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ब्लैक फंगस पर हावी कालाबाजारी, कैैसे हो मरीजों का उपचार
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रोहतक। कोरोना संक्रमण में ब्लैक फंगस के इंजेक्शन पर कालाबाजारी हावी हो गई है। सवा दो हजार रुपये का इंजेक्शन अभी तक जो जिले में छह हजार में मिल रहा था, वह मरीजों को दिल्ली से अब सात हजार रुपये में लाना पड़ रहा है। इस संबंध में ड्रग विभाग व जिला प्रशासन कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
पीजीआईएमएस के ईएनटी विभाग में भर्ती मरीज के परिजन सतीश पहलवान ने बताया कि शुक्रवार को दिनभर वह शहर में इंजेक्शन के लिए भटकते रहे। सभी ने इंजेक्शन नहीं होने की बात कही, जबकि एक दिन पहले इंजेक्शन छह हजार रुपये का मिल रहा था। शुक्रवार जब शहर में इंजेक्शन नहीं मिला तो उन्होंने दिल्ली से इंजेक्शन मंगाया, जोकि रोहतक से भी अधिक महंगा था। मरीज के जीवन को बचाने के लिए परिजन हर संभव प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के मरीज उपचाराधीन हैं।
इस इंजेक्शन की कभी कभार ही जरूरत पड़ती थी, इसलिए इसे हर केमिस्ट नहीं रखता। जरूरत न होने के चलते यह एक्सपायर हो जाता था। अब यह इंजेक्शन उन्हीं के पास मिल सकता है, जहां इसे रखते हो। इसकी इतनी मात्रा किसी के पास नहीं होगी कि इसे जमा किया जाए। यदि कोई अधिक कीमत में बेच रहा है तो कह नहीं सकता।
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- सतीश कत्याल, प्रधान, जिला केमिस्ट एसोसिएशन
इंजेक्शन की राष्ट्रीय स्तर पर कमी चल रही है। मुख्यालय के माध्यम से केंद्र सरकार को इसके बारे में बताया जाएगा। जब इसकी प्रोडक्शन बढ़ेगी तभी इसकी जरूरत पूरी होगी। जिले में इस इंजेक्शन का स्टाक उपलब्ध नहीं है, जांच कर ली गई है। इंजेक्शन के कालाबाजारी की यदि सूचना लिखित में मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
- मंदीप मान, जिला ड्रग कंट्रोलर
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पीजीआईएमएस के ईएनटी विभाग में भर्ती मरीज के परिजन सतीश पहलवान ने बताया कि शुक्रवार को दिनभर वह शहर में इंजेक्शन के लिए भटकते रहे। सभी ने इंजेक्शन नहीं होने की बात कही, जबकि एक दिन पहले इंजेक्शन छह हजार रुपये का मिल रहा था। शुक्रवार जब शहर में इंजेक्शन नहीं मिला तो उन्होंने दिल्ली से इंजेक्शन मंगाया, जोकि रोहतक से भी अधिक महंगा था। मरीज के जीवन को बचाने के लिए परिजन हर संभव प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के मरीज उपचाराधीन हैं।
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इस इंजेक्शन की कभी कभार ही जरूरत पड़ती थी, इसलिए इसे हर केमिस्ट नहीं रखता। जरूरत न होने के चलते यह एक्सपायर हो जाता था। अब यह इंजेक्शन उन्हीं के पास मिल सकता है, जहां इसे रखते हो। इसकी इतनी मात्रा किसी के पास नहीं होगी कि इसे जमा किया जाए। यदि कोई अधिक कीमत में बेच रहा है तो कह नहीं सकता।
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- सतीश कत्याल, प्रधान, जिला केमिस्ट एसोसिएशन
इंजेक्शन की राष्ट्रीय स्तर पर कमी चल रही है। मुख्यालय के माध्यम से केंद्र सरकार को इसके बारे में बताया जाएगा। जब इसकी प्रोडक्शन बढ़ेगी तभी इसकी जरूरत पूरी होगी। जिले में इस इंजेक्शन का स्टाक उपलब्ध नहीं है, जांच कर ली गई है। इंजेक्शन के कालाबाजारी की यदि सूचना लिखित में मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
- मंदीप मान, जिला ड्रग कंट्रोलर