फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Be careful, once cured with corona, it does not mean that it will not happen again

सावधान, एक बार कोरोना से ठीक हो गए तो मतलब यह नहीं कि दोबारा नहीं होगा

Thu, 18 Mar 2021 12:34 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 18 Mar 2021 12:34 AM IST
विज्ञापन
Be careful, once cured with corona, it does not mean that it will not happen again
सावधान, एक बार यदि कोरोना संक्रमण से ठीक हो गए हैं तो मतलब यह नहीं है कि दोबारा कोरोना नहीं होगा। पीजीआईएमएस में उपचार के बाद ठीक हो चुके 250 कोराना मरीजों में से सात वायरस का फिर शिकार हो गए। ठीक हो चुके मरीज दोबारा संक्रमण की चपेट में क्यों आए इसकी जांच जारी है। इसलिए जरूरी है कि कोरोना से बचें या कोरोना ग्रस्त रह चुके हैं तो स्वयं का ध्यान रखें और सुरक्षा के लिए जारी गाइड लाइन का पालन करें। यह जानकारी प्रदेश के प्रमुख नोडल अधिकारी कोविड-19 डॉ. ध्रुव चौधरी ने दी।
विज्ञापन

पीजीआईएमएस में पीसीसीएम विभागाध्यक्ष सीनियर प्रोफेसर डॉ. ध्रुव चौधरी ने बताया कि जिन लोगों को कोरोना हो चुका है या नहीं हुआ है और जिनका टीकाकरण हो चुका है, उन सभी को कोरोना से स्वयं को बचाव करना होगा। संक्रमण होने के बाद या टीका लगने के बाद जब तक शरीर में पर्याप्त संख्या में एंटीबॉडी नहीं बनती तब तक वह सामान्य व्यक्ति की तरह कभी भी वायरस का शिकार हो सकता है। कोरोना की तीसरी लहर में सबसे बड़ी समस्या है कि अब लोग संक्रमण से डर नहीं रहे हैं। पहले लॉकडाउन था और लोगों ने स्वयं को बचा कर रखा था, इसलिए हम संक्रमण की दो लहरों को बगैर किसी बड़ी क्षति के पार कर गए। लेकिन अब तीसरी लहर में यदि जागरूक नहीं हुए तो कोरोना संक्रमण हम पर भारी पड़ सकता है। कोरोना से दोबारा ग्रस्त होना सही नहीं है, क्योंकि पोस्ट कोविड मरीज का शरीर पहले ही कमजोर होता है। यदि संक्रमण दोबारा होता है तो रिकवरी में लंबा समय लग सकता है। व्यक्ति अपने कैरियर में पिछड़ सकता है। डॉ. चौधरी ने बताया कि दूसरी बार कोरोना होने पर भी पहले की तरह ही जुकाम, बुखार व खांसी जैसे लक्षण आते हैं। इसके अलावा मरीज की स्थिति शरीर में मौजूद कोरोना की एंटीबॉडी मरीज की स्थिति तय करती है।
विज्ञापन

कोरोना का अभी नया स्टेन नहीं, जांच के लिए भेजे जा रहे सैंपल
डॉ. ध्रुव चौधरी ने बताया कि जिले में कोरोना का नया स्टेन नहीं मिला है। स्टेन की जांच के लिए संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों के सैंपलों में से पांच प्रतिशत सैंपल जांच के लिए आईसीएमआर की लैब में जीनोम सिक्वेंस के लिए भेजे जा रहे हैं। यदि यहां किसी नए स्टेन की पुष्टि होती है तो हमें अधिक अलर्ट रहने की जरूरत होगी। फिलहाल देश में बाहर से नए स्टेन आ रहे हैं, जो पहले की तुलना में घातक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुरक्षा मंत्र
- दो गज दूरी और मास्क जरूरी।
- सैनिटाइजर का प्रयोग।
- भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में न जाएं।
- संदेह होने पर तत्काल जांच कराएं।
- आउट डोर की जगह इनडोर एक्टिविटी बढ़ाए।
कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में दोबारा संक्रमित होने का कारण
- कोरोना का नया स्टेन।
- एंटीबॉडी का कम होना।
- वायरस का कुछ समय शांत रहने के बाद दुबारा जागृत होना।
जिले में कोरोना के सात ऐसे मरीज हैं जो ठीक होने के बाद दोबारा संक्रमण का शिकार हुए हैं। इसमें चार स्थानीय हैं और तीन बाहर के हैं लेकिन हॉस्टल में रहते हैं। इन्हें भी जिले में शामिल कर चंडीगढ़ रिपोर्ट भेज दी गई है। नए स्टेन की जांच के लिए संक्रमित मरीजों के सैंपल जांच के लिए दिल्ली भिजवाए जा रहे हैं।
- डॉ. तरुण कुमार, पब्लिक हेल्थ मैनेजर, स्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed