फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Cancel BJP-JJP leaders' programs till the agitation: Chadhuni

आंदोलन तक रद्द करो भाजपा-जजपा नेताओं के कार्यक्रम : चढूनी

Mon, 05 Apr 2021 02:10 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 05 Apr 2021 02:10 AM IST
विज्ञापन
Cancel BJP-JJP leaders' programs till the agitation: Chadhuni
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी । संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों ने सरकार से मांग की है कि जब तक किसान आंदोलन चल रहा है तब तक भाजपा और जजपा के सभी नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए जाएं। ताकि टकराव की नौबत न आए। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में मकड़ौली टोल प्लाजा पर हुई पंचायत में यह प्रस्ताव पास किया गया। दूसरे प्रस्ताव के तहत शनिवार की पुलिस कार्रवाई के खिलाफ सरकार को चेतावनी देते हुए रविवार दोपहर तीन बजे तक सड़कें बंद करने का फैसला किया गया।
विज्ञापन

चढूनी ने कहा कि लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण है। किसान शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे और आगे भी करेंगे। लोगों में रोष है इसलिए सरकार को खुद ही आंदोलन तक अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर देने चाहिए। सत्ताधारी सांसद, विधायक, मंत्री, सीएम, डिप्टी सीएम के सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द करें। ये जानबूझ कर झगड़ा करवाना चाहते हैं ताकि कहीं दंगा-फसाद हो जाए और आंदोलन गलत मोड़ ले। इन्हें पता है कि लोग नाराज हैं, हर जगह विरोध हो रहा है, फिर भी क्यों जाते हैं। ये जानबूझ कर गुस्से में बैठे लोगों को छेड़ने आते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं मानी तो छह अप्रैल को होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में इनके सार्वजनिक कार्यक्रमों के बारे में कड़ा फैसला लिया जाएगा। चढूनी ने बताया कि पांच अप्रैल को सभी जिलों में दोपहर बारह से शाम छह बजे तक एफसीआई के दफ्तरों का घेराव किया जाएगा। सरकार एफसीआई को तोड़ने जा रही है। उससे किसानों की सब्सिडी तो बंद होगी ही, बीपीएल परिवारों को अनाज के बजाय नकद दिए जाएंगे, जिससे उन्हें भी काफी नुकसान होगा।
विज्ञापन

मई में होगा संसद कूच
चढूनी ने बताया कि 10 से 15 मई के बीच एक दिन संसद कूच का कार्यक्रम होगा, सभी जगह से इसकी मांग थी। इसमें किसानों के अलावा मजदूर, छोटे व्यापारी, युवा, पूर्व सैनिक, कर्मचारी, महिलाओं समेत सभी वर्गों के लोग शामिल होंगे। इसके लिए लोग वाहनों में दिल्ली की सीमा तक पहुंचेंगे, वहां से पैदल मार्च करेंगे। इस मार्च की अगुवाई महिलाओं का जत्था करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विपक्ष को पहले उठानी चाहिए थी आवाज
चढूनी ने कहा कि आज जो भी पार्टियां विपक्ष में हैं उन्हें बहुत पहले आवाज उठानी चाहिए थी। जब किसानों का आंदोलन शुरू हुआ था, उससे पहले ही विपक्ष को पुरजोर ढंग से यह मुद्दा उठाना चाहिए था। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा बनाए आंदोलन के दौरान संपत्ति को हुए नुकसान की वसूली आंदोलनकारियों से करने संबंधी कानून को उन्होंने निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि ये तो अंग्रेजों से भी आगे निकल गए, लोकतंत्र में ऐसा थोड़े ही होता है। अब हमने टोल बंद किए हैं, ये आकर कह देंगे कि 400 करोड़ का नुकसान हो गया किसानों से वसूल कर लो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed