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Rohtak News: नौकरी लगवाने का झांसा देकर सात लाख रुपये ठगे
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रोहतक। रेलवे या डाक विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो लोगों ने पाड़ा मोहल्ला के युवक से सात लाख रुपये ठग लिए। इस संबंध में सिटी थाने में झज्जर के दुबलधन गांव निवासी दीपक व रैनकपुरा निवासी जगबीर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक पाड़ा मोहल्ला निवासी दीपक ने दी शिकायत में बताया कि करीब एक साल पहले उसकी दोस्त भानू और सोनू माथुर के माध्यम से रैनकपुरा निवासी जगबीर सिंह से जान-पहचान हुई। जगबीर ने बताया कि दुबलधन (झज्जर) निवासी दीपक उसका परिचित है, जो सात लाख में रेलवे या डाक विभाग में नौकरी लगवा देगा। उसने विश्वास करके जगबीर के माध्यम से उसके घर दो बार में रुपये दे दिए। एक बार तीन लाख व दूसरी बार साढ़े तीन लाख रुपये दिए। 50 हजार रुपये किसी जानकार से ऑनलाइन डलवाए। आरोपी दीपक ने उसे सिक्योरिटी के तौर पांच लाख रुपये का चेक दिया, बोला- नौकरी नहीं लगी तो चेक को वापस लेकर सात लाख रुपये दे दूंगा। उसके पास पैसे के लेनदेन से लेकर नौकरी लगवाने की कॉल रिकार्डिंग है।
सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर तीन माह नौकरी करवाई
शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद आरोपी ने उसे डाक विभाग और रेलवे आईआरटीसी का कॉल लेटर दिया। जिसमें निजी कंपनी के माध्यम से सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर तीन माह नौकरी करवाई। कहा कि यहां ट्रेनिंग है, बाद में पक्का करवाकर दूसरी जगह ट्रांसफर करवा दूंगा। इसके बाद पता चला कि उसके साथ तो फर्जीवाड़ा हुआ है। उसने नौकरी पर जाना बंद कर दिया और अपने पैसे वापस मांगे। आरोपी टालमटोल करता रहा। उसने आरोपी के रेस्टोरेंट कैफे पर संपर्क किया, लेकिन वह नही मिला। चेक भी बाउंस हो गया। अब न तो पैसे दे रहा है और ही कॉल उठा रहा है।
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पुलिस के मुताबिक पाड़ा मोहल्ला निवासी दीपक ने दी शिकायत में बताया कि करीब एक साल पहले उसकी दोस्त भानू और सोनू माथुर के माध्यम से रैनकपुरा निवासी जगबीर सिंह से जान-पहचान हुई। जगबीर ने बताया कि दुबलधन (झज्जर) निवासी दीपक उसका परिचित है, जो सात लाख में रेलवे या डाक विभाग में नौकरी लगवा देगा। उसने विश्वास करके जगबीर के माध्यम से उसके घर दो बार में रुपये दे दिए। एक बार तीन लाख व दूसरी बार साढ़े तीन लाख रुपये दिए। 50 हजार रुपये किसी जानकार से ऑनलाइन डलवाए। आरोपी दीपक ने उसे सिक्योरिटी के तौर पांच लाख रुपये का चेक दिया, बोला- नौकरी नहीं लगी तो चेक को वापस लेकर सात लाख रुपये दे दूंगा। उसके पास पैसे के लेनदेन से लेकर नौकरी लगवाने की कॉल रिकार्डिंग है।
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सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर तीन माह नौकरी करवाई
शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद आरोपी ने उसे डाक विभाग और रेलवे आईआरटीसी का कॉल लेटर दिया। जिसमें निजी कंपनी के माध्यम से सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर तीन माह नौकरी करवाई। कहा कि यहां ट्रेनिंग है, बाद में पक्का करवाकर दूसरी जगह ट्रांसफर करवा दूंगा। इसके बाद पता चला कि उसके साथ तो फर्जीवाड़ा हुआ है। उसने नौकरी पर जाना बंद कर दिया और अपने पैसे वापस मांगे। आरोपी टालमटोल करता रहा। उसने आरोपी के रेस्टोरेंट कैफे पर संपर्क किया, लेकिन वह नही मिला। चेक भी बाउंस हो गया। अब न तो पैसे दे रहा है और ही कॉल उठा रहा है।
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