ेगा। दंगल के लिए चुनी हुई कमेटी अभी तक रजिस्टर्ड नहीं है। इस कारण भी आयोजकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर दूसरी तरफ सरपंच प्रतिनिधि रवींद्र कमेटी के लोगों पर रुपये का दुरुपयोग लगा रहे हैं जबकि विपक्ष के लोग इसको निराधार बता रहे हैं। उनका कहना है कि सरपंच प्रतिनिधि व कुछ लोग जानबूझकर दंगल नहीं करवाना चाहते।
वर्जन
गांव में फिलहाल दो पक्ष बने हैं। एक पक्ष के सरपंच प्रतिनिधि का व दूसरा पक्ष आयोजकों का है। आयोजकों को हिदायत दी गई है कि दंगल के आयोजन के लिए जिला उपायुक्त से अनुमति लेनी होगी। उसके बाद ही दंगल का आयोजन होगा।
राजाराम, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी