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धार्मिक स्थल पर हमले का मामला : पंचायत में शामिल हुए दोनों पक्ष, बोले गांव में शांति बहाली जरूरी

Tue, 11 Apr 2023 01:47 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 11 Apr 2023 01:47 AM IST
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Case of attack on religious place: Both sides involved in Panchayat, said restoration of peace in the village is necessary
गांव सांदल में समुदाय विशेष के साथ झगड़े के बाद विवाद सुलझाने को पंचायत करते दोनों पक्षों के सदस
सोनीपत। गांव सांदल कलां में रविवार रात धार्मिक स्थल में घुसकर दूसरे समुदाय के लोगों पर हमला करने के मामले में अब शांति बहाली की पहल भी शुरू हो गई है। मामले को लेकर गांव में सोमवार शाम को पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें दोनों पक्षों के सदस्य शामिल हुए। इस दौरान गांव के मौजिज लोगों ने शांति स्थापित करने की कमान संभाल ली है। साथ ही पुलिस को पूरी मदद का आश्वासन दिया है। इसे लेकर जल्द फिर से ग्रामीण एकत्रित होंगे। वहीं गांव में भारी पुलिस बल को तैनात कर सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है। गांव सांदल कलां में धार्मिक स्थल के अंदर नमाज अदा कर रहे लोगों पर रमजान के माह में हमला किए जाने के बाद बनी तनाव की स्थिति को समाप्त करने के लिए समाज के प्रबुद्ध लोगों के साथ ही ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर पहल शुरू कर दी है। गांव सांदल कलां में बेशक विशेष समुदाय के लोगों की संख्या कम है, लेकिन उसके बावजूद वह करीब तीन साल से यहां नमाज अदा कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि धार्मिक स्थल गांव के व्यक्ति की जमीन पर बना है। करीब 30 गज जमीन पर बने धार्मिक स्थल का निर्माण करीब तीन साल पहले हुआ। हालांकि जिस ग्रामीण चांदू की जमीन पर यह बनाया है उसकी 10 साल पहले मौत हो चुकी है। समुदाय विशेष के लोगों ने ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो साल पहले धार्मिक स्थल पर लगे लाउडस्पीकर को हटवा दिया गया था। तब भाईचारा बनाए रखने को लेकर उसे हटा दिया गया। अब अचानक बिना कारण हमला किए जाने से गांव में सौहार्द की भावना को ठेस लगी है।
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गांव में बिगड़े माहौल को बेहतर करने के लिए अब सामाजिक लोगों ने भी पहल शुरू कर दी है। गांव सांदल में समुदाय विशेष के साथ झगड़े का पता लगते ही गांव के साथ ही आसपास के गांवों से मौजिज व्यक्ति भी गांव में पहुंचे। जिस पर सोमवार शाम को गांव में पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें भाईचारा बचाने को लेकर सभी ने अपने विचार रखे। इस दौरान फैसला हुआ कि आपसी सहमति से मामले को सुलझाया जाएगा। इस दौरान दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है। हालांकि ज्यादातर ग्रामीण पूरे प्रकरण को शांत करने की पहल करते दिखे। इसे लेकर गांव में जल्द ही फिर से बैठक हो सकती है। पंचायत में संगठन पदाधिकारी शीलक राम मलिक व श्रद्धानंद सोलंकी ने भी पहुंचकर शांति बहाली की पहल की।
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धार्मिक स्थलों पर हमले की 10 दिनों में दूसरी वारदात
सोनीपत में समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल में घुसने का यह 10 दिन में दूसरा मामला है। इससे पहले 30 मार्च को भी धर्म विशेष के युवकों ने खरखौदा में समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल में घुसकर वहां पर भगवा झंडा फहरा दिया था। जिसमें पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ऐसे में वह मामला पंचायती स्तर पर सुलझाया जा ही रहा है कि अब फिर से एक मामला सामने आ गया। उपद्रवी पुलिस के लिए चुनौती बन रहे है। जिनसे निपटने को पुलिस लगातार पहल कर रही है।
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कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था
गांव सांदल कलां में विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गांव में समुदाय विशेष के घरों के पास पुलिस बल तैनात है। साथ ही धार्मिक स्थल की चौकसी बढ़ा दी है। गांव में पुलिस के 70 से अधिक जवान तैनात है। इसके साथ ही पुलिस आयुक्त ने मौके पर ही निर्देश जारी कर दिए कि जब तक पीड़ित पक्ष नहीं कहेगा गांव से पुलिसकर्मी नहीं हटाए जाएंगे। ग्रामीणों की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है। बेशक ग्रामीणों ने सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं ली है, लेकिन फिर भी पुलिस पूरी तरह से तैयार है। असामाजिक तत्वों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

वीडियो बनाने लगे तो मौके से निकले
ग्रामीण रजिया ने बताया कि रात को आए हमलावर लगातार लोगों को पीट रहे थे। यहां तक की बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा। रात को उनके बुजुर्ग 82 वर्षीय अलामेहर की अपील पर भी उन्हें नहीं छोड़ा और पीटकर घायल कर दिया। उनका कहना था कि वह अक्सर सभी पर्व साथ मिलकर मनाते थे। उनके यहां ईद पर भी दूसरे पक्ष के लोग पहुंचते थे। ऐसे में अचानक हमला करना सभी को अखर रहा है। रात को हमले के दौरान जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया तो आरोपी कहते सुनाई दिए कि वीडियो बन रहा है। साथ ही अन्य लोग भी एकत्रित हो गए। उसके बाद वह भाग निकले।

आरोपी के दादा ने कहा पोते से हुई पहले मारपीट
गांव सांदल कलां में हुए विवाद के बीच मामले में आरोपी विपुल के दादा प्रताप का आरोप है कि उनके पोते के साथ पहले मारपीट की गई है। उनका कहना है कि गांव में रामनवमी पर हवन व झंडा यात्रा निकाली गई थी। जिसे लेकर कुछ लोगों में एतराज था। उन्होंने बताया कि रविवार शाम को उनके पोते के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की थी। इसके बाद विवाद हुआ। उधर, गांव सांदल कलां में विवाद का पता लगने के बाद कई अन्य संगठनों के सदस्य भी न्यायालय परिसर में पहुंचे। सभी मामले को भाईचारे से निपटाने का प्रयास करते रहे।

पीड़ित बोले, नहीं समझ आया क्या था कसूर
रात को वह नमाज पढ़ रहे थे। हमारा किसी के साथ कोई झगड़ा नहीं है। उसके बावजूद अचानक हमला किया गया। छोटे बच्चों से भी हाथापाई की गई। इस दौरान किसी ने बिजली सप्लाई बाधित कर दी। जिससे वह अंधेरे का फायदा उठाकर खुद को बचा सके। मामले में ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
सलीम खान
रात को हमला करने के सभी आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हमारे परिवार के सदस्य नमाज पढ़ रहे थे। ऐसे में उन पर हमला करना गलत था। अब तक हम यह नहीं समझ पाए है कि हमला किस कारण से हुआ। इस दिन पहले भी कुछ युवकों ने उनके मोहल्ले में आकर हंगामा किया था। वह भी रात को साथ में थे। मामले में ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।

रजिया
अचानक आए हमलावरों युवकों ने अभद्रता करनी शुरू कर दी थी। करीब 20 युवकों ने हमला किया। मैं तो घर के अंदर थी। आवाज सुनाई दी तो बाहर हमला कर भागते हुए दिखाई दिए। मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
तौसीना
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