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Rohtak News: लघु सचिवालय में सूख रहे लोगों के हलक
Mon, 27 May 2024 10:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 27 May 2024 10:45 PM IST
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लघु सचिवालय के वाटर कूलर में फैली गंदगी । संवाद
रोहतक। गर्मी में पारा 46 डिग्री पार पहुंच गया है। यह गर्मी हलक सुखा रही है। इस मौसम में लघु सचिवालय में आने वाले लोगों को गला तर करना मुश्किल हो गया है। कहने को लघु सचिवालय में 16 वाटर कूलर हैं। इनमें से चार खराब पड़े हैं, जबकि पांच में मिट्टी व गंदगी जमा है। शेष सात की हालत भी खस्ता है। फिलहाल इन्हीं के बूते काम चल रहा है।
प्रशासन की नाक के नीचे वाटर कूलर की न तो सफाई हो रही है और न इनमें स्वच्छ पानी सप्लाई हो रहा है। नतीजतन लोगों के बीमार होने का खतरा भी बढ़ गया है। अमर उजाला टीम ने सोमवार को इनकी जांच की तो यह सच सामने आया।
लघु सचिवालय में रोज औसतन 4000 लोग आते हैं। इनमें से करीब 1500 कर्मचारी विभिन्न विभागों में तैनात हैं। गर्मी में पेयजल मुहैया कराने के लिए यहां 16 वाटर कूलर लगे हैं। इनमें से मुश्किल से आधे कूलर ही काम कर रहे हैं। शेष में कहीं पानी नहीं पहुंच रहा है तो किसी सफाई नहीं हुई है। किसी की टोंटियां टूटी पड़ी हैं तो किसी पर फिल्टर नहीं लगा है। देखरेख के अभाव में यहां के वाटर कूलर जर्जर हाल हैं। इनमें से कई में तो पानी ही ठंडा नहीं हो रहा है। इस कारण भीषण गर्मी में लोगों को स्वच्छ व शीतल जल मुहैया नहीं हो रहा है। अनजाने में लोग लघु सचिवालय के वाटर कूलरों का मिट्टी और गंदगी युक्त पानी से गला तर करने को मजबूर हैं।
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चार हजार लोगों पर सिर्फ सात वाटर कूलर
लघु सचिवालय में कर्मचारी व आगंतुकों को मिलाकर करीब चार हजार लोग रोजाना आते हैं। यहां प्यास बुझाने के लिए सात वाटर कूलर की उपलब्ध हैं। ज्यादातर वाटर कूलर खराब हैं। इस कारण अक्सर यहां भीड़ की स्थिति बनी रहती है। यहां के कर्मचारी तो अपनी बोतलों से काम चला लेते हैं, मगर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दूषित जल पीने से हो सकते हैं बीमार
लघु सचिवालय के वाटर कूलर में पानी के साथ मिट्टी भी आ रही है। यहां के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि काफी समय से इन वाटर कूलरों की सफाई नहीं हुई है। इस कारण तल में मिट्टी की मोटी परत जम गई है। लोग इससे अनभिज्ञ हैं। इसके चलते यह गंदगी युक्त पानी पीकर रोगों को निमंत्रण देने का काम कर रहे हैं।
यह बोले लोग
पानी ठंडा है। सभी लोग यहीं से पानी पी और बोतल में भर रहे हैं। यह जानकारी नहीं है कि पानी दूषित है, क्योंकि स्वाद सामान्य पानी की तरह ही आ रहा है। - गोविंद, सुखपुरा चौक
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प्यास लगी थी। वाटर कूलर देखा तो पानी पाने आ गए। अन्य लोग भी यहीं आ रहे हैं तो कोई कारण नहीं बना, जिससे कि शक हो कि पानी दूषित है।
-रामकुमार, किला मोहल्ला
पानी का स्वाद ठीक लगा। एक बार भी नहीं लगा कि पानी दूषित है। वैसे भी ठंडा पानी और प्यास में पानी की गुणवत्ता का पता लगाना मुश्किल होता है।
-राकेश, डीएलएफ कॉलोनी
वर्जन
लघु सचिवालय परिसर में पिछले माह ही वाटर कूलर की मरम्मत के लिए पत्र जारी किया है। कितने वाटर कूलर का मरम्मत कार्य हुआ है, इसकी जानकारी अभी नहीं है। वाटर कूलर में साफ पानी नहीं मिल रहा है तो समस्या का तत्काल प्रभाव से समाधान किया जाएगा।
- अंकित कुमार, सीटीएम
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प्रशासन की नाक के नीचे वाटर कूलर की न तो सफाई हो रही है और न इनमें स्वच्छ पानी सप्लाई हो रहा है। नतीजतन लोगों के बीमार होने का खतरा भी बढ़ गया है। अमर उजाला टीम ने सोमवार को इनकी जांच की तो यह सच सामने आया।
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लघु सचिवालय में रोज औसतन 4000 लोग आते हैं। इनमें से करीब 1500 कर्मचारी विभिन्न विभागों में तैनात हैं। गर्मी में पेयजल मुहैया कराने के लिए यहां 16 वाटर कूलर लगे हैं। इनमें से मुश्किल से आधे कूलर ही काम कर रहे हैं। शेष में कहीं पानी नहीं पहुंच रहा है तो किसी सफाई नहीं हुई है। किसी की टोंटियां टूटी पड़ी हैं तो किसी पर फिल्टर नहीं लगा है। देखरेख के अभाव में यहां के वाटर कूलर जर्जर हाल हैं। इनमें से कई में तो पानी ही ठंडा नहीं हो रहा है। इस कारण भीषण गर्मी में लोगों को स्वच्छ व शीतल जल मुहैया नहीं हो रहा है। अनजाने में लोग लघु सचिवालय के वाटर कूलरों का मिट्टी और गंदगी युक्त पानी से गला तर करने को मजबूर हैं।
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चार हजार लोगों पर सिर्फ सात वाटर कूलर
लघु सचिवालय में कर्मचारी व आगंतुकों को मिलाकर करीब चार हजार लोग रोजाना आते हैं। यहां प्यास बुझाने के लिए सात वाटर कूलर की उपलब्ध हैं। ज्यादातर वाटर कूलर खराब हैं। इस कारण अक्सर यहां भीड़ की स्थिति बनी रहती है। यहां के कर्मचारी तो अपनी बोतलों से काम चला लेते हैं, मगर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दूषित जल पीने से हो सकते हैं बीमार
लघु सचिवालय के वाटर कूलर में पानी के साथ मिट्टी भी आ रही है। यहां के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि काफी समय से इन वाटर कूलरों की सफाई नहीं हुई है। इस कारण तल में मिट्टी की मोटी परत जम गई है। लोग इससे अनभिज्ञ हैं। इसके चलते यह गंदगी युक्त पानी पीकर रोगों को निमंत्रण देने का काम कर रहे हैं।
यह बोले लोग
पानी ठंडा है। सभी लोग यहीं से पानी पी और बोतल में भर रहे हैं। यह जानकारी नहीं है कि पानी दूषित है, क्योंकि स्वाद सामान्य पानी की तरह ही आ रहा है। - गोविंद, सुखपुरा चौक
प्यास लगी थी। वाटर कूलर देखा तो पानी पाने आ गए। अन्य लोग भी यहीं आ रहे हैं तो कोई कारण नहीं बना, जिससे कि शक हो कि पानी दूषित है।
-रामकुमार, किला मोहल्ला
पानी का स्वाद ठीक लगा। एक बार भी नहीं लगा कि पानी दूषित है। वैसे भी ठंडा पानी और प्यास में पानी की गुणवत्ता का पता लगाना मुश्किल होता है।
-राकेश, डीएलएफ कॉलोनी
वर्जन
लघु सचिवालय परिसर में पिछले माह ही वाटर कूलर की मरम्मत के लिए पत्र जारी किया है। कितने वाटर कूलर का मरम्मत कार्य हुआ है, इसकी जानकारी अभी नहीं है। वाटर कूलर में साफ पानी नहीं मिल रहा है तो समस्या का तत्काल प्रभाव से समाधान किया जाएगा।
- अंकित कुमार, सीटीएम