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भाजपा को 2029 के लोकसभा चुनाव में जमीन खिसकती दिख रही : पूर्व सीएम
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रोहतक। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का कहना है कि महिला आरक्षण बिल लोकसभा में 20 सितंबर 2023 को 454 वोटों से पास हुआ था। भाजपा महिला हितैषी होती तो इसे लागू कर देती। हाल ही में गिरा संशोधन बिल, महिला आरक्षण बिल नहीं है। यह केवल परिसीमन संबंधी संशोधन था।
कहा, इस संशोधन में सरकार देश के इलेक्टोरल मैप को अपने हिसाब से बदलना चाहती थी। भाजपा को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में जमीन खिसकती दिख रही है इसीलिए ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं। वह शनिवार दोपहर को डी पार्क स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश का किसान परेशान है। मंडी में न तो खरीद की व्यवस्था है न उठान हो रही है। इस कारण मंडी में फसल रखने की जगह तक नहीं मिल पा रही है। किसानों को 72 घंटे में भुगतान का वादा किया था। इसके बावजूद किसान 8 से 10 दिन से पेमेंट के लिए भटकने को विवश हैं।
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सरकार ने नए नियमों के नाम पर किसानों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। किसानों को कतार में खड़ा कर दिया है। बायोमीट्रिक हाजिरी लगा रही है, कहीं ट्रैक्टर के नंबर लिए जा रहे हैं। किसान सरकार से दुखी होकर छोटी मंडियों, बेरी, दुबलधन, महम, सांघी, किलोई पर ताले लगा रहे हैं।
हुड्डा ने कहा कि 2014 में हमने कर्मचारियों को स्थायी बनाने का प्रस्ताव पास किया था। भाजपा सरकार ने इसे 12 साल तक उलझाए रखा। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हमारी नीति के पक्ष में फैसला दिया है। सरकार खुद के लगाए एचकेआरएन कर्मचारियों को लगातार निकालने में लगी है।
इस मौके पर विधायक भारत भूषण बतरा, पूर्व मंत्री आनंद सिंह दांगी, सुभाष बतरा, संत कुमार, चक्रवर्ती शर्मा, शहरी प्रधान कुलदीप केडी व बलवान रंगा मौजूद रहे।
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कहा, इस संशोधन में सरकार देश के इलेक्टोरल मैप को अपने हिसाब से बदलना चाहती थी। भाजपा को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में जमीन खिसकती दिख रही है इसीलिए ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं। वह शनिवार दोपहर को डी पार्क स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश का किसान परेशान है। मंडी में न तो खरीद की व्यवस्था है न उठान हो रही है। इस कारण मंडी में फसल रखने की जगह तक नहीं मिल पा रही है। किसानों को 72 घंटे में भुगतान का वादा किया था। इसके बावजूद किसान 8 से 10 दिन से पेमेंट के लिए भटकने को विवश हैं।
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सरकार ने नए नियमों के नाम पर किसानों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। किसानों को कतार में खड़ा कर दिया है। बायोमीट्रिक हाजिरी लगा रही है, कहीं ट्रैक्टर के नंबर लिए जा रहे हैं। किसान सरकार से दुखी होकर छोटी मंडियों, बेरी, दुबलधन, महम, सांघी, किलोई पर ताले लगा रहे हैं।
हुड्डा ने कहा कि 2014 में हमने कर्मचारियों को स्थायी बनाने का प्रस्ताव पास किया था। भाजपा सरकार ने इसे 12 साल तक उलझाए रखा। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हमारी नीति के पक्ष में फैसला दिया है। सरकार खुद के लगाए एचकेआरएन कर्मचारियों को लगातार निकालने में लगी है।
इस मौके पर विधायक भारत भूषण बतरा, पूर्व मंत्री आनंद सिंह दांगी, सुभाष बतरा, संत कुमार, चक्रवर्ती शर्मा, शहरी प्रधान कुलदीप केडी व बलवान रंगा मौजूद रहे।