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काहनौर भेजने से अच्छा हम बेटियों को घर पर ही बैठा लें

Wed, 14 Aug 2019 02:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 14 Aug 2019 02:12 AM IST
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Better to send daughters to home than sending kahanour
शिक्षा विभाग की ओर से 10 विद्यार्थी प्रति कक्षा की संख्या से कम संख्या वाले विद्यालयों के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को 10 किलोमीटर तक की दूरी वाले विद्यालयों में शिफ्ट किए जाने की सूची जारी की गई थी। इस सूची के अनुसार जिले के सुंडाना गांव के शहीद वजीर सिंह विद्यालय के विद्यार्थियों को पांच किलोमीटर दूर स्थित काहनौर गांव के राजकीय विद्यालय में शिफ्ट किया जाना है।
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मंगलवार को ग्राम पंचायत ने सुबह आठ बजे गांव के विद्यालय के गेट पर ताला जड़ कर प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने विज्ञान व अर्थशास्त्र की फैकल्टी को बहाल करने की मांग की। वहीं अभिभावकों का कहना था कि अगर उनकी बेटियों को काहनौर जाना पड़ेगा तो वे उनकी पढ़ाई छुड़वा कर घर ही बैठा लेंगे। उधर, स्कूल पर ताला जड़ने की सूचना पाते ही तहसीलदार हरिकेश कुमार गुप्ता, बीईओ पुष्पलता, थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी भूषण कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर तीन घंटे बाद ताला खुलवाया। इस बारे में बीईओ कलानौर का कहना है कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से बातचीत हुई है, उन्होंने संकाय शिफ्ट होने के बाद सुंडाना से काहनौर तक ट्रांसपोर्ट फैसिलिटी उपलब्ध करवाने की बात कही है।
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गांव के सरपंच कुलदीप ने बताया कि कलानौर खंड के सुंडाना गांव में वर्ष 1991 में हरियाणा जनता दल के तत्कालीन अध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का शुभारंभ किया था। पिछले 28 वर्षों से चल रहे इस विद्यालय से हाल ही में शिक्षा विभाग की ओर से ग्यारहवीं व बारहवीं कक्षा से विज्ञान संकाय को खत्म किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। अब विज्ञान पढ़ने की चाह रखने वाले विद्यार्थियों को गांव से पांच किलोमीटर दूर काहनौर स्थित राजकीय विद्यालय में शिफ्ट किया जाएगा। गांव से काहनौर तक का रास्ता लिंक रोड पर व पूरी तरह से सुनसान है। इसी कारण से ग्रामीण अपने बच्चों को वहां पढ़ाई करने नहीं भेजना चाहते।
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उन्होंने बताया कि काहनौर तक न तो कोई रोडवेज की सरकारी बस जाती है और न ही निजी वाहन। ऐसे में वे अपने बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते। इस कारण पंचायत सदस्यों व ग्रामीणों में मंगलवार को गांव के स्कूल पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया।
पोस्टरों पर नजर आई अर्थशास्त्र के प्राध्यापक के पद को बहाल करने की मांग
विद्यालय की ग्यारहवीं व बारहवीं कक्षा की छात्राएं गेट पर ताला लगाकर गेट के बाहर धरने पर बैठ गई। छात्राओं की मांग थी कि उनके विद्यालय से विज्ञान संकाय को न बंद किया जाए, इसके साथ ही उनकी विद्यालय में ब्लॉक किए गए अर्थशास्त्र के प्राध्यापक के पद को भी दोबारा बहाल किया जाए। जिससे उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
ग्रामीणों ने अपनी मांगों से मुझे अवगत कराया। मैंने उन्हें लिखित में उनकी समस्या को देने को कहा है। अभिभावकों की जो भी समस्या है उन्हें शिक्षा विभाग के आलाधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा।

- हरिकेश कुमार गुप्ता, तहसीलदार, कलानौर
विभाग की ओर से ग्यारहवीं व बारहवीं में प्रति कक्षा 10 विद्यार्थियों से कम की स्ट्रैंथ वाले विद्यालयों से विज्ञान संकाय को बंद करने व विद्यार्थियों को 10 किलोमीटर तक के दायरे में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है। यह फैसला विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा लिया गया है। विभाग की यह नीति केवल कलानौर खंड में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में लागू है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से बातचीत की है, उन्होंने संकाय शिफ्ट हो जाने के बाद सुंडाना से काहनौर तक ट्रांसपोर्ट फैसिलिटी उपलब्ध करवाने की बात कही है। विद्यालय से अर्थशास्त्र के प्राध्यापक की पोस्ट को ब्लॉक कर दिया गया है, यह पोस्ट अब फ्रेशर को दे दी जाएगी व पुराने प्राध्यापकों को ट्रांसफर ड्राइव में शामिल कर लिया जाएगा।
- पुष्पलता, खंड शिक्षा अधिकारी, कलानौर
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