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Rohtak News: कचरे तले दबे नालों की सफाई के दावे

Tue, 11 Jul 2023 02:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Tue, 11 Jul 2023 02:31 AM IST
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Claims of cleaning the drains buried under the garbage
रोहतक। अधिकारियों की अनदेखी के चलते शहरवासियों को जलभराव से जूझना पड़ रहा है। इसकी मुख्य वजह नालों व सीवरेज की सफाई न होना और सफाई के बाद गंदगी का उठान न होना है। बारिश होने पर सारी गंदगी फिर नालों में जमा हो जाती है, ऐसे में सारा सफाई अभियान फेल हो जाता है। नतीजन हल्की बारिश में भी जलभराव हो जाता है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में रोहतक देशभर में 38वें स्थान पर रहा। साढे पांच लाख की आबादी वाले शहर में में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की सीवर लाइन 12 एमएम बरसाती पानी को प्रति घंटा निकालने में सक्षम हैं। इसके अलावा हिसार रोड, गोहाना रोड, टीबी अस्पताल रोड, माता दरवाजा रोड, छोटूराम चौक से पालिका बाजार का एरिया, छोटूराम स्टेडियम के पास, शीला बाईपास, दिल्ली रोड आदि के बरसाती नाले भी पानी को निकालने में सक्षम हैं। लेकिन सीवर लाइन को डेयरियों से निकलने वाले पशुओं के गोबर, प्लास्टिक और पॉलिथीन ने जाम कर रखा है। नालों में भी गंदगी भरी है।
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प्रशासन ने नालों की सफाई तो कराई लेकिन गंदगी उठाना भूल गया, नतीजा यह रहा कि गंदगी फिर नालों में चली गई। अब बरसाती नाले फिर पहले की तरह ही जाम हैं। बारिश से पहले नालों की सफाई का दावा कचरे तले दब गया है। सफाई पर खर्च हुआ लाखों के बजट पर पानी फिर गया है। मौजूदा स्थिति में शहर प्रति घंटा 12 एमएम बारिश भी नहीं झेल पा रहा है। नालों में गंदगी के चलते चार से पांच फीट पानी खड़ा हो जाता है।
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यह बाेले शहरवासी

प्रशासन ने नालों की सफाई के नाम पर औपचारिकता की है। सड़क किनारे गंदगी जमा है। यह वापस नालों में ही जा रही है। सांस के साथ बदबू अंदर जा रही है। इससे जलभराव की समस्या के साथ स्वास्थ्य समस्या भी झेलनी पड़ रही है।

- राजन, पालिका बाजार


नाले के स्लैब किस लिए तुड़वाए। न तो सफाई हुई और नहीं कुछ। हां इसमें गिरने का खतरा और बढ़ गया है। जब नालों के स्लैब तोड़ ही दिए थे तो इसकी सफाई सही तरीके से करा देते। न तो जनता को सुकून मिला, न दुकानदारों को और न ही प्रशासन का काम हुआ। लापरवाह विभाग पर कार्रवाई होनी चाहिए।


- विश्वास, गोहाना अड्डा



हमने नालों की सफाई करवा दी है। यदि फिर समस्या आ रही है तो उसे फिर साफ करवा दिया जाएगा। कहीं समस्या आ रही है तो कंट्रोल रूम में संपर्क करें। आमजन भी सहयोग करें और नालों में कचरा न डालें।

- धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त
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